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ई-मार्केटप्लेस करेगा कॉफी मांग पूरी

शुभायन चक्रवर्ती / नई दिल्ली March 28, 2019

विकसित देशों में भारतीय कॉफी की मांग बढ़ रही है, इसलिए सरकार ने हाल में भारतीय कॉफी के लिए एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस स्थापित किया है। सरकार का मकसद यह है कि देश के 3.6 लाख कॉफी उत्पादक किसानों को बेहतर कीमत मिले और भारतीय कॉफी की दुनियाभर में पहचान बने। सरकार ने इस मार्केटप्लेस में ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल किया है ताकि घरेलू और वैश्विक बाजारों में बेची जाने वाली कॉफी की हर बोरी का पता लगाया जा सके। इसमें वैश्विक खरीदारों को उत्पादकों से सीधे जोडऩे की भी कोशिश की गई है। यह मार्केटप्लेस आज शुरू किया गया। यह ऐप आधारित मार्केटप्लेस फिलहाल एक प्रायोगिक परियोजना है और इसे मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर इसका विस्तार किया जाएगा। 
 
कॉफी बोर्ड के चेयरमैन श्रीवत्स कृष्णा ने कहा, 'पहली बार दुनिया में ऐसा पोर्टल कहीं स्थापित किया गया है। इथियोपिया और फ्रांस जैसे प्रमुख कॉफी उत्पादक देशों ने अपनी उपज की प्रामाणिकता का पता लगाने के लिए ऐसी ही व्यवस्था लागू की है, लेकिन किसी ने भी केवल कॉफी के लिए मार्केटप्लेस नहीं बनाया है।' कॉफी की ब्रांड वैल्यू बढ़ाने के लिए इसका पता लगाने पर जोर दिया गया है। यह मार्केटप्लेस उपयोगकर्ताओं के लिए विकेंद्रित, लॉक्ड लेजर का परिचालन करता है। कॉफी बोर्ड को उम्मीद है कि इस पहल से किसानों को अपनी उपज की बेहतर कीमत मिलेगी और 2022 तक उनकी औसत आमदनी दोगुनी हो जाएगी। कृष्णा ने कहा, 'इस समय इस नकद फसल के किसान को भारत से खरीदी जाने वाले कॉफी के प्रत्येक कप की कीमत केवल 5 सेंट मिलती है, जबकि इसे न्यूयॉर्क शहर में 4 डॉलर में बेचा जाता है।' बहुत से उत्पादक पहली बार अपनी कॉफी की वैश्विक बाजारों में कीमत की उचित थाह ले सकेंगे। उन्हें सरकार से सत्यापित ब्योरे मिलेंगे और आपूर्ति शृंखला के सभी चरणों की सूचनाएं मिलेंगी। इससे उत्पादक कड़ी सौदेबाजी करने की स्थिति में होंगे। यह पोर्टल लेजर और लेनदेन के लिए एक सुरक्षित ऑनलाइन खाका मुहैया कराएगा। इस पोर्टल को पिछले साल से सितंबर से विकसित किया जा रहा है। उस समय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने इसकी घोषणा की थी। उन्होंने विभिन्न प्रकार की कॉफी को भौगोलिक संकेतक (जीआई) मुहैया कराने की प्रक्रिया को तेज करने का भी वादा किया था, जिस पर अभी काम चल रहा है। 
 
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक देश में कॉफी उत्पादन का रकबा बढ़कर करीब 4.54 लाख हेक्टेयर हो गया है। देश में करीब 3.6  लाख किसान कॉफी की खेती करते हैं। इनमें से 98 फीसदी छोटे किसान हैं। भारत दुनिया का 7वां सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक है। इसकी खेती मुख्य रूप से कर्नाटक (कुल उत्पादन का 54 फीसदी), केरल (19 फीसदी) और तमिलनाडु (8 फीसदी) में होती है। कॉफी उत्पादन के आंकड़े दर्शाते हैं कि देश में 2017-18 में कॉफी का कुल उत्पादन 3,16,000 टन रहा। इसमें 95,000 टन अरेबिका किस्म और 2,21,000 टन रोबस्टा किस्म थी। वाणिज्य सचिव अनूप वधावन ने कहा, 'इस बदलावकारी पहल से भारतीय कॉफी पर नजर रखी जा सकेगी और इससे उसकी ब्रांड छवि बनेगी। उत्पादकों की बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी क्योंकि उनका खरीदारों से सीधा संपर्क होगा। उन्हें अपनी उपज की उचित कीमत मिलेगी।' 
Keyword: coffee, marketplace, portal,,
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