बिजनेस स?टैंडर?ड - 7,000 स्टार्टअप को होगा तुरंत फायदा
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7,000 स्टार्टअप को होगा तुरंत फायदा

शुभायन चक्रवर्ती और करण चौधरी / नई दिल्ली 02 20, 2019

निवेश बढ़कर दोगुना होने का अनुमान

कॉरपोरेट निवेश के 7 अरब डॉलर पहुंचने की उम्मीद
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है ऐंजल निवेश

बिजनेस स?टैंडर?ड 7,000 स्टार्टअप को होगा तुरंत फायदासरकार द्वारा तथाकथित ऐंजल टैक्स में कई तरह के बदलाव करने से नकदी संकट से जूझ रहीं करीब 7,000 स्टार्टअप कंपनियों को पंख लग सकते हैं। उद्योग संवर्द्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) और उद्योग के सूत्रों के मुताबिक नियमों में ढील से इस साल के अंत तक ऐंजल निवेशकों और स्टार्टअप को सहारा दे रहे छोटे निवेशकों की ओर से करीब 12 अरब डॉलर का निवेश आ सकता है।

स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल फंडों की ओर से लगातार पिछले तीन वर्षों से पड़ रहे दबाव के बाद सरकार ने मंगलवार को कर नियमों में कई बदलाव किए थे और स्टार्टअप उद्योग की अधिकांश मांगों को मान लिया था। सरकार ने 25 करोड़ रुपये तक पूंजी जुटाने वाली स्टार्टअप कंपनियों को कर छूट का दावा करने की अनुमति दे दी। पहले यह राशि 10 करोड़ रुपये थी। साथ ही उन्हें कई अन्य रियायतें भी दी गईं और उद्योग की मांग के अनुरूप स्टार्टअप की परिभाषा भी बदल दी गई। 

डीपीआईआईटी के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक ऐंजल टैक्स के नियमों में बदलाव से अगले छह महीने में करीब 6,700 स्टार्टअप को फायदा होगा। विभाग के पास 16,000 स्टार्टअप पंजीकृत हैं। एक अधिकारी ने कहा, 'शुरुआती आकलन के मुताबिक करीब 7,000 कंपनियों को तुरंत फायदा मिलेगा। आने वाले समय में यह संख्या बढ़ेगी।' डीपीआईआईटी के एक अधिकारी ने कहा कि ऐंजल टैक्स के कारण ऐंजल निवेशक प्रभावित हुए थे जिससे नकदी से जूझ रही छोटी स्टार्टअप कंपनियों के लिए पैसा जुटाना मुश्किल हो रहा था। यह अनुमान स्टार्टअप कंपनियों द्वारा पंजीकरण के समय की गई स्वघोषणा पर आधारित है।

डीपीआईआईटी के मुताबिक नए नियमों के आने से संकट से जूझ रही स्टार्टअप अनिवासी भारतीयों और वैकल्पिक निवेश फंडों से अच्छा खासा निवेश हासिल कर सकती है। इसे 25 करोड़ रुपये की सीमा में शामिल नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्हें भारी भरकम कागजी कार्यवाही से भी निजात मिलेगी। फिनटेक स्टार्टअप चेकबुक के सह संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी विपुल शर्मा ने कहा, 'इससे ऐंजल निवेशकों को अनावश्यक दस्तावेजों और आय कर विभाग से पूछताछ की आंशका की चिंता किए बगैर स्टार्टअप में मेरिट के आधार पर निवेश करने में मदद मिलेगी। हमें उम्मीद है कि इससे बड़ी संख्या में देश और दुनिया के ऐंजल निवेशक आगे आएंगे। साथ ही कराधान और दस्तावेजों पर स्पष्टता से स्टार्टअप का तेजी से आकलन हो सकेगा।' उद्योग के जानकारों के मुताबिक कराधान के जाल में फंसने की आशंका दूर होने से ज्यादा संख्या में धनाढ्य ऐंजल निवेशक बनेंगे। अगर बाजार में स्थिरता रहती है तो स्टार्टअप में निवेश दोगुना हो जाएगा। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक 2018 में ऐंजल निवेशकों ने शुरुआती स्टार्टअप कंपनियों में करीब 5.5 अरब डॉलर का निवेश किया था। कॉरपोरेट निवेश को देखते हुए यह आंकड़ा दोगुना हो सकता है।

आईस्प्रिट के निदेशक (पब्लिक पॉलिसी) नकुल सक्सेना कहते हैं, 'ऐंजल निवेश करने की आशंका अब दूर हो गई है। इसलिए पिछले साल जिस निवेश की योजना बनी थी वह अब होगा। अगर कारोबारी माहौल स्थिर रहता है कि इस साल निवेश की राशि दोगुना पहुंच सकती है। छोटे निवेशकों को पैसा लगाने में कोई दिक्कत नहीं होगी और स्टार्टअप को पैसा जुटाने के लिए इधर-उधर नहीं भागना पड़ेगा। हमारे पास 2,000 से अधिक ऐंजल निवेशक हैं जो छोटे निवेशकों से अलग हैं। कॉरपोरेट निवेश दोगुना होकर कम से कम सात अरब डॉलर पहुंच जाएगा।' उद्योग के जानकारों के मुताबिक कॉरपोरेट निवेश के अलावा अनिवासी भारतीय और धनाढ्य निवेशकों का निवेश भी तीन अरब डॉलर से बढ़कर पांच अरब डॉलर हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले स्टार्टअप पर ऐंजल निवेश के कारण कर बोझ कभी-कभी मूल फंड राशि से भी अधिक पहुंच जाता था। फिनटेक कंपनी ओबोपे के मुख्य कार्याधिकारी शैलेंद्र नायडू ने कहा, 'अब स्टार्टअप ऐंजल टैक्स में छूट के लिए पहले ही सीबीडीटी में आवेदन कर सकते हैं।'

Keyword: startup, company, angel tax,,
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