बिजनेस स्टैंडर्ड - बाजार को दिख रहे सत्तारूढ़ पार्टी की वापसी के संकेत
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, May 20, 2019 04:35 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

बाजार को दिख रहे सत्तारूढ़ पार्टी की वापसी के संकेत

पुनीत वाधवा /  February 24, 2019

देश आम चुनाव की ओर बढ़ रहा है। जूलियस बेयर इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी आशिष गुमाश्ता ने पुनीत वाधवा के साथ साक्षात्कार में बताया कि बाजार की नजर इस गणित पर लगी रहेगी कि चुनाव के बाद कौन सी पार्टी सत्ता में आएगी। नई सरकार के गठन और उसके तुरंत बाद संपूर्ण वर्ष के बजट जैसे घटनाक्रम का बाजार पर असर दिखेगा। पेश हैं उनसे बातचीत के मुख्य अंश:

 
बाजार को लेकर आपका क्या नजरिया है?
 
हालांकि भारतीय बाजारों पर हमारा मध्यावधि से दीर्घावधि नजरिया सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन हम अल्पावधि में बाजारों को लेकर सतर्क हैं। महंगे मूल्यांकन के बीच आय वृद्घि में समय लग रहा है। इसके अलावा 2019 एक चुनावी वर्ष होने की वजह से भी निवेशकों से बड़ा आवंटन दूर रहने की संभावना है और कई निवेशक चुनाव परिणाम तक देखो और इंतजार करो की नीति अपना सकते हैं।
 
क्या आप मानते हैं कि नकदी संकट से बाजार पर दबाव पड़ सकता है?
 
बाजार को प्रभावित करने वाले ताजा घटनाक्रम अब तक कुछ वित्तीय और व्यावसायिक घरानों तक सीमित हैं। कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए उधारी में स्थिति सामान्य होगी और आरबीआई तथा सरकार दोनों ही किसी तरह की नकदी समस्या को दूर करने के लिए तैयार हैं। यह महत्वपूर्ण है कि हमने ताजा घटनाक्रमों का कोई विपरीत प्रभाव महसूस नहीं किया है।
 
क्या त्रिशंकु संसद के लिए बाजार तैयार हैं?
 
मौजूदा समय में बाजार सत्तारूढ़ पार्टी की वापसी के पक्ष में दिख रहे हैं, भले ही यह वापसी कुछ अंतर से हो। अक्सर, बाजार अनिश्चितता पसंद नहीं करते हैं, और यदि न तो सत्तारूढ़ पार्टी और न ही मुख्य विपक्षी पार्टी जनादेश हासिल कर पाती है तो इससे कई तरह की अनिश्चितताएं पैदा हो सकती हैं। इससे धारणा प्रभावित हो सकती है और निवेशकों (घरेलू और विदेशी) में प्रतिक्रिया देखी जा सकती है। इसके बाद बाजार की नजर सरकार के गठन और संपूर्ण वर्ष के बजट पर रहेगी।
 
क्या विदेशी निवेशक अब वृहद आंकड़े पर विचार कर रहे हैं?
 
मौजूदा वैश्विक व्यापार युद्घ और लगातार कमजोर उपभोक्ता कीमत मुद्रास्फीति (सीपीआई) के बीच भारत की वृद्घि की मजबूत रफ्तार निश्चित तौर पर देश के वृहद परिदृश्य के लिए शुभ संकेत है। हालांकि राजकोषीय घाटा और उससे संबंधित आंकड़ों को संदेह की नजर से देखा जा रहा है क्योंकि कम जीएसटी संग्रहण और विनिवेश ने निवेश चक्र की मौजूदा वृद्घि के वित्त पोषण की सरकार की क्षमता पर सवाल खड़ा किया है, क्योंकि निजी पूंजीगत खर्च में कोई बड़ा सुधार नहीं आया है। इसके अलावा, विदेशी निवेशक आय में, (खासकर बैंकिंग क्षेत्र में) बड़े सुधार का संकेत देख रहे हैं, और यदि ऐसा नहीं होता है तो उनमें निराशा पैदा हो सकती है। 
 
भारत को लेकर अब आपका क्या नजरिया है?
 
हमारी वैश्विक शोध टीम ने मुख्य रूप से मूल्यांकन और उम्मीद से कमजोर आय संभावनाओं को देखते हुए अपना 'अंडरवेटÓ नजरिया कायम रखा है। भारत का मूल्यांकन उभरते बाजारों (ईएम) के मुकाबले ऊपर है। भले ही आय से बाजारों को मदद मिलती है तो भारतीय बाजार अभी भी अपने ऐतिहासिक औसत की तुलना में बढ़त पर कारोबार कर रहे हैं। चुनाव का अनुकूल परिणाम और आय में अच्छे सुधार से वैश्विक निवेशकों में भारतीय बाजारों के लिए मजबूत एवं सक्रिय निवेश के लिए भरोसा पैदा हो सकता है। तब तक, भारत को मुख्य रूप से इंडेक्स फंडों से कमजोर निवेश से ही समर्थन बरकरार रह सकता है। 
 
आपके पसंदीदा क्षेत्र कौन से हैं?
 
इक्विटी में, हम साल की पहली छमाही में लार्ज-कैप इक्विटी के लिए निवेश को पसंद कर रहे हैं। दूसरी छमाही में हम निर्णायक चुनाव परिणाम की स्थिति में, या पहली छमाही में चुनाव से संबंधित भारी गिरावट के मामले में पोर्टफोलियो में बीटा शेयरों (मिड-कैप समेत) को शामिल करने पर विचार कर सकते हैं। क्षेत्रों में हम वित्त (रिटेलर आधरित चुनिंदा कॉरपोरेट बैंक, और कुछ एनबीएफसी/एचएफसी), खपत, ग्रामीण, हेल्थकेयर और कुछ खास उद्योगों को पसंद कर रहे हैं। वहीं हम दूरसंचार से परहेज कर रहे हैं। 
 
आय वृद्घि पर क्या कहना चाहेंगे?
 
हमें वित्त वर्ष 2019 में 11-12 प्रतिशत तक और उसके बाद वित्त वर्ष 2020 में 17-18 प्रतिशत की आय वृद्घि का अनुमान है। बैंकिंग क्षेत्र में सुधार से आय वृद्घि में मदद मिलेगी।
Keyword: share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या रेटिंग घटने से और बढ़ेगी आर-कैपिटल की मुश्किल?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.