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फरवरी में सुस्त रहा जीएसटी संग्रह

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली March 01, 2019

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह फरवरी में गिरकर 97,247 करोड़ रुपये रह गया, जो जनवरी में 1.02 लाख करोड़ रुपये था। इसकी प्रमुख वजह 20 से ज्यादा सामान पर दरों में कटौती की घोषणा है।  यह आठवां महीना है, जब जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये से कम रहा है। चालू वित्त वर्ष में एक महीने में 1 लाख करोड़ रुपये कर संग्रह का लक्ष्य रखा गया था।  विशेषज्ञों ने कहा कि 1 जनवरी से 23 वस्तुओं की घटी दरें लागू हुईं, जिनका कुछ असर जीएसटी संग्रह पर हुआ। फरवरी का संग्रह जनवरी 2019 में हुई कारोबारी गतिविधियोंं पर राजस्व संग्रह को दिखाता है।  ईवाई इंडिया के टैक्स पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा, 'जीएसटी संग्रह इस वित्त वर्ष मेंं हुए औसत कर संग्रह की तर्ज पर ही रहा। पहले के महीने की तुलना में संग्रह में कमी नजर आ रही है, जिसकी वजह 1 जनवरी से प्रभावी कर की दरों में कमी को माना जा सकता है।'
 
जीएसटी परिषद की दिसंबर में हुई बैठक में 28 प्रतिशत कर के दायरे में आने वाली वस्तुओं की संख्या घटाकर महज 7 कर दी गई थी, जिसमें ज्यादा खपत वाले उत्पाद जैसे ऑटो पार्ट, छोटे टेलीविजन स्क्रीन और बैटरियों पर अब घटी हुई कर की दरें लागू हैं।  फरवरी के आंकड़ोंं से पता चलता है कि पिछले साल की समान अवधि में कर संग्रह 13 प्रतिशत बढ़ा है। बहरहाल 2018-19 में औसत मासिक कर संग्रह 2017-18 की तुलना में 8 प्रतिशत बढ़ा है।  पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर प्रतीक जैन ने कहा, 'हमने पाया है कि 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा कर संग्रह समान्यतया तिमाही के अंतिम महीने में हुआ है, ऐसे में दर में मामूली कमी कोई खास चिंता की बात नहीं है।' 
 
अगर हम केंद्र के राजस्व संग्रह पर नजर डालें तो अब तक वित्त वर्ष के में सीजीएसटी संग्रह फरवरी तक 3.75 लाख करोड़ रुपये हो गया है। फरवरी में आईजीएसटी समायोजन सहित 27,095 करोड़ रुपये सीजीएसटी संग्रह को भी शामिल कर लें तो यह राशि 11 महीने में करीब 4.13 लाख करोड़ रुपये हैं। 2018-19 का पुनरीक्षित लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकार को मार्च 2019 में सीजीएसटी में 92,269 करोड़ रुपये जोडऩे होंगे। सरकार को उम्मीद है कि मुआवजा उपकर के दावा न किए गए फंड, आईजीएसटी वितरण से यह लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। सीजीएसटी से फरवरी महीने में सिर्फ 17,626 करोड़ रुपये आए हैं।
 
आवास क्षेत्र पर जीएसटी में हाल की कटौती  का असर अप्रैल महीने पर ही पड़ सकता है, जिसका संग्रह मई में होगा।  खेतान ऐंड कंपनी के पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा, '1 अप्रैल से आंकड़ों को देखना दिलचस्प होगा, जब रियल एस्टेट सेवाओं पर घटी हुई दरें लागू होंगी।'  जैन ने कहा कि असल सवाल यह है कि किस तरह से सरकारक अगले साल का लक्ष्य हासिल करेगी, जो चालू वित्त वर्ष से 20 प्रतिशत ज्यादा है जबकि दरों में बढ़ोतरी की संभावना बहुत कम है। उन्होंने कहा, 'कर चोरी और लीकेज सरकार के लिए अभी भी बड़ी समस्या बनी हुई है।' 
 
एसजीएसटी से राजस्व संग्रह फरवरी में 24,192 करोड़ रुपये रहा। केंद्र व राज्य सरकाकरों ने एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) से 46,953 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं। सरकार ेन 35,217 करोड़ रुपये आईजीएसटी का समायोजन केंद्र व राज्यों के बीच किया है, जिसमें से केंद्र को 19,470 करोड़ रुपये यानी करीब 55.3 प्रतिशत मिले हैं। 
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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