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कामगारों के कौशल को निखारती एरुडाइट्स

निर्माल्य बेहड़ा /  February 18, 2019

बीस साल से अधिक का कार्यअनुभव रखने वाले और सीएमए सीजीएम लॉजिस्टिक इंडिया के प्रमुख (भारत) नीलेश विरकर अपने कौशल में विस्तार के लिए एक पाठ्यक्रम की तलाश कर रहे थे, जो उन्हें कारोबार के नए तरीके सिखाने और नवोन्मेष लाने में मदद कर सके। वह कहते हैं, 'मैं एरुडाइट्स के मंच पर उपलब्ध एमआईटी स्लोन एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम इन जनरल मैनेजमेंट (ईपीएमजी) कार्यक्रम जैसा ही कोई पाठ्यक्रम खोज रहा था।' वह बहुत से ऐसे वरिष्ठ अधिकारियों में से एक हैं जिन्होंने मुंबई की एजुकेशन-तकनीक (एड-टेक) स्टार्टअप एरुडाइट्स ग्रुप की एरुडाइट्स एग्जीक्यीटिव एजुकेशन इकाई से कौशल विकास का कोई पाठ्यक्रम चुना है। कंपनी समूह में एरुडाइट्स एग्जीक्यूटिव एजुकेशन के साथ ही इसकी ऑनलाइन इकाई एमेरिट्स शामिल है। 

चैतन्य कलीप्तनपु और अश्विन दमेरा ने साल 2010 में कंपनी की स्थापना की थी। कंपनी ने शीर्ष कार्यकारी अधिकारियों को कौशल विकास के लिए पाठ्यक्रम उलपब्ध कराने के लिए अमेरिका और यूरोप की बहुत सी शीर्ष यूनिवर्सिटी से साझेदारी की है। साथ ही, वे कामगार लोगों के लिए कई छोटे निजी ऑनलाइन कोर्स (एसपीओसी) उपलब्ध करा रहे हैं। 

एरुडाइट्स ग्रुप ने हाल ही में सिक्वॉय इंडिया के नेतृत्व में हुई तीसरे दौर की फंडिंग में 4 करोड़ डॉलर की उगाही की है। समूह में पहले से निवेशक बर्टेल्समैन इंडिया इन्वेस्टमेंट्स ने इस दौर में भी भागीदारी की थी। सिकोया कैपिटल इंडिया एडवाइजर के प्रबंध निदेशक जीवी रविशंकर कहते हैं, 'वैश्विक शिक्षा कारोबार में कौशल विकास और संवद्र्धन सबसे तेजी से बढ़ता क्षेत्र है। यहां कई लोग निजी तौर पर अपनी क्षमता में विस्तार के लिए पाठ्यक्रम का चयन करते हैं और कई बार कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए इस तरह के पाठ्यक्रम में निवेश करती हैं। तकनीक के तेज विस्तार के चलते कौशल संवद्र्धन क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं और एजुकेशन-तकनीक अरबों डॉलर का कारोबार होगा।' हाल में जुटाई राशि का उपयोग कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में नए पाठ्यक्रम लाने के साथ चीन में विस्तार और लैटिन अमेरिका में पैठ बनाने के लिए किया जाएगा।  

संकल्पना 

कंपनी मध्यम और शीर्ष प्रबंधन में काम कर रहे कर्मियों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराती है। कंपनी ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी, एमआईटी, वॉर्टन स्कूल, इनसीड और हॉवर्ड बिजनेस स्कूल जैसी बहुत सी विदेशी यूनिवर्सिटी और बिजनेस स्कूलों से साझेदारी की है। 

दमेरा कहते हैं, 'एरुडाइट्स की मुख्य टीम में शामिल लोग अपने क्षेत्र के प्रशिक्षित कर्मी हैं जो कारोबारी माहौल और काम पर इन पाठ्यक्रमों के प्रभाव को समझते हैं। हम शीर्ष बिजनेस स्कूलों से साझेदारी करके पेशेवर लोगों को कौशल विकास के जरिये लाभ पहुंचाने का प्रयास करते हैं। हमारे प्लेटफॉर्म पर डेटा साइंस, जनरल मैनेजमेंट ऐंड डिजिटल मार्केटिंग जैसे बहुत से कोर्स उपलब्ध हैं।'

वह बताते हैं कि पाठ्यक्रम की समाग्री और प्रशस्ति पत्र सीधे यूनिवर्सिटी से मिलते हैं। इन कोर्स का अवधि 6 माह से लेकर 9 माह तक होती है। इनका शुल्क 18-20 लाख रुपये के करीब होता है। छोटे निजी ऑनलाइन कोर्स की अवधि लगभग दो माह की होती है और इनकी कीमत 75 हजार रुपये से एक लाख रुपये के करीब है। दमेरा कहते हैं, 'हम पहुंच, मार्केटिंग और बेहतर अनुभव पर ध्यान देते हैं। ऑनलाइन कोर्स के साथ हम तकनीक का उपयोग करते हैं। हमरी विश्ष्टिता है, बेहतरीन विश्वविद्यालयों (आईवीवाई लीग) द्वारा दी जाने वाली शिक्षा को कामगार कर्मियों के लिए अधिक सुलभ और सस्ती बनाना।' 
संभानवाएं
कंपनी करीब 280 अरब डॉलर के वैश्विक पेशेवर शिक्षा बाजार में अपनी संभानवाएं तलाश रही है। इस क्षेत्र में दूसरे प्रतिस्पर्धी कोर्सेरा, एडएक्स, यूडेसिटी, अपग्रेड, सिंपलीलर्न आदि हैं। दमेरा कहते हैं, 'हम इस क्षेत्र में 10 करोड़ डॉलर का राजस्व पार करने वाली पहली भारतीय कंपनी होंगी। दूसरी कंपनियों से अलग, हम तीन स्तंभों (स्कूलों से गठजोड़, वैश्विक पेशेवरों की भागीदारी और शिक्षा के उच्च मानदंड़) पर अपना ध्यान केंद्रित रखेंगे।' एरुडाइट्स ने इस वित्त वर्ष में 80 से अधिक देशों से 30,000 पेशेवरों द्वारा कोर्स चयन का लक्ष्य रखा है। कंपनी की योजना है कि वर्ष 2023-24 तक उसका विस्तार 10 गुना बढ़कर 3 लाख पेशेवरों तक और उनका राजस्व 65 करोड़ डॉलर को पार कर जाए। कंपनी के प्लेटफॉर्म पर फिलहाल 50 कोर्स उपलब्ध हैं और एरुडाइट्स अगले 5 सालों में साइबर सुरक्षा, आईटी सुरक्षा, फोरेंसिक ऑडिट, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे विषयों में पाठ्यक्रम के साथ करीब 300 कोर्स लेकर आएगी। 
मुंबई, दिल्ली, बेंगलूरु के अलावा सिंगापुर, दुबई और मेक्सिको सिटी में कंपनी के कार्यालय हैं और वह इस साल के अंत तक ब्राजील और चीन में अपनी उपस्थिति दर्ज करने की योजना बना रही है। प्लेटफॉर्म पर नामांकन कराने वालों में 70 प्रतिशत से अधिक कर्मी अमेरिका से बाहर के हैं। एरुडाइट्स को उम्मीद है कि अगले 12 महीनों में वह यूनीकृर्न समूह में शामिल हो जाएगी।  कंपनी के सह-संस्थापक राजस्व मॉडल पर कहते हैं, 'छात्र हमें ट्यूशन फीस देते हैं। हम इसका एक हिस्सा कोर्स तैयार करने वाली यूनिवर्सिटी को देते हैं। इसकी मार्केटिंग, तकनीक और कार्यक्रम उपलब्ध कराने की लागत हम वहन करते हैं।' 
Keyword: General Management, EPMG, ED-tech, SPOC, MIT, Columbia Univerisitiy, Foreign University, Business School, Digital marketing,
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