बिजनेस स्टैंडर्ड - जीएसटी राजस्व साझा करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी
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जीएसटी राजस्व साझा करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी

अभिषेक वाघमारे / नई दिल्ली 02 12, 2019

सीएजी रिपोर्ट सामने आई

राज्यों को एकीकृत जीएसटी का हस्तांतरण कानून के प्रावधानों के मुताबिक नहीं किया गया 

मंत्रालयों द्वारा व्यय में बचत 'त्रुटिपूर्ण बजटिंग का परिचायकÓ, अनाज वितरण, आपदा प्रबंधन, यूरिया पर धन नहीं हुआ खर्च 

देश की उच्च शिक्षा के वित्तपोषण के लिए एकत्र किए गए करीब 94,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल उस मकसद के लिए नहीं हुआ

बिजनेस स्टैंडर्ड जीएसटी राजस्व साझा करने की प्रक्रिया में गड़बड़ीनियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने 2017-18 में राज्यों को जिस तरीके से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व हस्तांतरित किया गया, उसके तरीके में खामियां उजागर की हैं। रिपोर्ट मेंं कहा गया है कि राज्यों को एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) का हस्तांतरण कानून के प्रावधानों के मुताबिक नहीं किया गया है, जो वस्तुओं और सेवाओं की एक राज्य से दूसरे राज्य में आपूर्ति और आयात पर लिया जाता है। 

आईजीएसटी कानून में आईजीएसटी राजस्व को केंद्र व राज्य सरकारों के बीच बंटवारे का प्रावधान किया गया है,जो प्रत्येक को करीब 50 प्रतिशत मिलता है। इसके अलावा केंद्र को जब कर प्राप्तियां मिलती हैं, उसमें से 42 प्रतिशत 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के मुताबिक राज्यों को हस्तांतरित करना पड़ता है। 

बजट दस्तावेजोंं में दिखाया गया है कि 2017-18 के आखिर में 1.77 लाख करोड़ रुपये आईजीएसटी का आवंटन ही नहीं हुआ। सीएजी ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए केंद्र सरकार के वित्त पर दी गइईरिपोर्ट में कहा है कि आईजीएसटी में से 68,000 करोड़ रुपये राज्यों को हस्तांतरित किया गया। यह आईजीएसटी की शेष राशि का 38.5 प्रतिशत होता है। सीएजी ने राशि पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन नैशनल ऑडिटर ने प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाया है, जिसके माध्यम से इसका हस्तांतरण किया गया। उसने कहा है कि यह कानून का उल्लंघन था। वित्त वर्ष 2017-18 के केंद्र सरकार के वित्त पर दी गई रिपोर्ट में कहा गया है, 'भारत सरकार अपनी हिस्सेदारी सही रखने और केवल केंद्र की हिस्सेदारी का बंटवारा करने की जरूरत है। आईजीएसटी का शेष 50 प्रतिशत राज्यों को कानून के मुताबिक दिया जाना चाहिए।' 

एक वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने कहा, 'आईजीएसटी अधिनियम में आईजीएसटी के हस्तांतरण की अनुमति जैसा कुछ नहींं है। इसमें केंद्र व राज्य सरकारों के बीच इसकी अदायगी का प्रावधान है। अब केंद्र सरकार को कितना हिस्सा मिलता है, यह सिर्फ वित्त आयोग के प्रावधानों के मुताबिक ही हो सकता है।'  सूत्र ने कहा कि राज्यों को आईजीएसटी का हस्तांतरण स्वत: स्फूर्त किया गया। पहले के साल के बजट में सरकार ने कहा था कि आईजीएसटी के आवंटित नहीं हुए हिस्से को राज्यों के बीच बराबर बांटा जाएगा। 

नैशनल ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देश की उच्च शिक्षा के वित्तपोषण के लिए एकत्र किए गए करीब 94,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल उस मकसद के लिए नहीं हुआ। आगे इसमें कहा गया है कि विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने अपना व्यय घटाकर 2.5 लाख करोड़ रुपये बचाए। रिपोर्ट में कहा गया है, 'इस तरह की बचत से न सिर्फ खराब बजटिंग के संकेत मिलते हैं, बल्कि कर से प्राप्त संसाधनों के अनावश्यक आवंटन का पता चलता है, जिससे अर्थव्यवस्था के जरूरतमंद क्षेत्रों को धन नहीं मिल सका।' 

गरीबों के लिए अनाज वितरण, आपदा प्रबंधन के लिए राज्यों को हस्तांतरण, ग्रामीण स्थानीय निकायों को अनुदान, स्वच्छ भारत मिशन और यूरिया सब्सिडी में सबसे ज्यादा बचत हुई है। 

Keyword: CAG, Budget, GST, Goods and service tax, Goods, Services, State, Center, IGST, Finance Commission,
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