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पीवीआर आईनॉक्स का जोर उप ब्रांडों पर

उर्वी मलवाणिया /  March 05, 2019

बाजार और सिनेमा देखने वाले दर्शकों की जेब में बड़ी हिस्सेदारी पाने के लिए मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल की कंपनी पीवीआर और आईनॉक्स में होड़ मची हुई है और वे मूल ब्रांड को उप ब्रांडों में बांट रहे हैं। ग्राहकों से जुड़े ब्रांड से सीख लेते हुए उन्होंने विस्तार की कला में महारत हासिल करने का मन बनाया है और वे दोनों ऐसे ब्रांड में निवेश कर रहे हैं जहां मूल ब्रांड का विस्तार कई उप ब्रांडों में होगा और वे उम्मीद कर रहे हैं कि ज्यादातर ग्राहकों को अपने दायरे में जोड़ा जा सके।

इस तरीके से वे अपनी स्क्रीनों की तादाद में बढ़ोतरी किए बगैर ही अपने ब्रांडों की वैल्यू बढ़ाने का तरीका ढूंढ रहे हैं। पीवीआर और आईनॉक्स ने पिछले कुछ सालों से नए हॉल तैयार करने और अधिग्रहण की राह अपनाई है और इनके खाते में क्रमश: 748 और 557 स्क्रीन हैं। अगला कदम उप ब्रांडों का विविध पोर्टफोलियो तैयार करने का होगा और तकनीक इसमें काफी हद तक मदद कर रही है। हालांकि दोनों ही कंपनियों के पास डॉल्बी साउंड, एलईडी स्क्रीन्स, 4डीएक्स और आईमैक्स का समान बुनियादी ढांचा है। हालांकि आईनॉक्स विशेष फूड फेस्टिवल, सेलेब्रिटी शेफ और आरामदायक सीट से जुड़े तकनीक पर जोर दे रही है जबकि पीवीआर हवा की गुणवत्ता और दर्शकों के निजी अनुभव को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। 

आईनॉक्स लीजर के सीईओ आलोक टंडन का कहना है, 'हमारी रणनीति मल्टीप्लेक्स लोकेशन बनाने पर है क्योंकि यह सभी वर्ग के ग्राहकों का स्वागत कर रही है।' उनका कहना है कि उनकी कंपनी 7 सितारा सिनेमा में अग्रणी है और यहां लक्जरी और तकनीक का बेहतर मिश्रण देखने को मिलता है। टंडन आईनॉक्स इनस्गिनिया प्रॉपर्टीज का हवाला दे रहे हैं जो फिलहाल 12 लोकेशन पर मौजूद है और कंपनी इसमें विस्तार करने का इरादा कर रही है। टंडन का कहना है कि फिल्म जाने के अनुभवों को बेहतर बनाने का विचार था। 

पीवीआर पिक्चर्स के सीईओ कमल ज्ञानचंदानी कहते हैं, 'पिछले पांच सालों में फिल्म थियेटर में नाटकीय बदलाव हुआ है। अब उद्योग के खिलाड़ी स्वास्थ्य और साफ-सफाई पर ज्यादा जोर देते हैं। हॉल के अंदर की बेहतर वायु गुणवत्ता पर जोर देने से लेकर सिनेमा थियेटर तक सभी वर्ग की पहुंच बनाने की कोशिश करने के साथ ही समाज के विकलांग वर्ग के लिए भी होटल सेवाओं को वैश्विक मानक स्तर पर ले जाने की कोशिश की जाएगी।' पीवीआर ने फिल्म देखने के विभिन्न प्रारूपों की पेशकश की गई है और मौजूदा थियेटरों में एयर प्यूरीफायर को भी जोडऩे की कोशिश की गई है।

विश्लेषकों का कहना है कि दोनों ही कंपनियों को उप ब्रांड तैयार करने की जरूरत है। ओटीटी मंच परंपरागत सामग्री वितरकों के लिए मजबूत प्रतिस्पद्र्धी बनकर उभर रहा है क्योंकि वे दर्शकों को ज्यादा बेहतर मौके दे रहे हैं और इसकी व्यापक अपील दर्शकों में है। एडलवाइस सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक अवनीश रॉय कहते हैं, 'डिजिटल रिलीज एक रुझान बन रहा है और मल्टीप्लेक्स को मौजूदा छह-आठ हफ्ते तक फिल्मों के चलने की वजह से बढ़त मिल रही है। हालांकि ओटीटी मंच के बढऩे से अलग तरह की चुनौतियां सामने आ रही हैं।'

पीवीआर जैसे उप ब्रांडों को डिजिटल रुझान को मात देने के लिए स्थापित किया जा रहा है। पीवीआर ने पिछले कुछ सालों में वीकेएएओ जैसी सेवा की पेशकश की है जहां फिल्म देखने वाले दर्शक अपने अनुभवों को नियंत्रित करते हैं। इसमें दर्शकों को लोकेशन, समय और तारीख का 

चयन करने के लिए तरजीह दी जाती है। पीवीआर का कहना है कि सारे रुझान बेहद उत्साहजनक हैं जिनकी तादाद पहले साल के 1,600 स्क्रीन के बाद दूसरे साल लगभग 3,000 हो गई है। पीवीआर और आइनॉक्स ने फास्ट चेकआउट कियॉस्क बनाए ताकि लोगों को खाने-पीने की चीजों के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े। इसके अलावा दोनों कंपनियों ने सप्ताह के दिनों में कीमतों में अंतर का विकल्प भी दिया है। साथ ही कुछ दिन और कुछ लक्षित समूहों को टिकट पर छूट देने की पहल भी की गई है। दोनों का ही जोर मोबाइल ऐप्लिकेशन पर है जो ऑफर देने के लिए इस मंच का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि वे वफादार ग्राहक वर्ग तैयार कर सकें।
Keyword: PVR, Cinema, Audience, Brand, inox, Portfolio,
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