बिजनेस स्टैंडर्ड - सोने के दाम सर्वोच्च स्तर पर हुए बंद
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सोने के दाम सर्वोच्च स्तर पर हुए बंद

राजेश भयानी / मुंबई February 18, 2019

एशिया में तनाव बढऩे से सोने के दाम अपने सर्वोच्च स्तर के आसपास पहुंच गए हैं। दरअसल भारत-पाकिस्तान और ईरान में आतंकी हमले के बाद कुछ पश्चिमी एशियाई देशों के बीच तनाव बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार 1,324 डॉलर प्रति डॉलर पर हो रहा है। हालांकि मुंबई के जवेरी बाजार में स्टैंडर्ड सोना 33,365 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यह कीमत नवंबर, 2013 के पिछले सर्वोच्च बंद स्तर 33,265 रुपये से अधिक है।  हालांकि दिन के कारोबार के दौरान सोने का कारोबार और अधिक ऊंचे स्तरों पर हुआ। ऊंची कीमतों पर मांग कम है, जिसका संकेत आयात के आंकड़े भी दे रहे हैं। सोने का आयात जनवरी में महज 50 टन रहा और यह भी शादी से संबंधित कुछ खरीद की वजह से। एक महीने पहले सोना आयातित लागत से 200 रुपये प्रति 10 ग्राम कम पर बिक रहा था, लेकिन अब यह स्थिति नहीं है। मुंबई में कीमत आयात लागत के लगभग बराबर है। हालांकि कारोबारियों ने कहा कि कोलकाता में कीमत आयात लागत से 50 रुपये प्रति 10 ग्राम कम है। 
 
इस समय जो लोग गहने खरीद रहे हैं, वे भी पुराने गहनों से नए गहने बनवा रहे हैं। ऊंची कीमतों पर पुराने आभूषणों को बेचने को पहली तरजीह दी जाती है। बाजार से जुड़े लोगों ने कहा कि पिछले सप्ताह जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकी गतिविधियां रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। इससे सोने की तस्करी करना मुश्किल हो गया है। भारत में हर साल 750 से 850 टन सोने का आधिकारिक आयात होता है। पिछले कुछ वर्षों से अवैध आयात में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पिछले तीन वर्षों के दौरान सोने का अवैध आयात हर साल 100-125 टन से अधिक रहने का अनुमान है। वर्ष 2018 में भी 100 टन सोने के अवैध आयात का अनुमान है। आगामी महीनों के दौरान अवैध सोने का आयात करना एक जोखिम होगा। 
 
इंडियन बुलियन ऐंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा, 'अब सोने की तस्करी पर दबाव बढ़ेगा। इसके अलावा एशिया में तनाव से सोने की कीमतें आगे और बढऩे की संभावना है। इस तनाव से रुपये पर दबाव बढ़ेगा, जिससे भारत में सोना और महंगा हो जाएगा।' सोने पर 10 फीसदी आयात शुल्क होने की वजह से पिछले पांच वर्षों से तस्करी अधिक हो रही है। तस्करों को अवैध सोने के भुगतान की खातिर विदेश में डॉलर भेजने के लिए हवाला प्रीमियम के रूप में 3-4 फीसदी राशि खर्च करनी पड़ती है। इसके अलावा भारत में सोना लाने वालों को भुगतान करने के बाद उन्हें 5 फीसदी फायदा मिल रहा है। अब कुछ ऐसे चैनल विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें तस्करी के भुगतान के लिए भारतीय मुद्रा का इस्तेमाल किया जाता है। 
 
एक अन्य सूत्र ने कहा कि दुबई को निर्यात से प्राप्त होने वाली राशि को तस्करी के लिए ऋण के रूप में दिया जाता है। इस ऋण की तब वसूली की जाती है, जब भारत में सोना बिक जाता है। हालांकि ऐसा बहुत सीमित स्तर पर हो रहा है। कुछ मामलों में दुबई नकदी भेजने के लिए पर्यटकों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि यह चैनल पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है। लेकिन रुपये में भुगतान का चैनल विकसित करने में तस्करों की रुचि इसलिए है क्योंकि इससे उनकी डॉलर हवाला भुगतान की लागत बचेगी। इस तरह उन्हें 3 फीसदी अधिक मार्जिन मिलेगा। पिछले दो दिनों के दौरान मुंबई हवाई अड्डे पर सोना पकड़ा जाने के बाद पूछताछ जवेरी बाजार तक पहुंची है। इस घटनाक्रम से यह धारणा मजबूत हुई है कि इस समय कुछ समय के लिए तस्करी सुस्त होने या उत्तर-पूर्वी सीमा पर हलचल बढऩे के आसार हैं। 
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