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कर्मियों को पुन: प्रशिक्षण कंपनियों के लिए महंगी प्रक्रिया

रोमिता मजूमदार और नेहा अलावधी / मुंबई/नई दिल्ली 02 25, 2019

कर्मचारियों को पुन: प्रशिक्षित करना प्रमुख जरूरत बन गई है

बिजनेस स्टैंडर्ड कर्मियों को पुन: प्रशिक्षण कंपनियों के लिए महंगी प्रक्रियाकर्मचारियों को पुन:प्रशिक्षण मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट सेवा क्षेत्र के लिए एक प्रमुख एजेंडा है। उद्योग संस्था नैसकॉम और कंपनियां, दोनों ही इसके लिए विभिन्न विकल्प और प्लेटफॉर्म मुहैया कराती हैं। हालांकि व्यक्तिगत कंपनियों के लिए यह महंगा प्रयास साबित होने की आशंका है। इस सेक्टर के विश्लेषकों का कहना है कि नई प्रौद्योगिकियों की बढ़ती जटिलताओं की वजह से उन्हें अधिक समय और संसाधन खर्च करने की जरूरत होगी।  कर्मचारी पुन: प्रशिक्षण या पुन: कौशल, और डिजिटल पेशकशों से राजस्व बढ़ाना इस वित्त वर्ष में लगभग हरेक आईटी सेवा कंपनी के दो मुख्य मकसद हैं। इसकी वजह है सेवा प्रदाताओं को गैर-प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए कुशल संसाधन मुहैया कराने की पूरी जिम्मेदारी का सही तरीके से प्रबंधन करना। 

कौशल विकास कंपनी एनआईआईटी के मुख्य कार्याधिकारी सपनेश लल्ला कहते हैं, 'यह एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि इसे सिर्फ वीडियो देखकर या पुस्तक पढ़कर या व्याख्यान में शामिल होकर नहीं सुलझाया जा सकेगा। यह एक बड़ी समस्या है। इसकी लागत प्रति व्यक्ति कम से कम कई हजार डॉलर होगी।' विश्व आर्थिक मंच (डल्ब्यूईएफ) के ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक कर्मचारी को वर्ष 2022 तक 100 दिन तक के पुन: कौशल की जरूरत होगी। सेल्सफोर्स में चीफ डेटा इवेंजलिस्ट वाला अफशर ने कहा, 'पुन: कौशल के लिए जरूरी दिनों की संख्या मौजूदा डब्ल्यूईएफ परिदृश्य से लगातार बढ़ेगी। अधिक कंपनियों को अपनी पुन: कौशल जरूरतों के लिए नियुक्ति प्रणालियों को अपनाने की जरूरत होगी।'

कंपनियां विभिन्न जिम्मेदारियों के लिए कर्मचारियों को पुन: प्रशिक्षित करने की संभावना तलाश रही हैं, जिनमें फ्रेशर से लेकर मिड-मैनेजमेंट और सीनियर लेवल की जिम्मेदारियां भी शामिल हैं। यह सेक्टर फ्रेशरों को प्रशिक्षित करने पर लंबे समय से निवेश कर रहा है और इसकी लागत अपेक्षाकृत कम हुई है। भारत में कंसल्टेंसी के लिए आईटी परामर्श कंपनी केपीएमजी के प्रमुख अखिलेश टुटेजा का कहना है, 'शुरू में, लोग प्रशिक्षण पर ज्यादा पैसा खर्च करने से परहेज नहीं करते थे क्योंकि वे अच्छा मुनाफा मार्जिन दर्ज कर रहे थे। अब मार्जिन घटा है। इसलिए, सब कुछ प्रभावित हुआ है।'

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को नया कौशल सिखाने में अक्सर तीन महीने लगते हैं। इसके अलावा, वह तुरंत सब कुछ सीखने की स्थिति में नहीं होता है। इसलिए उत्पादकता का नुकसान भी नहीं होता है। पिछले साल नैसकॉम और केंद्र सरकार ने 9 उभरती प्रौद्योगिकियों में कर्मचारियों को पुन: प्रशिक्षित करने के लिए एक संयुक्त पहल में आईटी और आईटी-आधारित सेवा उद्योग की सदस्य कंपनियों के लिए 'फ्यूचर स्किल्स' पोर्टल की घोषणा की थी। मौजूदा समय में इस सेक्टर में काम कर रहे 45 लाख कर्मियों में से 15-20 लाख को अगले चार-पांच साल के दौरान पुन: प्रशिक्षित किए जाने की संभावना है।

डब्ल्यूएनएस ग्लोबल सर्विसेज के समूह मुख्य कार्याधिकारी और नैसकॉम के वाइस-चेयरमैन केशव मुरुगेश का मानना है, 'कौशल मुहैया कराना हरेक कंपनी के लिए हमेशा से निवेश का क्षेत्र रहा है और अब नैसकॉम ने इसके इस्तेमाल के लिए यह पोर्टल तैयार किया है। लगातार मजबूत मार्जिन के लिए उद्योग में पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं, भले ही कौशल या इन्फ्रास्ट्रक्चर के संबंध में लागत अधिक हो।' डब्ल्यूएनएस पेशेवरों (खासकर डेटा साइंस और एनाालिटिक्स से जुड़ी जिम्मेदारियों से संबंधित) को प्रशिक्षित करने के लिए एनआईआईटी के साथ भागीदारी की है। देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने डब्ल्यूईएफ के साथ भागीदारी में वर्ष 2020 तक वैश्विक रूप से 1 करोड़ लोगों को पुन: प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है।

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