बिजनेस स्टैंडर्ड - ज्यादा ऊर्जा उपलब्धता की ओर भारत
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ज्यादा ऊर्जा उपलब्धता की ओर भारत

अमृता पिल्लई / नई दिल्ली 02 11, 2019

बढ़ेगी ऊर्जा की मांग

पेट्रोटेक 2019 में प्रधानमंत्री ने कहा कि तेल मूल्य निर्धारण जिम्मेदारी से हो, उपभोक्ता-उत्पादक दोनों के हितों का संतुलन जरूरी
मोदी ने कहा कि लंबे समय से कच्चे तेल के दाम में बड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया है। ऐसे में जरूरी है कि दाम जिम्मेदारी के साथ तय हों जिसमें उत्पादक और उपभोक्ता दोनों के हितों के बीच संतुलन बना रहे
मोदी ने उम्मीद जताई कि देश में ज्यादा एफडीआई आकर्षित किया जा सकेगा
सऊदी अरामको, एडीएनओसी, टोटल, एक्सॉन-मोबिल, बीपी और शेल जैसी कंपनियां मूल्य शृंखला में अपना निवेश बढ़ाने को इच्छुक
हाल के महीनों में कच्चे तेल के दाम में काफी उतार- चढ़ाव आया है जिससे दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं के समक्ष समस्याएं खड़ी हुई हैं

बिजनेस स्टैंडर्ड ज्यादा ऊर्जा उपलब्धता की ओर भारतप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोटेक 2019 सम्मेलन में कहा कि सौभाग्य और उज्ज्वला जैसी योजनाओं के माध्यम से देश अब ज्यादा ऊर्जा उपलब्धता के चरण में प्रवेश कर रहा है। मोदी ने कहा, 'हम ज्यादा ऊर्जा उपलब्धता के दौर में प्रवेश कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'ऊर्जा तक पहुंच के मामले में भारत आगे निकल गया है। लेकिन विश्व में 1 अरब से ज्यादा लोगों तक अभी भी बिजली नहीं पहुंची है। इससे कहीं ज्यादा लोगों के पास स्वच्छ रसोई ईंधन नहीं है।' 

मोदी ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत महज 3 साल में 64 करोड़ से ज्यादा मकानों में रसोई गैस कनेक् शन दिए गए हैं। इस योजना का मकसद भारत के सभी मकानों में स्वच्छ रसोई गैस ईंधन मुहैया कराना है। मोदी ने कहा कि भारत की ऊर्जा न्याय में हिस्सेदारी अहम है। उन्होंने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि ऊर्जा की उपलब्धता की समस्या का उचित समाधान होगा। लोगों को स्वच्छ, सस्ती, टिकाई और सही मात्रा में ऊर्जा की आपूर्ति हो सकेगी।' सबके लिए बिजली मुहैया कराने के लिए भारत में चलाई गई सौभाग्य योजना का मकसद देश के 100 प्रतिशत मकानों का विद्युतीकरण है। 

मोदी ने यह भी उम्मीद जताई कि देश में ज्यादा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सकेगा। उन्होंने उद्घाटन भाषण में कहा, 'सऊदी अरामको, एडीएनओसी, टोटल, एक्सॉन-मोबिल, बीपी और शेल जैसी कंपनियां मूल्य शृंखला में अपना निवेश बढ़ाने को इच्छुक हैं।' मोदी ने कहा कि ऊर्जा कंपनियों के लिए भारत आकर्षक बाजार बना हुआ है, और उम्मीद है कि 2040 तक भारत में ऊर्जा की मांग बढ़कर दोगुने से ज्यादा हो जाएगी। 

देश की तेल शोधन क्षमता डाउनस्ट्रीम सेक्टर में उदारीकरण और बाजार से संचालित ऑटो ईंधन के दाम से आगे और बढऩे की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने कहा, 'तेल शोधन क्षमता में भारत विश्व में चौथे स्थान पर है। यह आगे और बढ़कर 2030 में करीब 20 करोड़ टन हो जाएगा।' मोदी ने जिम्मेदारी के साथ तेल के दाम के निर्धारण की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'तेल और गैस दोनों ही मामलों में हमें पारदर्शी और लचीले बाजार की ओर बढऩे की जरूरत है।' 

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत एक बड़ा विश्वसनीय ईंधन की खपत करने वाला देश है। उन्होंने कहा, 'हम तेल आपूर्तिकर्ताओं को भारत को लेकर मनाने में सफल रहे हैं, साथ ही उपभोक्ता देश के रूप में हमारी दायित्वपूर्ण और जवाबदेह मूल्य की अपेक्षा तार्किक है।' मोदी ने कहा कि ऊर्जा की आपूर्ति, उसके स्रोत और खपत में बदलाव आ रहा है. उन्होंने कहा, 'ऊर्जा की खपत पश्चिम से पूरब की ओर शिफ्ट कर रही है। शेल क्रांति के बाद अमेरिका सबसे बड़े तेल और गैस उत्पादक के रूप में उभरा है।' 

इन बदलावों में से कुछ का उल्लेख करते हुए प्रधान ने अपने भाषण के दौरान कहा कि ओईसीडी देशों से ऊर्जा की खपत विकासशील एशिया की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा, 'इलेक्ट्रिक वाहन भी खपत के तरीकों में बदलाव करेंगे। सस्ते सौर पीवी की हिस्सेदारी बढ़ रहा है, इससे कार्बन फूटप्रिंट बढ़ाने में मदद मिलेगी।' ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकनॉमिक कोऑपरेशन ऐंड डेवलपमेंट (ओईसीडी ) में मुख्य रूप से विकसित देश शामिल हैं। 

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