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कंपनियों को बेचने की वैकल्पिक व्यवस्था

अरूप रायचौधरी / नई दिल्ली March 07, 2019

सरकारी कंपनियों के निजीकरण से संबंधित फैसले लेने वाले मंत्रिसमूह को अब समय, मूल्य और कंपनी के शेयरों की मात्रा तय करने का हक होगा, जिन्हें बिक्री के लिए छांटा गया है। मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आज फैसला किया कि इन दायित्वों की जिम्मेदारी कथित 'वैकल्पिक व्यवस्था' को सौंपी जाए। 

वैकल्पिक व्यवस्था (एएम) में वित्त मंत्री अरुण जेटली, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और संबंधित विभागोंं का प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्री शामिल होंगे, जिनसे जुड़े सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की रणनीतिक बिक्री होनी है। उदाहरण के लिए पवन हंस की रणनीतिक बिक्री के मामले में एएम में जेटली, गडकरी और नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु शामिल होंगे और कंपनी की बिक्री के बारे में तीनों बैठकर फैसला करेंगे कि उसकी बिक्री किस मूल्य पर हो, कितने शेयर कम किए जाएं। खरीदार का फैसला पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था द्वारा मंजूर हो चुका होगा। 

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, 'सीसीसीए ने जिन कंपनियों की रणनीतिक बिक्री को पहले ही मंजूरी दे दी है, उन सीपीएसई की रणनीतिक विनिवेश पर फैसला करने के लिए सीसीईए ने वैकल्पिक व्यवस्था को मंजूरी दी है।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अध्यक्षता में सीसीईए ने फैसला किया है कि वैकल्पिक व्यवस्था को मंजूरी दी जाए, जो खरीद फरोख्त वाले शेयरों की मात्रा, बिक्री के तरीके और लेन देन के अंतिम मूल्य या मूल्य को लेकर सिद्धांत/दिशानिर्देश बनाने, रणनीतिक साझेदार/खरीदार के चयन, नियम एवं शर्तें तय करने का काम देखेगी। 

एएम विनिवेश पर सचिवों के प्रमुख समूह के प्रस्ताव पर भी फैसला करेगा, जिसमें समय, मूल्य, बिक्री के नियम एवं शर्तों और लेन देन से संबंधित अन्य मसले शामिल होंगे। बयान में कहा गया है, 'इससे त्वरित निर्णण लेने में मदद मिलेगी और एक ही सीपीएसई से जुड़े मसले पर सीसीईए से कई बार मंजूरी नहीं लेनी पड़ेगी।' 

इस समय एयर इंडिया सहित करीब 30 सरकारी कंपनियां हैं, जिन्हें नरेंद्र मोदी सरकार पूरी तरह बेचना चाहती है, या उनमें बहुलांश हिस्सेदारी छोडऩा चाहती है। 2018-19 में ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन की बिक्री 4 पोर्ट कंपनियों को बेचने की प्रक्रिया चल रही है, जबकि पवन हंस, सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स और स्कूटर्स इंडिया में से 2 का निजीकरण किया जा सकता है। 
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