बिजनेस स्टैंडर्ड - '2020 में भी फ्लिपकार्ट से दबाव रहेगा बरकरार'
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'2020 में भी फ्लिपकार्ट से दबाव रहेगा बरकरार'

पीरजादा अबरार / बेंगलूरु March 31, 2019

दुनिया की सबसे बड़ी रिटेलर वॉलमार्ट ने कहा है कि 16 अरब डॉलर में ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण का जहां वित्त वर्ष 2019 में उसकी शुद्घ आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, वहीं वित्त वर्ष 2020 में भी यह दबाव बना रहेगा। वॉलमार्ट ने अपनी सालाना वित्तीय रिपोर्ट में कहा, 'मौजूदा परिचालन का वित्त वर्ष 2019 की शुद्घ आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है और वित्त वर्ष 2020 में भी हालात चुनौतीपूर्ण बने रहेंगे।' अरकंसास के बेंटनविले में स्थित कंपनी अमेरिकी प्रतिस्पर्धी अमेजॉन से प्रतिस्पर्धा करती है और उसने वित्त वर्ष 2019 में 514 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया जबकि पूर्ववर्ती वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 500 अरब डॉलर था जो 2.8 प्रतिशत की वृद्घि है। हालांकि यह वृद्घि पूर्ववर्ती वित्त वर्ष की तुलना में धीमी रही। पूर्ववर्ती वर्ष में कंपनी ने राजस्व में 3 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज की थी। सकल मुनाफा दर वित्त वर्ष 2019 के लिए 18 आधार अंक नीचे आ गई। वॉलमार्ट के तेजी से बढ़ रहे ई-कॉमर्स व्यवसाय के मिश्रित प्रभाव, फ्लिपकार्ट के समेकन और उसकी प्लान-प्राइसिंग रणनीति तथा बढ़ती परिवहन लागत की वजह से सकल मुनाफे में कमी आई है। 

 
वित्त वर्ष 2019 के लिए वॉलमार्ट की प्रभावी आयकर दर 37.4 प्रतिशत थी जो पूर्ववर्ती वर्ष में 30.4 प्रतिशत थी। हालांकि कर कटौती और 2017 के जॉब्स ऐक्ट की वजह से अमेरिकी सांविधिक दर कम थी, लेकिन वॉलमार्ट ने वॉलमार्ट-ब्राजील में बड़ी हिस्सेदारी बिक्री समेत कई कारकों की वजह से प्रभावी आयकर दर में वृद्घि दर्ज की। इसके परिणामस्वरूप, वॉलमार्ट ने वित्त वर्ष 2019 में 7.2 डॉलर की समेकित शुद्घ आय दर्ज की जो वित्त वर्ष 2018 के 10.5 अरब डॉलर की तुलना में 3.3 अरब डॉलर कम है। वित्त वर्ष 2019 में प्रति शेयर आय (ईपीएस) भी वित्त वर्ष 2018 के 3.28 डॉलर की तुलना में घटकर 2.26 डॉलर रह गई।  वॉलमार्ट के कुल दीर्घावधि ऋण भी बढ़कर 11.6 अरब डॉलर पर पहुंच गए, जो वित्त वर्ष 2018 में 10.5 अरब डॉलर पर थे। 
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