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स्थिर हो सकते हैं घरों के दाम

अभिषेक वाघमारे / नई दिल्ली March 18, 2019

मंगलवार को होने जा रही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 34वीं बैठक में निर्माणाधीन घरों पर नई दरों को लागू करने के नियमों पर चर्चा होगी और उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके अलावा इस बैठक में जीएसटी अपील अधिकरण (जीएसटीएटी) के क्षेत्रीय पीठों को मंजूरी दी जाएगी। इसके राष्टï्रीय पीठ की मंजूरी जनवरी में दी गई थी। जहां परिषद के पहले निर्णय से घर खरीदारों और बिल्डरों के बीच पारदर्शिता आएगी वहीं दूसरे निर्णय से आपूर्ति वाले स्थान से संबंधित विवादों के तीव्र समाधान में मदद मिलेगी। सूत्रों ने बताया कि जीएसटी परिषद उस फॉर्मूले पर विचार करेगी जिसके तहत यह स्पष्टï किया जाएगा कि खरीदे गए इनपुट के बदले डेवलपर व्यवस्था में मौजूद इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का कितना हिस्सा निकाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह पंजीकृत डीलरों से 80 फीसदी खरीदारी करने की बाध्यकारी जरूरत के अतिरिक्त है। इस बैठक में तय किए गए व्यवस्था से जीएसटी देनदारी के बदले मिलने वाले आईटीसी में से वापस मिलने वाली राशि का निर्धारण हो सकेगा। आईटीसी की राशि में से उपयोग होने वाली राशि के निर्धारण के लिए 1 अप्रैल तक पूरी हुई परियोजना का हिस्सा, 31 मार्च से पहले तक खरीदे गए कुल इनपुट में से बिल तैयार किए इनपुट का हिस्सा और उनके लिए कराधान की सीमा प्रमुख मानदंड होंगे।  
 
विशेषज्ञों का कहना है कि इस व्यवस्था से बदले में बिल्डरों को निर्माणाधीन अनबिके घरों की सूची में शामिल मकानों के दाम तय करने में मदद मिलेगी क्योंकि वे इकाई के आधार पर आईटीसी आवंटित करने में सक्षम होंगे।  उल्लेखनीय है कि परिषद ने इसी महीने हुई अपनी बैठक में सस्ते आवासों पर जीएसटी दर को घटा कर 1 फीसदी और 45 लाख रुपये से अधिक व निर्धारित आकार से बड़े कार्पेट एरिया वाले मकानों पर 5 फीसदी कर दिया था। यह व्यवस्था 1 अप्रैल के बाद से लागू हो जाएगी। लेकिन इसके तहत बिल्डरों को आईटीसी का लाभ नहीं मिलेगा।  
 
अधिकारियों ने बताया कि बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के मकानों पर कम किए गए कर दरों पर रियल एस्टेट डेवलपरों ने कई प्रकार की आशंकाएं जताई थी, जिसका काफी हद तक इस बैठक में समाधान किया जाएगा। इससे आवासीय बाजार में घर खरीदारों और बिल्डरों के बीच पादर्शिता आएगी। क्लियर टैक्स के मुख्य कार्याधिकारी अर्चित गुप्ता ने कहा, 'या तो कीमत सभी बोर्ड में कम किया जाना चाहिए या फिर यह बहुत अधिक कारकों पर निर्भर नहीं करना चाहिए। हालांकि कीमत निर्धारण के लिए मकान तैयार होने के चरण और संबंधित इकाई (फ्लैट/मकान) के लिए इनपुट खरीदने का समय भी प्रमुख भूमिका निभाएगा।'
 
दूसरा एजेंडा वाला बड़ा मुद्ïदा जीएसटी अपील अधिकरण के क्षेत्रीय पीठों के स्थापना के लिए मंजूरी मिलना होगा। परिषद जिस राज्य को इसके गठन के लिए कहेगी उसे इसका गठन करना होगा। लॉटरी पर जीएसटी दर को बराबर करने के निर्णय को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया है। 
Keyword: real estate, property, GST, RERA,,
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