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विनिवेश का लक्ष्य हुआ पार

अरूप रॉयचौधरी / नई दिल्ली March 22, 2019

निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने लगातार दूसरे साल विनिवेश के लिए तय लक्ष्य को पार कर लिया। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने 80,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था जिसके मुकाबले 85,000 करोड़ रुपये विनिवेश से हासिल किए गए। पावर फाइनैंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) ने रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (आरईसी) में सरकार की 52.63 फीसदी हिस्सेदारी को 14,500 करोड़ रुपये में खरीदा है। यह सौदा आज पूरा हो गया। इस बीच सरकार को केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (सीपीएसई ईटीएफ) की पांचवीं किस्त से करीब 9,500 करोड़ रुपये मिले हैं। इससे कुल मिलाकर एक दिन में सरकार को 24,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
 
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर बताया, '80,000 करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य के मुकाबले इस साल 85,000 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है।' 2017-18 में दीपम ने बजट लक्ष्य 72,500 करोड़ रुपये के मुकाबले रिकॉर्ड 1 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश हासिल किया था। इनमें से ज्यादातर रकम ओएनजीसी द्वारा हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिग्रहण से हासिल हुई थी। 2019-20 के लिए 90,000 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य रखा गया है। 28 फरवरी तक केंद्र सरकार को विनिवेश से 56,473.32 करोड़ रुपये मिले थे। मार्च में पीएफसी-आरईसी सौदे के साथ ही साथ सीपीएसई ईटीएफ की पांचवीं किस्त के अलावा दीपम को ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन में रणनीतिक बिक्री से 1,000 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अतिरिक्त शत्रु के शेयरों की बिक्री से करीब 2,000 करोड़ रुपये प्राप्ति हुई है। सरकार इसी महीने मझगांव डॉक्स और एमएसटीसी के आईपीओ भी लाई थी।
 
वर्षों से दीपम अपने दो जाने माने ईटीएफ -सीपीएसई ईटीएफ और भारत 22 ईटीएफ पर निर्भर रहा है। इस वित्त वर्ष के दौरान दो बार भारत 22 की पेशकश की गई, जिससे सरकार को 18,729.85 करोड़ रुपये मिले। दूसरी ओर सीपीएसई ईटीएफ से उसे कुल 26,500 करोड़ रुपये हासिल हुए। इसमें ताजा पेशकश से जुटाई गई रकम भी शामिल है।  इसके अलावा पुनर्खरीद भी है। ओएनजीसी, ऑयल इंडिया, बीएचईएल, नालको और दूसरे सार्वजनिक उपक्रमों ने शेयरों की पुनर्खरीद की जिससे सरकार को करीब 10,000 करोड़ रुपये मिले। 
 
पीएफसी-आरईसी सौदे के अलावा कुछ छोटे स्तर के अधिग्रहण भी हुए। इनमें एनबीसीसी द्वारा एचएससीसी लिमिटेड की खरीद तथा डब्ल्यूएपीसीओएस द्वारा एनपीसीसी लिमिटेड का अधिग्रहण शामिल है।  इस साल आए कुछ अन्य आईपीओ में इरकॉन, राइट्स, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स और मिश्र धातु निगम लिमिटेड शामिल हैं। कोल इंडिया में 3 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री की  पेशकश की गई जिसका मूल्य 5,218 करोड़ रुपये था। 
Keyword: Disinvestment, dipam, IPO,,
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