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हफ्ते भर में जेट का समाधान!

सुरजीत दास गुप्ता और अभिजित लेले / नई दिल्ली/मुंबई March 15, 2019

जेट एयरवेज के प्रवर्तक नरेश गोयल और संयुक्त उपक्रम साझेदार एतिहाद एयरवेज बैंक की अगुआई वाली समाधान योजना पर सहमति बनाने के करीब पहुंच गए हैं और हफ्ते भर के अंदर इस पर समझौता होने की उम्मीद है। विमानन कंपनी के पुनर्गठन प्रक्रिया में शामिल बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हम आशा करते हैं कि एक हफ्ते के अंदर जेट एयरवेज का समाधान हो जाएगा। हर दिन गंभीरता से बातचीत की जा रही है।

हमारी इच्छा है कि विमानन कंपनी का परिचालन जारी रहे और गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) खाते और इसमें यही बुनियादी अंतर है।' उन्होंने यह भी कहा कि वे समग्र समधान पर काम कर रहे हैं न कि आंशिक समाधान पर। जेट के दोनों साझेदारों ने 4,000 करोड़ रुपये के अंतरिम वित्तपोषण पर पहले ही सहमति जता दी है, जिसके तहत एतिहाद अपने पास 750 करोड़ रुपये निवेश करेगी या विदेशी कर्जदाताओं से पैसे जुटाएगी, वहीं जेट के ऋणदाता भी इतनी ही रकम कंपनी में डालेंगे। गोयल भी जेट एयरवेज में अपनी 34.9 फीसदी हिस्सेदारी जेट प्रिविलेज (जेपीपीएल) में अंतरिम ऋण के लिए एतिहाद और ऋणदाताओं के पक्ष में गिरवी रखेंगे।

जेट एयरवेज की जेपीपीएल में 49.9 फीसदी हिस्सेदारी है, शेष हिस्सेदारी एतिहाद के पास है। अनुमान के मुताबिक गिरवी शेयरों का मूल्य करीब 1,700 करोड़ रुपये है, जो बैंक और एतिहाद द्वारा मुहैया कराई गई रकम को कवर करने के लिए पर्याप्त है। प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए जेट एयरवेज को नागरिक उड्डïयन मंत्रालय से भी शेयरों को गिरवी रखने की मंजूरी मिल गई है।

एतिहाद और गोयल के बीच मतभेद को दूर करने के लिए बातचीत चल रही है। दोनों के बीच प्रवर्तक की हिस्सेदारी 22 फीसदी तक सीमित बनाए रखने के प्रावधान को लेकर विवाद है। एतिहाद इस बात पर जोर दे रही है कि गोयल को 22 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी बढ़ाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। इसके साथ ही अगर उनकी हिस्सेदारी बढ़ती है तब भी कंपनी के निदेशक मंडल में गोयल के नामितों की संख्या भी दो तक सीमित होना चाहिए।

हालांकि गोयल ने आपसी सहमति पत्र पर 'शेयरधारिता को सीमित बनाए रखने' के प्रावधान को हटाए जाने की शर्त पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। गोयल की शर्त है कि प्रवर्तक की शेयरधारिता पर कोई सीमा न हो और हिस्सेदारी बढऩे पर निदेशकों को नामित करने पर भी कोई बंदिश न हो। ऋणदाताओं के कंसोर्टियम में शामिल एक बैंक के वरिष्ठï अधिकारी ने कहा कि शेयरधारिता की सीमा को लेकर मतभेद कोई बड़ा मामला नहीं है और समाधान योजना की राह में यह अड़चन नहीं बनेगा।

जेट एयरवेज पिछले कुछ समय से भारी मुश्किलों का सामना कर रही है और पट्टेदारों का बकाया नहीं चुका पाने की वजह से उसके 59 से ज्यादा विमान खड़े हो गए हैं। गोयल ने आगाह किया है कि अगर अंतरिम वित्तपोषण नहीं मिला तो विमानन कंपनी का परिचालन ठप पड़ सकता है। जेट पहले ही एचएसबीसी बैंक से लिए गए बाह्यï वाणिज्यिक उधारी की 3.1 करोड़ डॉलर की किस्त चुकाने में चूक कर चुकी है और 27 मार्च को 10.9 करोड़ डॉलर के भुगतान में भी चूक करने की आशंका है। 

Keyword: Jet airways, Airlines, debt, Lender, Bank, State Bank of India, Aviation, Resolution Plan, etihad airways,
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