बिजनेस स्टैंडर्ड - पाम तेल आयात में उछाल के आसार
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पाम तेल आयात में उछाल के आसार

रॉयटर्स / मुंबई March 18, 2019

भारत का पाम तेल आयात 2018-19 के दौरान एक साल पहले की तुलना में 10 प्रतिशत उछाल के साथ रिकॉर्ड शीर्ष स्तर पर जाने की संभावना है। कीमतों में तेज गिरावट के कारण प्रतिस्पर्धी तेल और सूरजमुखी तेल की तुलना में यह उष्णकटिबंधीय तेल खरीदारों के लिए अधिक आकर्षक हो गया है। उद्योग के अधिकारियों ने रॉयटर्स को यह जानकारी दी है। दुनिया के इस सबसे बड़े खाद्य तेल आयातक द्वारा अधिक खरीद करने से पाम तेल की कीमतों में मजबूती आ सकती है जो तीन महीनों में अपने निम्नतम स्तर के आस-पास चल रही हैं। व्यापारिक कंपनी जीजी पटेल ऐंड निखिल रिसर्च कंपनी केप्रबंध निदेशक गोविंदभाई पटेल ने कहा कि आने वाले महीनों में पाम तेल का आयात बढऩे वाला है। दामों के मौजूदा स्तर पर सोया तेल और सूरजमुखी तेल की तुलना में यह बहुत प्रतिस्पर्धी है। 1 नवंबर से शुरू होने वाले विपणन वर्ष 2018-19 के दौरान देश का पाम तेल आयात पिछले साल की तुलना में 10.3 प्रतिशत उछलकर 96 लाख टन के स्तर पर जा सकता है।
 
मुंबई की व्यापारिक संस्था सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार पाम तेल की छूट से प्रतिस्पर्धी सोया तेल के बीच का अंतर प्रति टन 200 डॉलर से ज्यादा तक बढ़ गया है जबकि मार्च 2018 में यह अंतर 133 डॉलर था। कमजोर मांग और प्रचुर आपूर्ति के कारण मलेशिया के पाम तेल का वायदा शुक्रवार को गिरकर 499.82 डॉलर प्रति टन के स्तर पर आ गया जो तीन महीने में सबसे निचला स्तर है। पटेल ने कहा कि भारत का सूरजमुखी तेल आयात मुख्य रूप से लगभग 25 लाख टन के आस-पास स्थिर रहने की संभावना है लेकिन सोया तेल आयात पिछले साल के 30.5 लाख टन की तुलना में कुछ गिर सकता है क्योंकि स्थानीय आपूर्ति बढ़ी है। 
 
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार 2018-19 में सोयाबीन का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 38 प्रतिशत बढ़कर 1.15 करोड़ टन रहने का अनुमान है। भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम तेल तथा अर्जेंटीना और ब्राजील से सोया तेल आयात करता है। यह यूक्रेन से कुछ मात्रा में सूरजमुखी तेल और कनाडा से राई का तेल भी खरीदता है। एसईए के कार्यकारी निदेशक बीवी मेहता ने कहा कि पाम तेल के दाम आकर्षक हैं लेकिन रिफाइनिंग मार्जिन कम होने के कारण रिफाइनरों की कमाई नहीं हो रही है। मेहता ने कहा कि चूंकि रिफाइनरों को पाम तेल की रिफाइनिंग से कम कमाई हो रही है इसलिए वे कम कीमतों के बावजूद बढ़चढ़कर आयात नहीं कर रहे हैं। भारत द्वारा शुल्क संरचना में बदलाव के बाद मलेशिया से आने वाल कच्चे तेल और रिफाइंड पाम तेल के बीच आयात शुल्क का अंतर कम होकर पांच प्रतिशत पर आ गया है।
 
वैश्विक व्यापारिक कंपनी के मुंबई स्थित एक डीलर ने कहा कि शुल्क के कम अंतर से कुछ व्यापारियों को कच्चे तेल के बजाय रिफाइंड पाम तेल आयात करने का प्रोत्साहन मिल रहा है। चालू विपणन वर्ष में देश का रिफाइंड पाम तेल आयात पिछले साल के मुकाबले एक-तिहाई बढ़कर 28 लाख टन रह सकता है। उन्होंने कहा कि सर्दी खत्म होने वाली है। चूंकि पाम सस्ता है और तापमान बढ़ रहा है इसलिए रिफाइनर आयात बढ़ाएंगे। भारत में सर्दी के महीनों में घरों की पाम तेल खपत गिर जाती है क्योंकि यह उष्णकटिबंधीय तेल कम तापमान पर जम जाता है।
Keyword: palm, oil, import, export,,
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