बिजनेस स्टैंडर्ड - ट्रंप की धमकी से बेपटरी हो सकता है समझौता
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ट्रंप की धमकी से बेपटरी हो सकता है समझौता

शुभायन चक्रवर्ती / नई दिल्ली 03 05, 2019

पैकेज को तैयार करने पर पिछले एक साल से काम चल रहा है

दोनों देश पिछले  साल से  'कारोबारी उपचारों' के परस्पर स्वीकार्य पैकेज तैयार करने पर काम करे रहे हैं

कारोबारी अधिकारी कम से कम 5 बार मुलाकात कर चुके हैं

ट्रंप की धमकी से बातचीत में हो सकता है गतिरोध 

बिजनेस स्टैंडर्ड ट्रंप की धमकी से बेपटरी हो सकता है समझौताअमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय सामानों पर जवाबी उच्च शुल्क लगाने की बार बार धमकी दी जा रही है। इसको लेकर सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच एक पारस्परिक कारोबारी पैकेज तैयार करने की शुरुआती प्रगति को धक्का लग सकता है।

पैकेज को तैयार करने पर पिछले एक साल से काम चल रहा है और समझौते को आकार देने के लिए कारोबारी अधिकारी कम से कम पांच बार मुलाकात कर चुके हैं। इनका प्रयास एक ऐसे समझौते को आकार देने को लेकर है जिससे दोनों तरफ के कारोबारी असंतोष का समुचित उचित समाधान निकल सके। भारत कारोबार मार्जिन नीति के साथ हृदय रोग में इस्तेमाल होने वाले स्टेंट के लिए अपनी मौजूदा कीमत सीमा को समाप्त करने पर विचार कर रहा है। साथ ही भारत अमेरिका से आयात होने वाले उन्नत तकनीक से लैस मोबाइल फोन और स्मार्टफोन जैसे कुछ निश्चित सूचना एवं संचार तकनीक से जुडें उत्पादों पर कम शुल्क लगाने की अनुमति भी दे सकता है।

वाणिज्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से अमेरिका में आयात होने वाले भारतीय सामानों पर जवाबी कर लगाने की बार बार धमकी जिसका उल्लेख अमेरिका से आए कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा भी किया गया गया है, से इस काम में अवरोध पैदा हो सकता है।' अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत की तरफ से हार्ली डेविडसन मोटरसाइकिल के आयात पर लगने वाले शुल्क का हवाला देते हुए शनिवार को फिर से भारत पर 'उच्च शुल्क वसूलने वाला राष्ट्र' होने का आरोप लगाया था।

उन्होंने कहा, 'अमेरिका यदि भारत पर जवाबी कर थोपता है तो वह विश्व व्यापार संगठन के नियमों की अवहेलना करने का दोषी हो जाएगा। ट्रंप की ओर से बार बार दी जा रही धमकी से अब तक हुई बातचीत पर भी पानी फिर सकता है। हमें अपने निर्यातकों की रक्षा करनी होगी।' एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि कुछ प्रावधानों का घरेलू उद्योग ने भारी विरोध किया है, ऐसे में भारत पर किसी प्रकार का जवाबी कर लगाने की संभावना से दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत बंद हो सकती है। 

विवाद के विषय 

दोनों देशों के बीच कारोबारी बातचीत की शुरुआत भारत की ओर से अमेरिका के उस निर्णय का विरोध किए जाने के बाद हुई थी जिसमें अमेरिका द्वारा इस्पात और एल्युमीनियम उत्पादों पर उच्च शुल्क से भारत को छूट नहीं देने की बात कही गई थी। आगे चलकर इस बातचीत में कृषि, ऑटोमोबाइल, ऑटो कल पुर्जे और इंजीनियरिंग के क्षेत्रों से भारतीय उत्पादों के लिए बड़े बाजार की पहुंच की मांग को इसमें शामिल किया गया था। लेकिन सूत्रों ने बताया कि पिछले तीन महीनों से एक अमेरिकी कारोबारी योजना वरीयताओं की सामान्यीकृत प्रणाली (जीएसपी) में भारत की स्थिति बैठक का मुख्य मुद्ïदा बन गया है।  
Keyword: India, US, America, Trade, GSP, Automobile, Mobile, Engineering, Trade Deal,
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