बिजनेस स्टैंडर्ड - वित्त मंत्रालय से रेल को धन
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वित्त मंत्रालय से रेल को धन

शाइन जैकब / नई दिल्ली April 03, 2019

भारतीय रेलवे को वित्त मंत्रालय की ओर से राहत मिली है। वित्त मंत्रालय 5,000 करोड़ रुपये मूलधन एवं ब्याज के भुगतान के लिए सहमत हो गया है, जिसे रेलवे ने वित्त वर्ष 2018-19 की रणनीतिक रेलवे परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए अतिरिक्त बजट संसाधनों (ईबीआर) से जुटाए हैं। 

जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर क्षेत्र की रणनीतिक हिसाब से अहम परियोजनाएं या इन इलाकों को शेष भारत से जोडऩे वाली चल रही परियोजनाओं को रणनीतिक माना गया है। इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि यह रणनीतिक परियोजनाओं के वित्तपोषण की एकमुश्त योजना है और यह राशि 2018-19 के लिए 53,600 करोड़ रुपये के बजट समर्थन में से घटाई जा सकती है। 

मार्च के मध्य तक रेलवे ने पहले ही बजट समर्थन की 80 प्रतिशत राशि खर्च कर दी है। 2018-19 के पुनरीक्षित अनुमान में पूंजीगत व्यय 1,38,857.52 करोड़ रुपये था, जिसमें 53,060 करोड़ रुपये बजट समर्थन, 6,500 करोड़ रुपये आंतरिक संसाधनों से और 79,297.52 करोड़ रुपये अतिरिक्त बजट संसाधनों से जुटाए गए हैं। 

चालू दशक के शुरुआत में भारतीय रेलवे ने 14 परियोजनाओं को चिह्नित किया था। शुरुआती योजना के मुताबिक इनमें से करीब 10 परियोजाओं पर 66,327 करोड़ रुपये लागत आने की संभावना है। 2016 में राजग सरकार ने चीन की सीमा से सटे 4 परियोजनाओं को शामिल किया था, जिनमें 378 किलोमीटर की मिसामारी-टेंगा-तवांग लाइन, 498 किलोमीटर की बिलासपुर मनाली लेह लाइन, 227 किलोमीटर की पासीघाट तेजू रुपाई लाइन और 249 किलोमीटर की उत्तरी लखीमपुर-बामे-सिलापत्थर लाइनें शामिल हैं। 

रणनीतिक रेलवे लाइन की योजना को प्राथमिकता देने का एक मकसद यहभी है कि इससे सेना की टुकडिय़ों, टैंकों पर अन्य सामग्री सीमा क्षेत्र में आसानी से भेजा जा सकेगा। एक अधिकारी ने कहा, 'मौजूदा समझौता चालू वित्त वर्ष के लिए एकमुश्त व्यवस्था है, क्योंकि सरकार चाहती है कि ऐसी परियोजनाओं पर तत्काल काम शुरू हो।' 2019-20 में रेलवे ने अब तक के सबसे बड़े पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) 1,58,658 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें अब तक का सबसे ज्यादा बजट समर्थन 64,587 करोड़ रुपये शामिल है, 10,500 करोडड़ रुपये आंतरिक संसाधनों से जुटाए गए हैं और 83,571 करोड़ रुपये का इंतजाम अतिरिक्त बजट समर्थन से किया गया है। 

अधिकारी ने कहा, 'ट्रैक नवीकरण और विद्युतीकरण जैसी प्रमुख परियोजनाएओं के लिए हमने सुनिश्चित किया है कि धन की कोई कमी सामने न आए।' 2019-20 में विद्युतीकरण योजना के लिए एशिर्या विकास बैंक (एडीबी) से धन का इंतजाम किया गया है। 

सूत्रों ने कहा कि मार्च के मध्य तक 6 को छोड़कर रेलवे के सभी जोन के लिए परिचालन अनुपात 100 प्रतिशत से ऊपर रहा, सिसे वित्त वर्ष 2018-19 में परिटालन अनुपात 96.2 प्रतिशत करने का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नजर आ रहा है। परिचालन अनुपात की गणना इस आधार पर की जाती है कि कमाए गए एक रुपये पर रेलवे कितना पैसा खर्च कर रहा है।
Keyword: Indian Railway, EBR, Project, Finance, Jammu and Kashmir, Strategic Project,
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