बिजनेस स्टैंडर्ड - भारत में हाइड्रोकार्बन की मांग स्थिर रहने का अनुमान
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, June 19, 2019 09:05 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

भारत में हाइड्रोकार्बन की मांग स्थिर रहने का अनुमान

अमृता पिल्लई / नई दिल्ली February 10, 2019

भारत में अक्षय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र के बढऩे से ऊर्जा के इस्तेमाल में बदलाव आने की उम्मीद है, लेकिन तेल विपणन कंपनियों, तेल एवं गैस उत्पादकों न नीति निर्माताओं को भरोसा है कि भारत में हाइड्रोकार्बन की मांग स्थिर बनी रहेगी। रविवार को आयोजित पेट्रोटेक 2019 सम्मेलन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सम्मेलन में उद्योग के विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया। 

पेट्रोलियम ऐंड नैचुरल गैस, इंडिया के भारत के सचिव एमएम कुट्टी ने कहा, 'भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थïव्यवस्था बना रहेगा और ऊर्जा की जरूरतें भी आने वाले दशकों में बढ़ेंगी।' उन्हें उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक वाहनों में तेजी के बावजूद  हाइड्रोकार्बन, मोटर स्प्रिट और गैस की अहम भूमिका बनी रहेगी। 

तेल उत्पादक समुदाय के प्रतिनिधियों के भी यही विचार हैं। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में दो अंकों की वृद्धि दर होने के बारे में पूछे जाने पर तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शशि शंकर ने कहा, 'प्रतिशत के हिसाब से संख्या ज्यादा नजर आ रही है, लेकिन कुल आंकड़ों को देखें तो अलग तस्वीर नजर आएगी। हम इसके बारे में बहुत नहीं जानते, लेकिन हम यह महसूस कर सकते हैं कि स्थिति चुनौतीपूर्ण है।' 

तेल शोधन कंपनियों के मुताबिक तेल एवं गैस उद्योग ऊर्जा कुशलता बढऩे की वजह से भी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजीव सिंह ने कहा, 'भरात में ऊर्जा कुशलता और कारोबारी मॉडल की दिशा में बड़ा बदलाव हो सकता है। हम परिवहन क्षेत्र में होने वाले किसी बदलाव की उपेक्षा नहीं कर सकते। वे हमारी मांग को प्रभावित करते हैं।' सिंह ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कम तेल खपत वाले इंजन आने और उसकी वजह से तेल की खपत कम होने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

कतर गैस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी खालिद बिन खलीफा अल थानी ने तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) कंपनी के विस्तार की योजनाओं का हवाला देते हुए कहा, 'मुझे नहीं लगता कि यह पर्याप्त है। मुझे लगता है कि दुनिया में गैस की मांग और बढ़ेगी।' कतर गैस को उम्मीद है कि वह अपनी मौजूदा क्षमता 7.7 करोड़ टन को 2024 तक बढ़ाकर 10 करोड़ टन कर लेगी। उन्होंने कहा कि यदि विश्व में कहीं मांग में परिवर्तन होता है तो हमें लगता है कि विशेषकर जीवाश्म ईंधन के संबंध में यह भारत में होगा। उन्होंने कहा कि भारत को बुनियादी संरचना विकसित करने की आवश्यकता है ताकि देश के हर हिस्से में स्वच्छ ईंधन पहुंचाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ साथ विकास और नीतिगत समर्थन के कारण भारत इस उत्पाद को वस्तु एवं सेवा कर के दायरे में ला सकता है। अल-थानी ने कहा कि एलएनजी को जीएसटी के सारे फायदे मिलने चाहिए। हम इस बाबत सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। 

गेल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक बीसी त्रिपाठी को भी उम्मीद है कि ऊर्जा बास्केट में बदलाव होगा और अक्षय ऊर्जा व गैस का हिस्सा बढ़ेगा। 
Keyword: India, Renewable Energy, Electric Vehicle, Hydrocarbon, Industry, Economy, Petroleum, Natural Gas, Oil, ONGC,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या जेट एयरवेज को एनसीएलटी में मिल जाएंगे खरीदार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.