बिजनेस स्टैंडर्ड - मार्च में रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह
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मार्च में रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह

अभिषेक वाघमारे और दिलाशा सेठ / नई दिल्ली 04 01, 2019

लक्ष्य के करीब वस्तु एवं सेवा कर संग्रह

मार्च में सीजीएसटी 203 अरब रुपये, एसजीएसटी 275 अरब रुपये और आईजीएसटी संग्रह 504 अरब रुपये रहा
बीते वित्त वर्ष चार महीने ही 1 लाख करोड़ के पार पहुंचा जीएसटी संग्रह
12 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य से 750 अरब रुपये कम

बिजनेस स्टैंडर्ड मार्च में रिकॉर्ड जीएसटी संग्रहउम्मीद से बेहतर प्रत्यक्ष कर संग्रह के बाद सरकार ने मार्च में अब तक का सबसे अधिक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह हासिल किया है। मार्च में जीएसटी संग्रह 1.06 लाख करोड़ रुपये रहा। मुआवजा अधिनियम में हाल में संशोधन किया गया है जिससे बिना वितरित किए गए उपकर का आधा हिस्सा केंद्र ने अपने पास रख लिया है, जिससे 2018-19 में सरकार राजस्व लक्ष्य हासिल कर सकती है। पूरे साल में यह चौथा महीना है जब जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये के पार गया है। 2018-19 के लिए सरकार ने हर महीने 1 लाख करोड़ रुपये जीएसटी वसूली का लक्ष्य रखा था। तिमाही भुगतान और बेहतर अनुपालन की वजह से 2018-19 वित्त वर्ष में कुल जीएसटी संग्रह 11.77 लाख करोड़ रुपये रह सकता है, जो लक्ष्य से 750 अरब रुपये कम रह सकता है।

वित्त मंत्रालय ने कहा, '2018-19 में मासिक जीएसटी राजस्व 981 अरब रुपये रहा, जो 2017-18 की तुलना में 9.2 फीसदी अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि हाल के महीनों में राजस्व वृद्धि ने जोर पकड़ा है।' मार्च में कुल जीएसटी संग्रह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 16 फीसदी अधिक है। इनमें से केंद्रीय जीएसटी 203 अरब रुपये, एसजीएसटी 275 अरब रुपये और आईजीएसटी 504 अरब रुपये रहा। इसके अलावा उपकर मद में 82 अरब रुपये मिले। ईवाई के टैक्स पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा, 'जीएसटी संग्रह में वृद्धि की मुख्य वजह कारोबार में सुगमता, कर चोरी में कमी और कारोबारियों द्वारा निरंतर जीएसटी भुगतान करना रही।'

2018-19 में सीजीएसटी बढ़कर 4.6 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया जबकि संशोधित लक्ष्य 5.04 लाख करोड़ रुपये का था यानी इस मद में लक्ष्य से करीब 450 अरब रुपये की कम आय हुई। हालांकि उपकर मुआवजा खाते की राशि, जिसका भुगतान राज्यों को नहीं किया गया है, से इस कमी की भरपाई हो जाएगी। वित्त मंत्रालय ने कहा कि इससे केंद्र सरकार को संशोधित जीएसटी लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। उपकर मुआवजे की राशि का वितरण हर दो माह में राज्यों के बीच किया जाता है। इस मद में अभी 400 अरब रुपये जमा हैं।

बिजनेस स्टैंडर्ड मार्च में रिकॉर्ड जीएसटी संग्रहहर राज्य के लिए प्रत्येक साल जीएसटी राजस्व 14 फीसदी बढऩे का अनुमान लगाया गया है, लेकिन इससे कम वृद्धि होने पर उपकर मद से इसकी भरपाई की जाती है। बजट दस्तावेजों से पता चलता है कि 517 अरब रुपये मुआवजा उपकर मद में हस्तांतरित किए जाने की उम्मीद है। सरकार ने कानून में संशोधन किया था जिसके बाद बिना वितरित मुआवजा उपकर मद की 50 फीसदी राशि किसी भी समय पांच साल की अवधि समाप्त होने तक केंद्र को हस्तांतरित की जा सकती है। 

हालांकि इस आंकड़े में वृद्धि होने की उम्मीद है। राजस्व के आंकड़े से राजकोषीय घाटे के 3.4 फीसदी के लक्ष्य के करीब पहुुंचने में सरकार को मदद मिलेगी। फरवरी तक राजकोषीय घटा लक्ष्य का 34.2 फीसदी हो गया था। खेतान ऐंड कंपनी के पार्टनर अभिषेक रस्तोगी नेे कहा, 'जीएसटी संग्रह के आंकड़े काफी उत्साहजनक हैं लेकिन इसकी खबर है कि भुगतान नकद किए गए हैं और क्रेडिट का इस्तेमाल नहीं किया गया है, जो कि एक अहम पहलू है। इसके साथ लंबित रिफंड को भी ध्यान में रखना होगा।'

सरकार ने 2019-20 में सीजीएसटी संग्रह का लक्ष्य 6.1 लाख करोड़ रुपये रखा है जो वित्त वर्ष 2019 के संशोधित लक्ष्य से 21 फीसदी अधिक है। पीडब्ल्यूसी इंडिया में पार्टनर एवं लीडर अप्रत्यक्ष कर प्रतीक जैन ने कहा, 'इस कठिन लक्ष्य को हासिल करने के लिए कर आधार बढ़ाने और कर चोरी को रोकने के उपाय करने होंगे, क्योंकि कर वृद्धि की संभावना सीमित है।' इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कहा, 'वित्त वर्ष 2019 की तीसरी और चौथी तिमाही में जीएसटी संग्रह में आई तेजी अगर आगे और जोर पकड़ती है तभी वित्त वर्ष 2020 के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।'
Keyword: revenue, GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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