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एडलवाइस मामले में एडीएजी को नहीं मिली अंतरिम राहत

देव चटर्जी / मुंबई February 13, 2019

बंबई उच्च न्यायालय ने आज एडलवाइस मामले में अनिल अंबानी समूह की प्रवर्तक कंपनियों को अंतरिम राहत देने से इनकार किया। समूह ने न्यायालय में एक याचिका दायर कर एडलवाइस फाइनैंशियल सर्विसेज को समूह के गिरवी शेयरों को भुनाने से रोकने की गुहार लगाई थी। हालांकि न्यायालय ने अनिल अंबानी समूह की कंपनियों की ओर से दायर याचिका को स्वीकार कर लिया। 

अनिल अंबानी समूह की कंपनियों- रिलायंस विंड टरबाइन इंस्टॉलेशंस इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और रिलायंस पावर वेंचर्स ऐंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड- ने अपनी याचिका में कहा है कि उसके शेयरों को 'गैरकानूनी' तरीके से बेचे जाने के लिए एडलवाइस उसे 2,700 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति करे।

अनिल अंबानी समूह ने 8 फरवरी को कहा था कि एलऐंडटी फाइनैंस और एडलवाइस ग्रुप की कुछ कंपनियों ने एडीएजी समूह के सूचीबद्ध गिरवी शेयरों को भुनाया। समूह ने कहा है कि फरवरी के आरंभ में उसके करीब 400 करोड़ रुपये मूल्य के गिरवी शेयरों की खुले बाजार में बिक्री की गई। समूह ने कहा कि एडलवाइस द्वारा जानबूझकर की गई इस गैरकानूनी शेयर बिक्री से एडीएजी समूह के बाजार पूंजीकरण को महज चार दिनों में 13,000 करोड़ रुपये का झटका हुआ। इससे शेयरधारकों को काफी नुकसान हुआ। बंबई उच्च न्यायालय में यह याचिका केवल एडलवाइस के खिलाफ दायर की गई है।

एडीएजी समूह ने कहा कि गिरवी शेयरों को भुनाने के अधिकार का इस्तेमाल करना अवैध और ज्यादती है और यह उधारी दस्तावेज की आवश्यक प्रक्रिया एवं शर्तों के खिलाफ है। उसने कहा है, 'खुले बाजार में जिस तरीके से यह बिक्री की गई है और प्रवर्तक समूह की हिस्सेदारी वाले शेयरों को बोली या उपयुक्त प्रक्रिया के बिना बाजार में बेचा गया, यह भी कई मायनों में अवैध है। इसमें कीमत को जानबूझकर बढ़ाना, भेदिया कारोबार आदि सेबी के कई प्रावधानों का उल्लंघन शामिल है।' समूह ने बाजार नियामक सेबी से भी एडलवाइस के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया था।

सूत्रों के अनुसार, एडलवाइस ने अदालत में कहा कि उसने मार्जिन में गिरावट और उसके कारण गिरवी शेयरों के मूल्यांकन में गिरावट की चिंता में कई बार एडीएजी ग्रुप से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उसे कोई उपयुक्त जवाब नहीं मिला। एडलवाइस का शेयर आज 3.5 फीसदी गिरावट के साथ 127 रुपये पर बंद हुआ।

इस बीच, निजी बैंकों और म्युचुअल फंडों सहित लेनदारों ने अनिल अंबानी के नियंत्रण वाले रिलायंस समूह की प्रवर्तक कंपनियों को उनके 6,000 करोड़ रुपये के ऋण की सुरक्षा के लिए और अधिक गिरवी रखने के लिए कहा है।  

Keyword: edelweiss, Mutual Fund, Private Bank, Reliance Group, Evaluation, Bombay High Court,
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