बिजनेस स्टैंडर्ड - कम अवधि के निवेश में आरडी बेहतर
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कम अवधि के निवेश में आरडी बेहतर

तिनेश भसीन /  February 24, 2019

अगर आप ऐसे लोगों में शामिल हैं, जो डेट म्युचुअल फंडों में आने वाले उतार-चढ़ाव को सहने की कुव्वत नहीं रखते हैं तो आपके लिए बैंकों में इस तरह की योजनाएं हैं, जिनका फायदा अल्पावधि के अपने लक्ष्य पूरे करने के लिए आप उठा सकते हैं। प्रमुख निजी बैंकों ने विशेष आवर्ती जमा (आरडी) योजनाएं चालू की हैं, जिनके जरिये ग्राहकों को अपने लक्ष्यों के मुताबिक रकम बचाने में मदद मिलती है। ये आरडी जमा पर आधारित दूसरी निवेश योजनाओं से इस मायने में अलग हैं कि इनमें ग्राहकों को लचीलापन अपनाने की पूरी छूट मिलती है और ये ऑनलाइन होती हैं, जो ग्राहकों के लिए सरल भी होती हैं और जिनमें निवेश पर नजर रखना निवेशकों के लिए आसान भी होता है। लचीली आरडी का खाता खोलने के बाद निवेश हर महीने अपनी मर्जी के मुताबिक कितनी भी राशि जमा कर सकता है। सामान्य आरडी में एक नियत राशि हर महीने जमा करनी पड़ती है, लेकिन इसमें नियत राशि जैसी कोई शर्त नहीं होती। ऐक्सिस बैंक ने ऐसी लचीली आरडी योजना पेश की है, जिसका नाम उसने 'ऐक्सिस ऐसैप' रखा है। यह आरडी बैंक की मोबाइल ऐप पर ही उपलब्ध है। एचडीएफसी बैंक इसी तरह की योजना को 'ड्रीम डिपॉजिट' कहता है और आईसीआईसीआई बैंक की लचीली आरडी योजना का नाम 'आईविश' खाता है। 

 
आईसीआईसीआई बैंक के पास 'आईविश छोटा सेविंग्स' नाम की योजना भी है। इसमें ग्राहक रकम ट्रांसफर करने या बिल का भुगतान करने जैसे रोजमर्रा के काम पूरे कर सकता है और कुछ रकम आईविश खाते में भी डाल सकता है। इसमें जमा करने के लिए तीन राशियों के विकल्प दिए गए हैं - 50 रुपये, 100 रुपये और 500 रुपये। आरडी में न्यूनतम और अधिकतम कितनी रकम जमा करनी है, यह बैंक खुद तय करता है और हर बैंक के लिए यह सीमा अलग-अलग है। साथ ही आरडी में लक्षित राशि और योजना की अवधि के मामले में भी कुछ पाबंदियां होती हैं, जो बैंक ही तय करते हैं। खाता खोलने से पहले इन बंदिशों को जानना बहुत जरूरी होता है। उदाहरण के लिए एचडीएफसी बैंक में न्यूनतम 1,000 रुपये का मासिक 'टॉप-अप' करना होता है। बैंक अपने यहां कम से कम 6 महीने और अधिक से अधिक 10 साल के लिए आरडी खोलने की सुविधा देता है। 
 
आईसीआईसीआई बैंक में कम से कम लक्षित राशि 5,000 रुपये है और अधिकतम 10 लाख रुपये का लक्ष्य रखा जा सकता है। ऐक्सिस बैंक में लक्षित राशि इकट्ठी करने के लिए तीन महीने से अधिक और तीन साल से कम निवेश करना पड़ता है। जब आप लक्ष्य तक पहुंच जाते हैं तो आपको खाता बंद करने के लिए ऑनलाइन दरख्वास्त भेजनी पड़ेगी। इस तरह की आरडी में मिलने वाला ब्याज आपके लक्ष्य की राशि और अवधि पर निर्भर करता है। ज्यादातर बैंक इस तरह की योजना में आंशिक निकासी की अनुमति नहीं देते हैं। इस तरह की आरडी योजनाएं ऐसे ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, जो तकनीक को अच्छी तरह जानते-बूझते हैं और ये या तो इंटरनेट बैंकिंग के जरिये दी जाती हैं या मोबाइल फोन ऐप्लिकेशन के जरिये आती हैं। इनमें खाता खोलते समय ग्राहक को तय करना होता है कि उसे कितनी रकम इकट्ठी करनी है और कितने समय के भीतर इकट्ठी करनी है। इसके बाद खाताधारक आसानी से देख सकता है कि उसने कितनी रकम बचा ली है और अपना लक्ष्य हासिल करने में अभी उसे कितना समय लगेगा। ऐक्सिस बैंक में डिजिटल बैकिंग एवं ग्राहक अनुभव के प्रमुख प्रवीण भट्ट बताते हैं, 'हमारी योजना को नई सहस्राब्दी में पैदा हुई पीढ़ी को और उसकी खास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था। यह पीढ़ी बेहद कम अवधि के लक्ष्य बनाने में माहिर है मसलन बाइक खरीदने के लिए रकम बचाना या ऐसी जगह छुट्टी मनाने के लिए बचत करना, जिसका अरमान उन्होंने अरसे पाला है। इसी तरह अपना घर खरीदने के लिए डाउन पेमेंट जमा करने का लक्ष्य भी कई युवाओं का होता है।'
 
ऐक्सिस एसैप में खाता खोलने वाले ग्राहकों ने जो लक्ष्य बताए हैं, उनमें तीन सबसे आम लक्ष्य हैं छुट्टी मनाना, होम लोन के लिए डाउन पेमेंट करना और वाहन खरीदना। एचडीएफसी ड्रीम डिपॉजिट में सबसे ज्यादा तय किए जाने वाले लक्ष्य हैं बच्चों की शिक्षा, विवाह और छुट्टी मनाना। इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक की ऐसी आरडी योजना में मकान की मरम्मत या सजधज कराने के लिए, बच्चों की शिक्षा के लिए और बच्चों के जन्मदिन की दावत के लिए बचत करने वाले ज्यादा हैं।
वित्तीय योजनाकारों की एक सलाह यह भी है कि छोटी अवधि के लक्ष्यों के लिए जोखिम से बचते हुए रकम जमा करना चाह रहे निवेशकों के लिए यह अच्छा विकल्प हो सकता है। पॉजिटिव वाइब्स कंसल्टिंग ऐंड एडवाइजरी के पार्टनर एवं सलाहकार मल्हार मजूमदार कहते हैं, 'अगर छोटी अवधि के लिए निवेश किया जाए तो आरडी, स्थिर जमा (एफडी) या डेट फंड पर मिलने वाले प्रतिफल पर लगभग एकसमान कर लगता है। इनसे होने वाला मुनाफा व्यक्ति की आय में जोड़ दिया जाता है और जिस श्रेणी में वह व्यक्ति आता है, उस श्रेणी के मुताबिक कर वसूल लिया जाता है।' उनका मशविरा यह भी है कि एक साल या तीन साल से कम की अवधि के लिए लक्ष्य तय करने वाले निवेशक आर्बिट्रेज फंडों का रुख भी कर सकते हैं। कर बचाने के मामले में ये फंड बेहतर हैं और पिछले कुछ अरसे में इन पर सालाना 6 फीसदी का प्रतिफल भी मिला है।
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