बिजनेस स्टैंडर्ड - चुनाव से पहले शिलान्यास की होड़
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चुनाव से पहले शिलान्यास की होड़

शाइन जैकब और इंदिवजल धस्माना / नई दिल्ली March 08, 2019

लोकसभा चुनावों के मद्देनजर मोदी सरकार मतदाताओं को रिझाने का कोई मौका नहीं गंवाना चाहती है। वह चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लगने से पहले दनादन परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 फरवरी से कई परियोजनाओं का शुभारंभ कर चुके है मोदी ने कम से कम दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की 50 परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि शामिल नहीं है जिसके तहत किसानों को हर साल 75,000 करोड़ रुपये देने का दावा किया जा रहा है। मोदी मंत्रिमंडल ने मात्र 16 दिन में 94 परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। इनमें 31,000 करोड़ रुपये की बिजली परियोजनाएं, सॉफ्टवेयर उत्पाद एवं इलेक्ट्रॉनिक नीति के साथ ही उच्च शिक्षा में आरक्षण की नीति शामिल है। 

मोदी ने 15 फरवरी से कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया है। इनमें देश की सबसे तेज ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस से लेकर पीएम किसान सम्मान निधि योजना और राष्ट्रीय समर स्मारक जैसी हर क्षेत्र की परियोजनाएं शामिल हैं। पुलवामा हमले के बाद मोदी ने नई दिल्ली से अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी। इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय में चार घंटे की कटौती होगी। इसके बाद से ही मोदी धड़ाधड़ कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर रहे हैं। इनमें सबसे अहम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि है जिसकी शुरुआत 24 फरवरी को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से की गई। इसके तहत पैसे सीधे किसानों के खाते में डाले जाएंगे और इससे 12 करोड़ किसानों को फायदा मिलने का दावा किया जा रहा है। सरकारी अनुमानों के मुताबिक इस योजना के तहत हर साल करीब 75,000 करोड़ रुपये किसानों के खाते में डाले जाएंगे। 

इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में क्लाशनिकोव असॉल्ट राइफल के उत्पादन के लिए भारत और रूस की संयुक्त परियोजना का उद्घाटन किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि अमेठी में बनी एके-203 राफइलों से हमारे सैनिकों को आतंकवादियों और माओवादियों के खिलाफ मुठभेड़ में बढ़त हासिल होगी। इस उपक्रम से अमेठी के युवाओं को रोजगार के नए मौके मिलेंगे और देश के विकास और सुरक्षा का नया रास्ता खुलेगा।

 

शहरी परिवहन क्षेत्र के लिए भी चुनावी मौसम वरदान बनकर आया है क्योंकि कई मेट्रो और सड़क परियोजनाओं को सरकार ने हरी झंडी दी है। इनमें नागपुर, पटना, लखनऊ, आगरा और अहमबाद में मेट्रो परियोजनाएं शामिल हैं। चुनावी रेवडिय़ों का सबसे ज्यादा फायदा नीतीश कुमार के बिहार को मिला। 17 फरवरी को मोदी ने एक साथ बिहार में कम से कम 33,000 करोड़ रुपये की परियोंजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें बरौनी तेलशोधक कारखाने की क्षमता 30 लाख टन बढ़ाना, जगदीशपुर-हल्दिया-धामरा पाइपलाइन और पटना शहर गैस वितरण परियोजना शामिल है। 

19 फरवरी और आठ मार्च को मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र में 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को हरी झंडी दी। इनमें स्वास्थ्य, सफाई, स्मार्ट सिटी, कनेक्टिविटी, बिजली, आवास और अन्य क्षेत्र की परियोजनाएं और विरासत गलियारा परियोजना शामिल हैं। खबरों के मुताबिक मोदी ने आज लखनऊ में 65,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई। इनमें 660 मेगावाट की नई बिजली उत्पादन और वितरण इकाई तथा लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना का उद्घाटन शामिल है। 

झारखंड में मोदी का जोर बुनियादी क्षेत्र के विकास पर था। उन्होंने राज्य में हजारीबाग, दुमका और पलामू में अस्पतालों की आधारशिला रखी और कुछ ग्रामीण जलापूर्ति परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया। उन्होंने तमिलनाडु के कांचीपुरम और कर्नाटक के कलबुर्गी दौरे में नौ परियोजनाओं का उद्घाटन किया। तमिलनाडु में प्रधानमंत्री ने विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की शुरुआत की। साथ ही उन्होंने सालाना 50 लाख मीट्रिक टन क्षमता के एन्नोर एलएनजी टर्मिनल को भी राष्टï्र को समर्पित किया। उन्होंने इरोड-करूर-तिरुचिरापल्ली तथा सेलम-करूर-डिंडिगुल रेलवे लाइनों की विद्युतीकरण परियोजनाओं का उद्घाटन किया। 

मंत्रिमंडल और मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 19 फरवरी को 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी जबकि 28 फरवरी को 36 और 7 मार्च को 28 प्रस्तावों को हरी झंडी दी। इस तरह मंत्रिमंडल ने 16 दिन में 94 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें नई इलेक्ट्रॉनिक नीति शामिल है जिसका मकसद 2025 तक देश में 400 अरब डॉलर की इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण उद्योग विकसित करना और एक करोड़ नौकरियां पैदा करना है। सॉफ्टवेयर नीति में एक पंचवर्षीय खाका खींचा गया है जिसमें 35 लाख नौकरियां पैदा करना और 1,500 करोड़ रुपये के शुरुआती बजट के साथ 10,000 स्टार्टअप को बढ़ावा देना है। 

सरकार द्वारा मंजूर प्रस्तावों में तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं, पोंजी स्कीमों पर लगाम लगाने, भारतीय चिकित्सा परिषद के कायाकल्प और उच्च शिक्षा में रोस्टर आधारित आरक्षण को बहाल करने के लिए लाए गए अध्यादेश शामिल हैं।
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