बिजनेस स्टैंडर्ड - अंतरिम लाभांश के लिए ऑडिट
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अंतरिम लाभांश के लिए ऑडिट

सोमेश झा / नई दिल्ली 02 05, 2019

... बदलेगा खातों के ऑडिट का तरीका

अंतरिम लाभांश की राशि तय करने के लिए 18 फरवरी को होगी निदेशक मंडल की बैठक
अब तक तिमाही आधार पर होता था आरबीआई के खातों की सांविधिक ऑडिट
आगे से छमाही ऑडिट की व्यवस्था को नियमित कर सकता है आरबीआई
आरबीआई के पास करीब 56,000 करोड़ रुपये का अधिशेष है

बिजनेस स्टैंडर्ड अंतरिम लाभांश के लिए ऑडिटभारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपने बहीखातों का छमाही ऑडिट करा रहा है ताकि यह तय किया जा सके कि केंद्र सरकार को बतौर अंतरिम लाभांश कितनी रकम दी जा सकती है। आम तौर पर आरबीआई के खातों का ऑडिट तिमाही आधार पर होती है लेकिन यह पहला मौका है जब शीर्ष बैंक बोर्ड-स्तरीय सांविधिक ऑडिट कर रहा है। आरबीआई के सूत्रों ने बताया कि जुलाई से दिसंबर की अवधि के लिए केंद्रीय बैंक के खातों का ऑडिट अभी चल रहा है और इसके निदेशक मंडल की लेखा समिति जल्द ही इसे मंजूरी देने के लिए बैठक करेंगे।

इस बारे में केंद्रीय बैंक का पक्ष जानने के लिए आरबीआई के प्रवक्ता को ईमेल भेजा गया लेकिन कोई जवाब नहीं आया। जुलाई-जून अवधि में उपलब्ध मुनाफे के आधार पर सालाना ऑडिट से पहले छमाही ऑडिट की जा रही। जुलाई-जून को आरबीआई अपना वित्त वर्ष मानता है। सूत्रों ने कहा, 'यह पहला मौका है जब आरबीआई की लेखा समिति द्वारा खातों की छमाही ऑडिट हो रही है। आरबीआई अब मुनाफा निर्धारित करने के लिए नियमित तौर पर छमाही ऑडिट करा सकता है।' आरबीआई के एक पूर्व गवर्नर ने कहा कि छमाही आधार पर खातों के ऑडिट की व्यवस्था बीते समय में की जाती थी लेकिन छमाही सांविधिक ऑडिट कभी नहीं की गई थी।

आरबीआई ने बजट के बाद आयोजित होने वाली परंपरागत बैठक अब 18 फरवरी को आयोजित करने का निर्णय लिया है। पहले यह बैठक 9 फरवरी को निर्धारित की गई थी। कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल इस बैठक को संबोधित करेंगे।  आरबीआई ने 'आर्थिक पूंजी ढांचा' में फेरबदल करने के लिए अपने पूर्व गवर्नर विमल जालान की अध्यक्षता में दिसंबर में एक समिति गठित की थी। यह समिति के गठन का मकसद यह तय करना है हि आरबीआई के पास कितनी अधिशेष पूंजी रह सकती है। हालांकि सूत्रों ने कहा कि फिलहाल अंतरिम लाभांश पुराने ढांचे के आधार पर ही दिया जाएंगा। यह समिति अप्रैल में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। 

1 फरवरी को वित्त वर्ष 2019-20 का बजट पेश होने के तुरंत बाद आर्थिक मामलों के सचिव एस सी गर्ग ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार आरबीआई से 28,000 करोड़ रुपये लाभांश मिलने की उम्मीद कर रही है।  2018-19 में केंद्र सरकार को केंद्रीय बैंक से लाभांश के रूप में 40,000 रुपये रकम मिली है। अंतरिम बजट में आरबीआई, राष्ट्रीयकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 2019-19 के लिए मिलने वाली लाभांश की राशि 54,817 करोड़ रुपये से संशोधित कर 74,140 करोड़ रुपये कर दी है। आरबीआई के पास उपलब्ध अधिशेष रकम करीब 56,000 करोड़ रुपये है।

एमपीसी की बैठक शुरू गुरुवार को निर्णय

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक मंगलवार को मुुंबई में शुरू हुई और द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा गुरुवार को जारी की जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि महंगाई के लगातार निचले स्तर पर बने रहने के कारण समिति अपने नीतिगत रुख को तटस्थ कर सकता है। लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और राजकोषीय चुनौतियों के चलते नीतिगत दरों में बदलाव की संभावना नहीं है। बैठक की अध्यक्षता आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास कर रहे हैं। 
Keyword: RBI, audit, MPC,,
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