बिजनेस स्टैंडर्ड - 15,500 करोड़ रु. का कर्ज मंजूर
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15,500 करोड़ रु. का कर्ज मंजूर

बीएस संवाददाता/एजेंसियां / नई दिल्ली March 07, 2019

चीनी मिलों में एथनॉल क्षमता बढ़ाने के लिए आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने गुरुवार को 15,500 करोड़ रुपये के दूसरे सस्ते ऋण (सॉफ्ट लोन) को मंजूरी प्रदान की। आसान शर्तों पर दिए जाने वाले इस ऋण पर सरकार 3,355 करोड़ रुपये का कुल ब्याज का वहन करेगी।

इसमें 2,600 करोड़ रुपये का सस्ता ऋण भी शामिल है जो शीरा-आधारित डिस्टिलरियों को क्षमता वृद्घि और नई इकाइयों की स्थापना के लिए दिया जाएगा। जून 2018 में सरकार ने 4,400 करोड़ रुपये के सस्ते ऋण की घोषणा की थी और पांच साल की अवधि के लिए चीनी मिलों को 1,332 करोड़ रुपये की ब्याज छूट मुहैया कराई थी। इसमें एथनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए एक वर्ष की रियायती अवधि भी शामिल है।

अब तक खाद्य मंत्रालय ने 6,000 करोड़ रुपये के ऋणों के लिए 114 आवेदन स्वीकार किए हैं जबकि 13,400 करोड़ रुपये के सस्ते ऋणों के आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों को बताया, 'एथनॉल क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने अतिरिक्त कोष को मंजूरी दी है। ये अतिरिक्त कोष दो श्रेणियों - 2,790 करोड़ रुपये और 565 करोड़ रुपये- में होंगे।'

उन्होंने कहा कि अतिरिक्त कोष चीनी क्षेत्र में वित्तीय दबाव दूर करने के सरकार के उपायों का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, 'चीनी मिलों पर बकाया बरकरार है जिससे उनका दबाव बढ़ रहा है। सरकार मिलों की आय बढ़ाने की कोशिश कर रही है।' जेटली से जब यह पूछा गया कि क्या सॉफ्ट लोन से गन्ना बकाया का बोझ घटाने में मदद मिलेगी, तो उन्होंने कहा कि इसका तुरंत कोई असर नहीं दिखेगा, लेकिन दीर्घावधि में ऐसा संभव होगा। इस विपणन वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) के फरवरी तक गन्ना बकाया 20,000 करोड़ रुपये को पार कर गया है। खाद्य मंत्रालय शीरा-आधारित प्रमुख डिस्टिलरियों के लिए एक अलग योजना तैयार करेगा।

जून 2018 में सीसीईए द्वारा स्वीकृत योजना के अनुसार ब्याज राशि सालाना 6 प्रतिशत या बैंकों द्वारा वसूले जाने वाली ब्याज की वाणिज्यिक दर के 50 प्रतिशत (जो भी कम हो) पर देय होगी। भारतीय चीनी मिल संगठन (इस्मा) के महानिदेशक अबिनाश वर्मा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा, 'सितंबर 2018 में 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋणों की पिछली मंजूरी के साथ, 15,500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋणों से देश में अन्य 300-400 करोड़ लीटर एथनॉल क्षमता के निर्माण में मदद मिल सकती है।'

उन्होंने कहा कि 355 करोड़ लीटर की मौजूदा एथनॉल क्षमता को देखते हुए देश में अगले साल पेट्रोल के साथ इसके मिश्रण की मात्रा 10 प्रतिशत को पार कर जाने का अनुमान है। गन्ने से तैयार एथनॉल का इस्तेमाल पेट्रोल में मिश्रण के लिए किया जाएगा और इससे गन्ना किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिलेगा। पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण से देश को अपना तेल आयात घटाने में भी मदद मिलेगी। 

इस महीने के शुरू में, सीसीईए ने चीनी मिलों के लिए 8,000-10,000 करोड़ रुपये के सॉफ्ट लोन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी जिसे किसानों को प्रत्यक्ष रूप से चुकाया जाएगा। ये ऋण एक साल के लिए 7-10 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर दिए जाएंगे और इसके लिए सरकार 553-1,054 करोड़ रुपये की ब्याज सब्सिडी स्वयं वहन करेगी। यह ऋण प्रत्यक्ष रूप से किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाएगा। 

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