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खुदरा निवेशकों को लगा झटका

दीपक कोरगांवकर और पुनीत वाधवा / मुंबई/नई दिल्ली February 06, 2019

पिछले छह महीनों के दौरान बाजार में खुदरा निवेशकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। पिछले छह महीने के दौरान खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी में 1 फीसदी अथवा इससे अधिक की वृद्धि वाले एसऐंडपी बीएसई ऑल-कैप सूचकांक की 219 कंपनियों के शेयरधारिता पैटर्न के विश्लेषण से पता चलता है कि इस अवधि के दौरान उनके शेयर मूल्य में 88 फीसदी तक की गिरावट आई है। एसऐंडपी बीएसई ऑल-कैप सूचकांक बंबई स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध 97 फीसदी बाजार पूंजीकरण का प्रतिनिधित्व करता है।

 
येस बैंक, डीएचएफएल, शंकरा बिल्डिंग प्रोडक्ट्ïस, प्रभात डेयरी, दीपक फर्टिलाइजर्स ऐंड केमिकल्स, इंडियाबुल्स रियल एस्टेट, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम), अबान ऑफशोर और दिलीप बिल्डकॉन जैसे शेयरों में जुलाई 2018 के बाद 40 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। इनमें से अधिकतर शेयर बाजार में नकारात्मक खबरों और कमजोर वित्तीय नतीजों के कारण दबाव में रहे। इन 219 कंपनियों का एकीकृत बाजार पूंजीकरण 27 फीसदी गिरावट के साथ 6 फरवरी 2019 को 6,58,895 करोड़ रुपये रहा। इसके मुकाबले बेंचमार्क एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स में 4.3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई जबकि एसऐंडपी बीएसई मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमश: 7 फीसदी और 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
 
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक जी चोकालिंगम ने कहा, 'अधिकतर खुदरा निवेशकों की संपत्ति में एवरेजिंग के कारण गिरावट दिख रही है। अधिकतम स्तर पर खरीदारी करने और बाजार में गिरावट के दौरान होल्डिंग लागत घटाने  अथवा औसत करने की कोशिश करना अच्छी रणनीति नहीं है। निवेश करने से पहले आपको मूल्यांकन, प्रवर्तकों की साख और कारोबारी मॉडल पर अवश्य ध्यान देना चाहिए।' आरकॉम का शेयर बीएसई पर बुधवार को दिनभर के कारोबार के दौरान 4.85 रुपये प्रति शेयर के अपने सर्वाधिक निचले स्तर तक लुढ़क गया। इस दूससंचार सेवा प्रदाता का शेयर आज 5.50 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी द्वारा दिवालिया प्रक्रिया का विकल्प चुनने के बाद पिछले तीन दिनों में यह शेयर 53 फीसदी तक लुढ़क चुका है। कंपनी में खुदरा निवेशकों ने क्रमिक आधार पर अपनी हिस्सेदारी 1.4 फीसदी बढ़ाकर दिसंबर 2018 में 22.8 फीसदी कर लिया था। डीएचएफएल में भी खुदरा निवेशकों की शेयरधारिता में सितंबर तिमाही के बाद 7.2 फीसदी की वृद्धि हुई लेकिन बाजार में नकारात्मक खबरों के कारण 29 जून 2018 से अब तक यह शेयर 81 फीसदी लुढ़क चुका है। आईडीबीआई कैपिटल के अनुसंधान प्रमुख एके प्रभाकर ने कहा, मौजूदा बाजार परिदृश्य के मद्देनजर मुझे नहीं लगता है कि इन शेयरों में कोई खास सुधार होगा।
Keyword: share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
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