बिजनेस स्टैंडर्ड - भारत-22 का होगा पुनर्गठन
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भारत-22 का होगा पुनर्गठन

अरूप रायचौधरी / नई दिल्ली February 17, 2019

निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) अपने प्रमुख एक्सचेंज ट्रेडेड फंड भारत-22 ईटीएफ का पुनर्गठन करेगा और इसमें से तीन कंपनियों- नैशनल एल्युमीनियम कंपनी (नालको), इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) की हिस्सेदारी हटाएगा। ईटीएफ से पहले दो शेयर इसलिए हटाए जाएंगे, क्योंकि अगर इनमें से किसी वित्तीय उत्पाद के लिए आगे और पेशकश की जाती है तो नालको और ईआईएल में सरकार की शेयरधारिता 52 प्रतिशत से नीचे हो जाएगी, ऐसा वह नहीं चाहती है। आरईसी को इसलिए हटाया जाएगा, क्योंकि जब पावर फाइनैंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी), आरईसी में से सरकार की हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लेगी तो आरईसी सरकारी कंपनी नहीं रहेगी। 

इसका मतलब यह हुआ कि गुरुवार को भारत 22 ईटीएफ की अतिरिक्त पेशकश, जिससे खजाने में 10,000 करोड़ रुपये आए हैं, वह इसके मौजूदा स्वरूप का अंतिम दौर होगा। 2019-20 में फंड की अगली पेशकश नए बने स्टॉकों से होगी। 

एक अधिकारी ने कहा, 'हमें ईटीएफ के पुनर्गठन की जरूरत होगी। सरकार संपत्ति प्रबंधक (आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल) के साथ मिलकर काम करेगी और देखेगी कि कौन से अन्य पीएसयू ईटीएफ बास्के ट में शामिल किए जा सकते हैं।' पुनर्गठन 2019-20 में होगा। 

भारत-22 ईटीएफ में 6 क्षेत्रों की कंपनियों को शामिल किया गया है। इस बास्केट में नालको, ओएनजीसी, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, कोल इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, ऐक्सिस बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, ग्रामीण विद्युतीकरण निगम, पावर फाइनैंस कॉर्पोरेशन, इंडियन बैंक, आईटीसी लिमिटेड, लार्सन ऐंड टूब्रो, भारत इलेक्ट्रिकल्स, इंजीनियर्स इंडिया, एनबीसीसी, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, एनटीपीसी, गेल इंडिया, एनएचपीसी लिमिटेड, एनएलसी इंडिया और एसजेवीएन लिमिटेड शामिल हैं। आईटीसी, ऐक्सिस बैंक और लार्सन ऐंड टुब्रो सरकारी उपक्रम नहीं हैं, लेकिन सरकार की स्पेसिफाइड अंडरटेकिंग आफ यूनिट ट्रस्ट आफ इंडिया (सूटी) के माध्यम से इसमें हिस्सेदारी  है। 

सरकार ने अब तक 22,900 करोड़ रुपये भारत-22 ईटीएफ के माध्यम से जुटाए हैं। नवंबर 2017 में 14,500 करोड़ रुपये जुटाए गए थे, जबकि जून 2018 में 8,400 करोड़ रुपये जुटाए गए। दीपम ने सूटी के माध्यम से जो 10,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं, वह सरकार के 80,000 करोड़ रुपये विनिवेश लक्ष्य की दिशा में एक कदम है। 

Keyword: ETF, DIPAM, , LALCO, IIL, REC, Power Finance Corporation, PFC, Company, ICICI Prudential,
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