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शहर के भीतर सामान की आवाजाही आसान बनाती कंपनी

निर्माल्य बेहड़ा /  February 18, 2019

सामान की आवाजाही के लिए रणनीति तैयार करना ना सिर्फ बेहतर परिणाम देता है बल्कि यह ग्राहकों के लिए भी फायदे का सौदा है। भारत में लॉजिस्टिक कारोबार विभिन्न चुनौतियों और अक्षमताओं से त्रस्त है, जिसमें अधिक लागत और ग्राहक का असंतोष तथा नापसंदगी प्रमुख है। एक शहर के भीतर सामान की आवाजाही में भी इसी तरह की समस्याएं विद्यमान हैं। 

बेंगलूरु स्थित 'लेट्स ट्रांसपोर्ट' ने इस चुनौती का सामना करने का फैसला लिया, जो शहर के भीतर सामान पहुंचाने के लिए तकनीक समर्थित लॉजिस्टिक मंच का उपयोग कर रही है। पुष्कर सिंह, सुदर्शन रवि और अंकित पाराशर ने साल 2015 में इसकी स्थापना की थी और कंपनी ने हाल में बर्टेल्समैन इंडिया इन्वेस्टमेंट्सï, फोसन इंटरनैशनल और अन्य निवेशकों से 100 करोड़ रुपये जुटाए हैं।  बर्टेल्समैन इंडिया इन्वेस्टमेंट्सï के प्रबंध निदेशक पंकज मक्कड़ कहते हैं, 'पुष्कर और उनकी टीम क्षेत्र विशेष की गहरी समझ, बेहतर उपाय और उद्यमशीलता उत्साह के दुर्लभ समावेश का उदाहरण है। आपूर्ति पक्ष में बिखराव के समाधान के लिए तकनीक का उपयोग और उसके साथ आर्थिक पक्षों के समावेश को देखने के बाद हमारा मानना है कि कंपनी इस बाजार में एक बेहतर स्थिति में होगी।'

लेट्स ट्रांसपोर्ट ने अभी तक तीन बार की वित्त उगाही में कुल 2 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। कंपनी के निवेशकों में रीब्राइट पार्टनर्स, एनबी वेंचर्स, जीएमओ वेंचर पार्टनर्स और मित्सुई सुमितोमो इंश्योरेंस वेंचर कैपिटल भी शामिल हैं।  

विचार

भारत में मिनी ट्रक कारोबार में एकजुटता के अभाव के चलते किसी भी व्यक्ति के लिए शहर के भीतर सामान की आवाजाही किसी दूसरी आर्थिक गतिविधि के मुकाबले बहुत अधिक खर्चीली है। दूसरी ओर ट्रक चालक काफी आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस अंतर के लिए हालिया कारोबारी तरीके में विद्यमान अक्षमताएं प्रमुख कारण हैं। 

लेट्स ट्रांसपोर्ट एक एग्रीगेटर की तरह काम करती है जो शहर के भीतर सामान का आवाजाही के लिए छोटे ट्रकों की कार्यप्रणाली में सुधार ला रही है। कंपनी का दावा है कि अनुभव और टीम के अथक प्रयासों से तैयार किए गए तकनीक समर्थित ट्रकों का मल्टी-मॉडल नेटवर्क के जरिये ग्राहकों के लिए लागत में कमी आई और ट्रक मालिकों की आय में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। 

स्टार्टअप के सह-संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी पुष्कर कहते हैं, 'शहर के अंदर सामान की आवाजाही के लिए हमारे ग्राहकों की औसत सफलता दर 99 प्रतिशत है। हम उन्हें बाजार में उपलब्ध बेहतर उत्पाद देने में मदद करते हैं जिससे उनकी बिक्री बढ़ती है।' वह दावा करते हैं कि कंपनी का प्लेटफॉर्म उपयोग करने पर छोटे ट्रक ड्राइवरों की आय में रिकॉर्ड 40 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। 

पुष्कर कहते हैं, 'यह एक भरोसेमंद और बेहतरीन वितरण प्लेटफॉर्म है जिसपर कोकाकोला, एमेजॉन, बिगबाजार जैसे बड़े ब्रांड भी भरोसा करते हैं।' वह बताते हैं कि सात शहरों, बेंगलूरु, दिल्ली, चेन्नई, मुंबई, हैदराबाद, पुणे और विजयवाड़ा में कंपनी के पास 20,000 से अधिक ट्रक हैं और यह भारत की सबसे बड़ी मिनी ट्रक एग्रीगेटर है।  

संभावनाएं 

लेट्स ट्रांसपोर्ट उद्योग के 4 प्रमुख स्तंभ (ग्राहक, ई-कॉमर्स, संगठित खुदरा कारोबारी और लॉजिस्टिक एवं वितरण कंपनियां) के साथ मिलकर काम करती है। कंपनी के सह-संस्थापक कहते हैं, 'हम एक मल्टी-इंडस्ट्री प्लेटफॉर्म हैं।' उनका कहना है कि देश में शहरों के भीतर ही सामान की आवाजाही पर सालाना 30 अरब डॉलर खर्च होते हैं। स्टार्टअप की योजना है कि वर्ष 2020 तक उनके बेड़े में करीब 2 लाख मिनी ट्रक हों और 2021 तक उनके कारोबार का विस्तार 20 और शहरों तक हो जाए। कंपनी का लक्ष्य अगले 18-24 महीनों में ब्रेक-ईवन स्थिति में आने का है। कंपनी इस वित्त वर्ष में 100 करोड़ रुपये के करीब राजस्व जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी बाजार में ब्लॉहोर्न, पोर्टर और स्मार्टशिफ्ट जैसी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा कर रही है और उनका दावा है कि वे इस कारोबार में बाजार में अग्रणी हैं। पुष्कर कहते हैं, 'हम किसी भी काम के सफलतापूर्वक हो जाने पर ग्राहक और वाहन चालक, दोनों से कमीशन लेते हैं। हम पिछले दो सालों से सकल लाभ की स्थिति में हैं।'
Keyword: Startups, Banglore, Lets Transport, Delhi, Chennai, Mumbai, Pune, Haidrabad, Vijawada, aggregator, Mini Truck, E-Commerce, Ligistics,
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