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ईरान 5 साल में पहली बार खरीदेगा भारत से चीनी

रॉयटर्स / मुंबई February 26, 2019

भारतीय व्यापारी ईरान को मार्च-अप्रैल डिलिवरी के लिए चीनी निर्यात करेंगे। पिछले पांच सालों के दौरान यह ईरान को पहली चीनी बिक्री होगी। अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण ईरान को सुनिश्चित खाद्य आपूर्ति के लिए जूझना पड़ रहा है। उद्योग के सूत्रों ने यह जानकारी दी। इन प्रतिबंधों के अंतर्गत ईरान को वैश्विक वित्त व्यवस्था के इस्तेमाल से रोक दिया गया है जिसमें उसकी तेल बिक्री के सौदे के लिए अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल भी शामिल है। ईरान रुपये में विनिमय करते हुए भारत को तेल बेचने के लिए सहमत हो गया है लेकिन वह इस रुपये का इस्तेमाल केवल भारतीय वस्तुओं की खरीद में ही कर सकता है। खास तौर पर ऐसी वस्तुओं की खरीद के लिए जिनका वह घरेलू रूप में उत्पादन नहीं कर सकता।
 
व्यापारिक सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि कारोबारी कंपनियों ने मार्च और अप्रैल में पहुंचने वाली खेपों के लिए 305-310 डॉलर प्रति टन की दर से 1,50,000 टन कच्ची चीनी निर्यात करने का करार किया है। वैश्विक स्तर पर कृषि व्यापार करने वाली कंपनी के मुंबई स्थित एक व्यापारी ने कहा कि यूको बैंक में तेल भुगतान बढ़ गया है। ईरान चीनी और अन्य खाद्य पदार्थों को खरीदने के लिए इस भुगतान का उपयोग करने का इच्छुक है। मुंबई के एक निर्यातक ने कहा कि ईरान के सरकारी खरीदार - गवर्नमेंट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (जीटीसी) ने आने वाले महीनों में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह चीनी खरीदी है। उद्योग और ईरानी सरकार के सूत्रों ने दिसंबर में कहा था कि ईरान आमतौर पर विश्व के सबसे बड़े उत्पादक और निर्यातक ब्राजील से चीनी खरीदता है। कारगिल, बंज और अन्य वैश्विक व्यापारियों ने ईरान के साथ खाद्य आपूर्ति के सौदे रोक दिए हैं क्योंकि नए अमेरिकी प्रतिबंधों ने भुगतान में इस्तेमाल की जाने वाली बैंकिंग व्यवस्था को बाधित कर दिया है।
 
अपनी पहचान जाहिर नहीं करने की शर्त पर मुंबई के एक अन्य सूत्र ने कहा कि ईरान अन्य खरीदारों के मुकाबले प्रति टन सात डॉलर अधिक भुगतान कर रहा है क्योंकि कारोबारियों को भुगतान में देरी होने का जोखिम दिख रहा है। इस निर्यात से भारत में चीनी के बढ़ते स्टॉक को कम करने में मदद मिलेगी जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है लेकिन इससे वैश्विक दामों पर दबाव बन सकता है जो 2019 में अब तक 8.9 प्रतिशत बढ़कर सोमवार को प्रति पौंड 13.1 सेंट के स्तर पर पहुंच चुके हैं।
Keyword: sugar, farmer, mills, export, iran,,
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