बिजनेस स्टैंडर्ड - कबाड़ आयात से एल्युमीनियम क्षेत्र चिंतित
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, July 23, 2019 06:25 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम निवेश खबर

कबाड़ आयात से एल्युमीनियम क्षेत्र चिंतित

जयजित दास / भुवनेश्वर February 24, 2019

देश में सस्ते एल्युमीनियम आयात की बाढ़ से चोट खाए घरेलू उत्पादक कबाड़ आयात और अपनी घरेलू बिक्री के कम होते अंतर से नाराज हैं। इस वित्त वर्ष में अप्रैल से दिसंबर के बीच कबाड़ आयात 1,001 टन के स्तर पर पहुंच चुका है जबकि घरेलू विनिर्माताओं द्वारा की गई बिक्री 1,191 टन रही। इससे इन दोनों के बीच का अंतर लगातार समाप्त होता जा रहा है। सालाना आधार पर कबाड़ आयात में 19 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इस समीक्षाधीन अवधि में कबाड़ केअलावा अन्य आयात में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जिससे मात्रा के हिसाब से कुल एल्युमीनियम आयात में 21 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। दिसंबर 2018 के आखिर में देश की कुल एल्युमीनियम खपत में आयात का हिस्सा बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया था जिससे उत्पादक चिंतित हो गए।

 
2019-20 के अंतरिम बजट से पहले एल्युमीनियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएआई) की अगुआई में घरेलू उत्पादकों ने कबाड़ और तैयार उत्पादों के आयात शुल्क में बढ़ोतरी के लिए दबाव बनाया था। एएआई ने सरकार को कबाड़ पर आयात शुल्क 2.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने और तैयार उत्पादों के लिए इसे 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का सुझाव दिया था। हालांकि बजट में शुल्क संरचना में बदलाव को लेकर कुछ नहीं कहा गया लेकिन केंद्र सरकार ने संभवत: विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की प्रतिक्रिया के डर से आयात शुल्क पर यथास्थिति बनाए रखने का जो रुख अपनाया उसने प्राथमिक और द्वितीयक दोनों एल्युमीनियम विनिर्माताओं की उम्मीदों को धराशायी कर दिया।
 
उद्योग के एक सूत्र ने कहा कि अगर सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती है तो आने वाले महीनों में कबाड़, तैयार उत्पाद और फेक सेमिस का आयात बढऩे के आसार हैं। आयात और घरेलू बिक्री के बीच की आमदनी के अंतर से प्राथमिक उत्पादकों का मुनाफा प्रभावित होगा। अगर चीन के तैयार उत्पादों का आयात भी इसी दर से बढ़ता है तो भारत में तैयार उत्पादों के उत्पादक मुश्किल में आ जाएंगे। एल्युमीनियम क्षेत्र में देश की वृद्धि और खपत मजबूत है। अप्रैल-दिसंबर 2018 के दौरान इस सफेद धातु की खपत में 11 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है लेकिन आयात की बढ़ती मात्रा ने वेदांत लिमिटेड, हिंडालको इंडस्ट्रीज और सरकार द्वारा नियंत्रित नैशनल एल्युमीनियम कंपनी (नालको) जैसी प्रमुख एल्युमीनियम भागीदारों की राह मुश्किल कर दी है। आयात के कारण खपत में घरेलू एल्युमीनियम विनिर्माताओं की हिस्सेदारी तेजी से घट रही है। घरेलू एल्युमीनियम खपत में आयात की बाजार हिस्सेदारी पिछले साल दिसंबर तक बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है जो वित्त वर्ष 11 में 40 प्रतिशत थी।
 
आयात की बाढ़ से निपटने के लिए एल्युमीनियम उत्पादकों को लगता है कि सरकार को तैयार उत्पादों के संरक्षण के लिए कदम उठाना चाहिए और एंटी-डंपिंग शुल्क लगाना चाहिए। सूत्र ने कहा कि सरकार कबाड़ के लिए गैर-शुल्क जैसी रुकावटों की दिशा में काम कर सकती है जिस पर कुछ समय से विचार-विमर्श हो रहा है। इसमें शीघ्रता करने की जरूरत है। उद्योग की ओर से सुझाए गए उपायों में कबाड़ आयात के लिए अंतिम उपभोक्ता प्रमाणीकरण, सभी उत्पादों के लिए खेप से पहले का निरीक्षण, खासतौर पर कबाड़ समेत सभी उत्पादों के लिए बीआईएस मानक और फाइल, फ्लैट रॉल्ड उत्पाद तथा प्राथमिक एल्युमीनियम के लिए इनकी उत्पत्ति वाले स्थान की निगरानी का नियम शामिल है। पिछले वित्त वर्ष में भारत ने दो अरब रुपये मूल्य का 19.6 करोड़ टन एल्युमीनियम आयात किया था जो देश के कुल आयात का एक प्रतिशत था। मात्रा के हिसाब से कुल एल्युमीनियम आयात में कबाड़ की हिस्सेदारी 57 प्रतिशत रही।
Keyword: aluminium, export, import,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या सरकार को अपनी डिजिटल करेंसी लानी चाहिए?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.