बिजनेस स्टैंडर्ड - दूसरे खेलों में भी हाथ आजमाने को तैयार यू मुंबा
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दूसरे खेलों में भी हाथ आजमाने को तैयार यू मुंबा

उर्वी मलवाणिया /  02 04, 2019

बढ़ता दायरा

बिजनेस स्टैंडर्ड दूसरे खेलों में भी हाथ आजमाने को तैयार यू मुंबाऐसे देश में जहां केवल क्रिकेट को ही तवज्जो मिलती हो वहां जब विज्ञापनदाता दर्शकों के साथ-साथ उपभोक्ता भी चाहते हैं तो उनकी नजर मुश्किल से ही किसी दूसरे खेल पर जाती है। हालांकि वैकल्पिक खेलों में ब्रांडों के बीच उभरती-बढ़ती (भले ही क्रिकेट की तुलना में कम) दिलचस्पी यू स्‍पोर्ट्स पर यू मुंबा ब्रांड का विस्तार कबड्डी से लेकर फुटबॉल, वॉलीबॉल और आखिर में क्रिकेट से इतर अन्य सभी खेलों तक करने के लिए रोनी स्क्रूवाला और उनकी टीम को प्रोत्साहित कर रही है। ब्रांडों की निगाहें मुंबई में जन्मे या यहां रहने वाले उन युवाओं पर हैं जो उनकी जद में आएंगे।

लेकिन खेल प्रबंधन सलाहकार और ब्रांड विशेषज्ञ बताते हैं कि विचार और हकीकत के बीच काफी अंतर रहता है। यूटीवी सॉफ्टवेयर और डिज्नी इंडिया के पूर्व प्रमुख ने खेलों में अपनी पारी की शुरुआत 'प्रो कबड्डी 2014 लीग' में मुंबई की ओर से यू मुंबा फ्रैंचाइजी के साथ की थी। अब इस ब्रांड का विस्तार दो अन्य खेलों - फुटबॉल और वॉलीबॉल तक हो गया है। यू स्‍पोर्ट्स के सह-संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी सुप्रतीक सेन बताते हैं कि मौजूदा ब्रांड का लाभ उठाने के लिए इसका विस्तार विभिन्न खेलों तक करने की योजना है।

पिछले चार सालों में कंपनी ने अपनी कबड्डी फ्रैंचाइजी को फलते-फूलते देखा है। 2018 में लीग ने खिलाड़ी खरीदने पर 3.95 करोड़ रुपये खर्च किए (कुल बजट चार करोड़ रुपये था जो उस राशि की तुलना में दोगुने से भी अधिक था जिससे उन्होंने शुरुआत की थी) और यू मुंबा की अनुमानित फ्रैंचाइजी फीस लगभग तीन करोड़ रुपये है। कुछ ब्रांडों का कहना है कि लीग के साथ लोगों का लगाव बढ़ा है और इस खेल ने उपभोक्ताओं का एक नया समूह दिया है।

सिस्का ग्रुप के मुख्य विपणन अधिकारी अमित सेठिया कहते हैं कि सिस्का के व्यक्तिगत देखभाल करने वाले उत्पादों के ब्रांड के प्रति जागरूकता, लगाव और कमाई बढ़ी है। इंडिगो पेंट्स के प्रबंध निदेशक हेमंत जालान का कहना है कि उनके ब्रांड को निश्चित रूप से प्रचार मिला है। अब कंपनी यू मुंबा एफसी (आई-लीग) और यू मुंबा वॉली (प्रो वॉलीबॉल लीग) के माध्यम से फुटबॉल और वॉलीबॉल में भी ब्रांडों के इसी प्रकार जुडऩे से आगे बढऩे की उम्मीद कर रही है।

हालांकि फुटबॉल में खिलाडिय़ों की फ्रैंचाइजी फीस और निवेश अब भी अनिश्चित है लेकिन वॉलीबॉल में 2019 के दौरान टीम के लिए खिलाड़ी की फीस 75 लाख रुपये तय गई थी और फ्रैंचाइजी की अनुमानित फीस तीन करोड़ रुपये थी। सेन कहते हैं कि कबड्डी के संबंध में यह एक सही प्रयोग था। हालांकि हमें मालूम था कि जमीनी स्तर पर इस खेल की मौजूदगी पहले से थी लेकिन तब तक टेलीविजन पर इसका प्रदर्शन या (दर्शकों में) स्वीकृति नहीं थी। 

वॉलीबॉल का छोटे पर्दे पर कुछ प्रदर्शन हुआ है। अगर आप ओलंपिक या एशियाई खेल के आंकड़े देखें तो भारत में दर्शकों ने इसका अच्छा स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि जहां तक बुनियादी ढांचे की बात है तो वॉलीबॉल भी काफी लचीला खेल होता है। क्रिकेट या फुटबॉल के उलट इसके लिए बहुत विशिष्टï मैदान या स्टेडियम की जरूरत नहीं होती। ज्यादातर इनडोर स्टेडियमों में ही हेर-फेर करके प्रतियोगिता स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। जिससे इस खेल में निवेश आसान हो जाता है।

कबड्डी के लिए यू मुंबा के पास पिछले सीजन (2018) में 11 प्रायोजक थे। टीम से जुड़े ब्रांडों में इंडिगो पेंट्स, सिस्का एलईडी, एसेन, विंटोजिनो, श्याओमी, रेडियो सिटी, गोल्ड्स जिम, पीवीआर सिनेमा, एचएएस जूस, प्रायोरिटी बैग्स और एनएससीआई डोम (वेन्यू) शामिल थे। सेन कहते हैं कि पहले सीजन में हमने केवल अपने इन-हाउस चैरिटी देश में ही लाने का निर्णय लिया था। दूसरे सीजन में हमारे पास 10 प्रायोजक और साझेदार थे। हमें लगता है कि आने वाले सीजनों में यह संख्या बढ़कर 15 या और अधिक हो जाएगी। 

हालांकि ब्रांड विशेषज्ञ चिंतित हैं और ब्रांड आकर्षित करने की संभावना के रूप में ऐसी लीगों के भविष्य पर टिप्पणी करने से इनकार कर रहे हैं। इनमें से एक ने कहा कि ऐसे खेलों के साथ जुडऩा आकर्षक लगता है क्योंकि क्रिकेट में प्रवेश की बाधा बहुत अधिक होती है और उसकी जगह भी बेतरतीब रहती है। लेकिन फिर भी ये खेल नए हैं और जब बात इन टीमों का अनुसरण करने की होती है तो दर्शक भी प्रयोग कर रहे होते हैं। 

खेल विपणन एजेंसी क्वान के सह-मुख्य कार्याधिकारी इंद्राणी दास कहते हैं कि ब्राजील की तरह भारत भी अभी एकल खेल वाला देश है और इसलिए ज्यादा ध्यान क्रिकेट पर रहेगा। इसलिए उनके (यू स्पोट्र्स के) मामले में कुछ विरोधाभास है। उदाहरण के लिए फिलहाल वे जिस खेल में हैं उसका सीजन लंबा नहीं होता है। वॉलीबॉल का दो सप्ताह, कबड्डी का तीन महीने और फुटबॉल का ज्यादा से ज्यादा पांच महीने। 

Keyword: Kabaddi, Cricket, Volleyball, Football, Sports, Software, Disney India,
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