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फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान के भुगतान लटके

जयदीप घोष और जश कृपलानी / नई दिल्ली/मुंबई April 10, 2019

डेट योजनाओं के जरिए ज़ी समूह में 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करने वाले म्युचुअल फंड हाउस फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (एफएमपी) में निवेशकों को भुगतान में देर कर रहे हैं। देश के सबसे बड़े म्युचुअल फंड एचडीएफसी एमएफ ने अपनी एफएमपी की अवधि का एक साल विस्तार कर अप्रैल 2020 कर दिया है। कोटक म्युचुअल फंड ने निवेशकों को सूचित किया है कि फंड हाउस इसकी परिपक्वता पर आंशिक भुगतान करेगा और बाकी का भुगतान तब होगा जब ज़ी समूह व अन्य इकाइयों से रिकवरी हो जाएगी।

 
एस्सेल समूह की इकाइयों एडिसन इन्फ्रापावर और मल्टीवेंचर्स की ऋण प्रतिभूतियों में अपनी शुद्ध परिसंपत्तियों का करीब 10 फीसदी निवेश करने वाला एचडीएफसी एफएमपी ने योजना की परिपक्वता अवधि एक साल आगे बढ़ाकर 29 अप्रैल 2020 करने का प्रस्ताव किया है। यह एफएमपी इस साल 15 अप्रैल को परिपक्व होने वाला है। नोटिस में कहा गया है, अगर यूनिटधारक इस योजना की परिपक्वता अवधि को आगे नहीं बढ़ाना चाहते तो उनकी यूनिट के लिए भुगतान मौजूदा परिपक्वता की तारीख पर एनएवी के हिसाब से कर दिया जाएगा। एचडीएफसी म्युचुअल फंड के सूत्र ने कहा कि ज्यादातर निवेशक रोलओवर के लिए सहमत हो गए हैं।
 
उद्योग की कंपनियों के मुताबिक, ज़ी समूह की कंपनियों में 50 से ज्यादा एफएमपी का निवेश है। इनमें से कई अगले कुछ महीनों में परिपक्व होने वाला है और इनकी परिपक्वता अवधि बढ़ाई जा सकती है या फिर निवेशकों को भुगतान मेंं देर हो सकती है। संपर्क किए जाने पर कोटक म्युचुअल फंड के प्रवक्ता ने कहा, तीन साल वाली एफएमपी योजना (जो अप्रैल-मई 2019 में परिपक्व होगी) ने ऋण प्रतिभूतियों, मनी मार्केट की प्रतिभूतियों और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश किया है। इसके अलावा इन योजनाओं की रकम एडिसन यूटिलिटी वक्र्स और कोंटी इन्फ्रापावर ऐंड मल्टीवेंचर्स (एस्सेल समूह की कंपनियां, जो ज़ी एंटरटेनमेंट के इक्विटी शेयरों के जरिए सुरक्षित है) और आईएलऐंडएफएस ट्रांसपोर्टेशन नेटवक्र्स लिमिटेड के गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्र में भी निवेश किया गया है। कंपनी व क्षेत्र विशेष की समस्याओं के चलते तीनों कंपनियां परेशानी का सामना कर रही है। कोंटी व एडिसन से अधिकतम रिकवरी के लिए हम एस्सेल समूह के साथ काम कर रहे हैं ताकि हमारे यूनिटधारकों को फायदा मिले और हमारा मानना है कि ऐसी रिकवरी में थोड़ी देर होगी। आईएलऐंडएफएस ट्रांसपोर्टेशन नेटवक्र्स के मामले में कोटक म्युचुअल फंड ने अपने निवेश पर 100 फीसदी प्रावधान किया है क्योंकि कंपनी को रेड श्रेणी के तौर पर वर्गीकृत किया गया है जहां रिकवरी अनिश्चित है और यह नए निदेशक मंडल/नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की समाधान योजना पर निर्भर करेगा।
 
ज़ी समूह से भुगतान में देरी हालांकि चिंता का विषय है, लेकिन उद्योग के अधिकारियों ने कहा कि आईएलऐंडएफएस में हुए करीब 6,000 करोड़ रुपये के निवेश में से ज्यादातर बट्टे खाते में डाले जा चुके हैं। कुछ कंपनियों ने 100 फीसदी निवेश बट्टे खाते में डाल दिए हैं जबकि अन्य ने 25 से 50 फीसदी की कटौती झेली है। ज़ी समूह का ऋणपत्र 11.2 फीसदी की दर पर जारी हुआ था और प्रवर्तकों ने अतिरिक्त ब्याज भुगतान का वादा किया है जब उनकी तीन कंपनियों की रणनीतिक बिक्री हो जाएगी। एक फंड मैनेजर ने कहा, हमने निवेशकों से कहा है कि उन्हें इन प्रतिभूतियों पर 15 फीसदी ज्यादा मिल सकता है, जो उससे खासा ज्यादा है जो वे अन्य प्रतिभूतियों पर अर्जित करेंगे।
 
जनवरी में समूह ने म्युचुअल फंडों व एनबीएफसी व विदेशी निवेशकों समेत 40 से ज्यादा लेनदारों के साथ सहमति पर पहुंचा था। लेनदार सैद्धांतिक तौर पर 30 सितंबर तक कंपनियों के शेयर न बेचने पर सहमत हुए हैं। एक फंड मैनेजर ने कहा, एफएमपी के भुगतान में देरी या इसकी परिपक्वता अवधि बढ़ाए जाने की वजह यह है कि ये एस्सेल समूह की कंपनियों के साथ समझौता कर चुके हैं, जो उन्हें अपने अपनी रकम की रिकवरी के लिए कोलेटरल शेयर बेचने से रोकता है।
Keyword: debt fund, market, share, FMP,,
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