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एस्सार स्टील का परिसमापन चाहती है बीपीसीएल

विनय उमरजी / अहमदाबाद February 04, 2019

दिवालिया कंपनी एस्सार स्टील लिमिटेड मामले में एक नया मोड़ उस समय दिखा जब उसके एक परिचालन लेनदार भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने आज नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के अहमदाबाद पीठ में इस्पात बनाने वाली इस कंपनी के परिसमापन पर जोर दिया। बीपीसीएल ने एस्सार स्टील के लिए आर्सेलरमित्तल की 42,389 करोड़ रुपये की समाधान योजना का विरोध किया। हालांकि आर्सेलरमित्तल की समाधान योजना को मध्यस्थता अधिकारी हरिहर प्रकाश चतुर्वेदी और मनोरमा कुमारी के नेतृत्व वाले एनसीएलटी के दो सदस्यीय पीठ में एस्सार स्टील के लेनदारों की समिति ने 92 फीसदी मत से अपनी स्वीकृति दी थी।

बीपीसीएल के वकील ने कहा कि यदि कंपनी को परिसमापन में डाला जाता है तो उसके पूरे 500 करोड़ रुपये के बकाये की वसूली हो सकती है क्योंकि प्रवर्तक अपने सभी बकायेदारों का पूरा भुगतान करना चाहते हैं। हालांकि एस्सार स्टील एशिया होल्डिंग लिमिटेड (ईएसएएचएल) के तहत प्रवर्तकों के 54,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को लेनदारों की समिति ने खारिज कर दिया था। बीपीसीएल ने एस्सार स्टील पर उसके गैस आपूर्ति अनुबंध के उल्लंधन के कारण बकाये का दावा किया है।

एनसीएलटी के अहमदाबाद पीठ में बीपीसीएल के वकील ने कहा, 'मेरी दलील यह है कि एनसीएलटी को एस्सार स्टील को परिसमापन में डाल देना चाहिए क्योंकि यह गलत धारणा बनाई गई है कि परिसमापन से पूरी रकम नहीं वसूली जा सकती। एक परिचालन लेनदार के तौर पर मुझे भी बकाये की पूरी रकम मिल सकती है। परिसमापन के तहत खरीदार पूरा भुगतान करने के लिए तैयार हो सकते हैं। यदि कंपनी को परिसमापन में ले जाने की जरूरत है तो ऐसा किया जाना चाहिए।' हालांकि वकील ने यह नहीं बताया कि परिसमान के तहत बीपीसीएल को कितनी रकम मिलेगी।

बीपीसीएल की दलील का खंडन करते हुए रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल के वकीलों ने एनसीएलटी से कहा कि परिसमापन के तहत लेनदारों को बकाये का पूरा भुगतान होने की संभावना कम है। उन्होंने कहा, '15,000 करोड़ रुपये के परिसमापन मूल्य को किसी ने भी चुनौती नहीं दी है।' वर्तमान परिसमापन मूल्य के तहत किसी भी लेनदार को कर्मचारियों और सुरक्षित वित्तीय लेनदारों के अलावा कुछ नहीं मिलेगा जबकि आर्सेलरमित्तल की 42,000 करोड़ रुपये की समाधान योजना से वह रकम अर्थव्यवस्था में वापस आएगी। वकील ने कहा कि आर्सेलरमित्तल की समाधान योजना के तहत फिलहाल 1 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये वाले परिचालन लेनदारों को कुछ भी भुगतान नहीं किया जा सकता है।

इस बीच, नैशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने एनसीएलटी के अहमदाबाद पीठ को एस्सार स्टील लिमिटेड के ऋणशोधन मामले में 11 फरवरी तक अंतिम फैसला देने का निर्देश दिया है।

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