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पहचान वाली इमारतों को आधुनिक जरूरतों के मुताबिक बनाने में जुटी वीवर्क

करण चौधरी / नई दिल्ली February 17, 2019

भारत में अपनी अलग पहचान वाले तमाम सिनेमा हॉल, मनोरंजन केंद्र, सामुदायिक स्थल और ऐतिहासिक भवन हैं, जिनमें बदलाव किया जा रहा है। इनमें कुछ पुराने भवनों को कार्यालय में बदलने का काम वैश्विक को-वर्किंग दिग्गज वीवर्क ने अपने हाथ में लिया है। कंपनी बेंगलूरु स्थित देश के पहले 70 मिलीमीटर वातानुकूलित सिनेमाहॉल गैलेक्सी थिएटर, गुडग़ांव के गो-कार्र्टिंग और गुरुग्राम में आर्किड गेम हॉटस्पॉट के रूप में पहचान वाले 32वें माइलस्टोन और मुंबई के बैंडबॉक्स हाउस जैसे पुराने कार्यालय परिसरों को नए दौर के कार्यालयों में तब्दील करने का काम कर रही है।

 

उद्योग जगत के जानकारों के मुताबिक इस तरह की इमारतें ज्यादातर सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (सीबीडी) में खड़ी हैं, जिनके तमाम लिवाल हैं। इसकी वजह यह है कि अन्य प्रमुख स्थलों से यहां आने जाने की बेहतर सुविधा है। इसके साथ ही लीज मूल्य भी कम है। एनॉरॉक के आंकड़ों के मुताबिक सभी प्रमुख को-वर्किंग सौदे 2018 में हुए हैं, जो शहर के सीबीडी इलाकों में हैं। वैश्विक को-वर्किंग दिग्गज वी वर्क ने कई शहरों के प्रमुख स्थानों की बड़ी जगहोंं को पट्टे पर लिया है, जिसमें बेंगलूरु के डोमलूर में 1.2 ला ख वर्गफुट जगह, मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स में 1.9 लाख वर्गफुट जगह, साइबर सिटी गुरुग्राम में 2.2 लाख वर्गफुट जगह सहित कुछ अन्य जगहें शामिल हैं। 

एनॉरॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, 'ज्यादातर अहम इलाकों में कोई खाली जगह नहीं है। वहां गुणवत्ता और नए दौर की जगहों का अकाल है जबकि पुराना आकर्षण बना हुआ है। हम जाने माने पुराने भवनों को नई सुविधाओं से युक्त जगह में बदलकर यह अंतर कम कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में पुराने भवनों के चाक-चौबंद करने का काम भविष्य में और ज्यादा बढ़ सकता है क्योंकि शहरों में और ज्यादा जगह की मांग बढ़ रही है।' 

वीवर्क के रियल एस्टेट के प्रमुख अर्णव गुसाईं के मुताबिक भारत में ऐतिहासिक और पुरानी भवन निर्माण कला वाली तमाम इमारते हैं। कंपनी ने दुयिना भर में तमाम पुराने भवनोंं को आधुनिक साज सज्जा युक्त बनाया है और अब भारत में भी यह किया जा रहा है। कंपनी ने हैदराबाद, पुणे और चेन्नई जैसे शहरों में दांव लगाने की योजना बनाई है, जहां उसे इस तरह की और परियोजनाएं मिलने और ऐतिहासिक भवन निर्माण कला के साथ उसके इस्तेमाल की संभावनाएं नजर आ रही हैं। कंपनी के पास इस समय फिर से विकसित किए गए इन भवनों में 4,000 से ज्यादा डेस्क हैं। 

पुराने सिनेमा घरों में बदलाव करके उन्हें नया बनाकर वीवर्क उन्हें आर्थिक रूप से भी व्यावहारिक बनाने की कवायद करती है। ऐसा इसलिए भी संभव हो पा रहा है क्योंकि ऐसे भवनों का लीज मूल्य कम पड़ता है। कुछ मामलों में तो नई वाणिज्यिक संपत्ति की तुलना में 25 प्रतिशत ही मूल्य है। 

गुसाईं ने कहा, 'प्रति डेस्क मूल्य के निर्धारण में लोकेशन सबसे अहम होता है। जब हम किसी बिजनेस डिस्ट्रिक्ट की वाणिज्यिक संपत्तियों की जगह से तुलना करते हैं तो पहचान वाली पुरानी इमारतों में दरें तुलनात्मक रूप से बाजार भाव से कम होती हैं। यह इमारतें अक्सर शहर के बीचो बीच होती हैं। ऐसे मामलों में, जहां स्थल बेहतर नहीं होता, किराये में अंतर 20-25 प्रतिशत ही आता है।' उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक इन इमारतों के मालिक भी ऐसे बदलाव को प्राथमिकता लेते हैं, जो लागत के हिसाब से बेहतर हो और पुरानी संपत्ति का बेहतर सौदा हो सके, जिसे तमाम कानूनी व मालिकाना विवादों के कारण गिराया नहीं जा सकता है। 

पुरी ने कहा, 'इस तरह की इमारतों को बहाल रखने का पूरा वित्तीय लाभ मिलता है। यह पुराने भवनों के लिए बेहतर सौदा है कि उन्हें ध्वस्त कर खाली जगह पर नई इमारत बनाने के बजाय उन्हें बेहतर कर लिया जाए। इस तरह की इमारतों को चाक चौबंद करने पर इसके हिस्सेदारों की लागत भी उन्हें ध्वस्त कर फिर से बनाने की तुलना में कम आती है। पुरानी इमारत को बनाए रखकर उसका विशेष आकर्षण भी बचाए रखा जा सकता है।' 

वहींं दूसरी ओर बीच शहर में होने की वजह से फर्में बेहतर किराया पा सकती हैं। गुसाईं ने कहा, 'यह सही है कि पुराने और अलग पहचान वाले ढांचे अक्सर शहर की मुख्य सड़कों पर होते हैं और इसकी वजह से किराये के मामले में इन्लें स्थल का लाभ मिलता है।' वीवर्क जैसी फर्र्में इस तरह के भवनों के मालिकों से मिलकर काम कर रही हैं और उन्हें भवन को आग से सुरक्षित बनाने के मानलों के अनुरूप करने व भवन संहिता के अन्य जरूरी मानकों के मुताबिक कर रही हैं। 

वैश्विक रूप से देखें तो वीवर्क के पास न्यूयॉर्क सिटी में कुछ अहम भवन हैं, जिनमें सोहो कास्ट ऑयन डिस्ट्रिक्ट, गंसेवूर्ट मार्केट, वेस्ट चेल्सिया मे जगहें शामिल हैं। गुसाईं ने कहा कि इसके अलावा वीवर्क ने पुरानी भवन निर्माण कलाओं को बहाल रखते हुए लंदन व पेरिस में स्थित भवनों में बदलाव किया है। इनमें वीवर्क का वाटरहाउस स्क्वायर शामिल है। 

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