बिजनेस स्टैंडर्ड - झींगा निर्यात में प्रतिस्पर्धियों से आगे भारत
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झींगा निर्यात में प्रतिस्पर्धियों से आगे भारत

निर्माल्य बेहड़ा / भुवनेश्वर February 10, 2019

कैलेंडर वर्ष 2018 के दौरान वैश्विक झींगा व्यापार के दामों में गिरावट रहने से भारत ने निर्यात वृद्धि दर के मामले में सभी प्रतिस्पर्धी देशों को पीछे छोड़ दिया है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के अंतर्गत आने वाली इकाई ग्लोबफिश की एक रिपोर्ट बताती है कि 2018 में जनवरी से जून तक देश ने 2,41,200 टन झींगा निर्यात करते हुए 21.7 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की है। भारत के झींगा निर्यात की वृद्धि दर प्रमुख निर्यातकों - इक्वाडोर और इंडोनेशिया से बेहतर रही है। इन दोनों ने 14-14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। वियतनाम ने इस समीक्षाधीन अवधि के दौरान झींगा निर्यात में केवल आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। 2017 की पहली छमाही की तुलना में 2018 की समान अवधि में दुनिया के शीर्ष भागीदारों ने भारत, वियतनाम, इक्वाडोर, इंडोनेशिया और थाईलैंड से निर्यात बढ़ाया। हालांकि 2018 की दूसरी तिमाही में इन देशों की वृद्धि दर पहली तिमाही की तुलना में धीमी रही है। भारत से चीन को किया जाने वाला निर्यात कैलेंडर वर्ष 2018 के पहले छह महीने के दौरान बढ़कर 13,900 टन हो गया। वर्ष 2017 की इसी अवधि की तुलना में इसमें 181 प्रतिशत का इजाफा हुआ।

इसके उलट इसके दो प्रमुख बाजारों - अमेरिका और वियतनाम को किए जाने वाले निर्यात की वृद्धि दर 2017 की समान अवधि की तुलना में गिरकर क्रमश: 35 प्रतिशत से 14 प्रतिशत और 58 प्रतिशत से 35 प्रतिशत रह गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि एशिया में झींगा पालकों ने अप्रैल के बाद से वनामई झींगा का उत्पादन में कमी कर दी है। खासतौर पर चीन, भारत और थाईलैंड में ऐसा हुआ है। दरअसल कम कीमतों ने उत्पादन को लाभहीन बना दिया था। किसानों की मदद के लिए भारत सरकार ने झींगा पालन के लिए बिजली पर शुल्क घटा दिया था। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपये से भी निर्यातकों का बोझ कम हुआ।

ग्लोबफिश ने कहा है कि जहां एक ओर किसानों की कुल आय में गिरावट आई है वहीं दूसरी ओर कई किसान उत्पादन कम करने को मजबूर हो गए। विशेष रूप से भारत के दक्षिणी राज्यों में जहां प्रसंस्करण करने वालों को पश्चिम बंगाल तक से कच्चा माल लाना पड़ता था। इक्वाडोर, इंडोनेशिया और वियतनाम का 2018 में उत्पादन क्रमश: करीब 5,00,000 टन, 5,50,000 टन और 6,00,000 टन रहेगा जबकि भारतीय उत्पादन 6,00,000 टन से नीचे रह सकता है। 

Keyword: calendar year, Shrimp, Indonesia, ecuador, UN, Agriculture, Globefish,
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