बिजनेस स्टैंडर्ड - एक साल तक वैध रहेगी ईडी की जब्ती
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, January 29, 2022 06:44 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

एक साल तक वैध रहेगी ईडी की जब्ती

श्रीमी चौधरी / नई दिल्ली 02 05, 2019

बदलेंगे नियम

पीएमएलए के तहत अब तक जब्त संपत्तियों की वैधता अवधि 90 दिन थी जिसे बढ़ाकर 12 महीने कर दिया गया है
अंतरिम बजट में पीएमएलए में संशोधन का प्रस्ताव

बिजनेस स्टैंडर्ड एक साल तक वैध रहेगी ईडी की जब्तीप्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जब्त की गई आर्थिक अपराधियों की परिसंपत्तियां एक साल तक वैध रहेंगी। यानी इस दौरान इन परिसंपत्तियों का हस्तांतरण या परिसमापन नहीं हो सकता। धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत प्रस्तावित नए प्रावधान में यह बात कही गई है। धन शोधन की रोकथाम से जुड़े मौजूदा प्रावधानों के तहत जब्त या कुर्क की गई परिसंपत्तियों की वैध अवधि 90 दिन है लेकिन एक फरवरी को पेश 2019-20 के अंतरिम बजट में इस अवधि को बढ़ाकर 365 दिन करने का प्रस्ताव है। सरकार के इस कदम से ईडी जैसी जांच एजेंसी को सबूत इकट्ठा करने और आर्थिक अपराधी का जुर्म साबित करने के लिए ज्यादा समय मिल जाएगा। 

ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि यह नियम भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर भी लागू होगा। अभी विभाग के अधिकारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी तथा विजय माल्या जैसे भगोड़े आर्थिक अपराधियों से जुड़ी परिसंपत्तियों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से अपने कब्जे में ले रहे हैं। नीरव मोदी और चोकसी 140 अरब रुपये के पंजाब नैशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रमुख आरोपी हैं जबकि माल्या पर भारतीय बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज है। ईडी पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके पुत्र कार्ती के खिलाफ भी आईएनएक्स मीडिया मामले में पीएमएलए के तहत जांच कर रहा है। कार्ति चिदंबरम की परिसंपत्तियों को हाल ही में कुर्क किया गया है। 

पहले ईडी को किसी आर्थिक अपराधी की परिसंपत्तियों पर कब्जा करने के बाद 90 दिन के भीतर उसके खिलाफ मुकदमा चलाने की कार्रवाई शुरू करनी पड़ती थी। इस दौरान कुर्क की गई संपत्ति का हस्तांतरण, परिसमापन, निस्तारण या कोई और इस्तेमाल नहीं हो सकता है जब तक कि विशेष रूप से ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जाती है।  ईडी के वकील हितेन वेणेगांवकर ने कहा, 'प्रस्तावित संशोधन से पीएमएलए के तहत ईडी को अपनी जांच मजबूत करने का मौका मिलेगा और एजेंसी को केवल कुर्क परिसंपत्ति को बचाने के लिए जल्दबाजी में निचली अदालत में मुकदमा नहीं चलाना पड़ेगा। इससे आर्थिक अपराधियों को भी कानून में तय समयसीमा का फायदा उठाने का मौका नहीं मिलेगा।'

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधन पीएमएलए के उद्देश्यों के दायरे में है जिसमें काले धन से खरीदी गई संपत्ति और अवैध धन को जब्त करने की बात कही गई है। वित्त विधेयक के 22वें प्रावधान में पीएमएलए कानून, 2002 की धारा आठ की उपधारा तीन में संशोधन का प्रस्ताव है। इसमें यह प्रावधान भी किया गया है कि अदालतों द्वारा लगाई गई रोक का समय इस समयावधि में शामिल नहीं होगा।

Keyword: ed, PMLA,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या एनएआरसीएल शुरू होने से बैंकों को फंसे कर्ज से मिलेगी निजात?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.