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भूषण पावर: एनसीएलएटी ने सही माना फैसला

आशिष आर्यन / नई दिल्ली February 04, 2019

नैशनल कंपनी लॉ अपीली ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने सोमवार को भूषण पावर के लिए जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड की समाधान योजना को मंजूरी देने के लेनदारों की समिति के फैसले को सही ठहराया और कहा कि सीओसी समाधान आवेदक के साथ बेहतर सौदेबाजी के अपने अधिकार के दायरे में थी। इसके साथ ही अपीली ट्रिब्यूनल ने मामला एनसीएलटी के दिल्ली पीठ को वापस भेज दिया और भूषण पावर के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को जेएसडब्ल्यू स्टील की बोली पीठ के सामने मंजूरी के लिए रखने को कहा। 

एनसीएलएटी ने अपने फैसले में कहा, जेएसडब्ल्यू स्टील की मंजूर समाधान योजना पर विचार के समय एनसीएलटी सिर्फ यह सुनिश्चित करेगा कि परिचालक लेनदार समेत सभी हितधारकों के साथ समान व्यवहार हो। इसे सुनिश्चित करना होगा कि वित्तीय लेनदारों और परिचालक लेनदारों के बीच किसी तरह का विभेद नहीं किया गया। अगर एनसीएलटी को लगे कि परिचालक लेनदारों के साथ विभेद हो रहा है तो जेएसडब्ल्यू स्टील को बोली में सुधार लाने और योजना को दोबारा सौंपने का मौका दिया जाना चाहिए।

एनसीएलएटी का फैसला टाटा स्टील की तरफ से एनसीएलटी के फैसले के विरोध में दायर याचिका के संदर्भ में आया है, जिसमें सीओसी से लिबर्टी हाउस की तरफ से जमा कराई गई समाधान योजना पर विचार करने को कहा गया था। एनसीएलटी दिल्ली पीठ ने पिछले साल 23 अप्रैल को सीओसी से कहा था कि संपत्ति के अधिकतम कीमत के लक्ष्य के साथ वह भूषण पावर ऐंड स्टील के लिए लिबर्टी हाउस की समाधान योजना पर विचार करे। टाटा स्टील ने भूषण पावर के लिए लिबर्टी की बोली का विरोध किया था। इसका दावा था कि लिबर्टी तय समयसीमा के भीतर भाग लेने या जरूरी दस्तावेज जमा कराने में नाकाम रही, लिहाजा इसे समाधान योजना जमा कराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

इसने भूषण स्टील के सीओसी पर जेएसडब्ल्यू स्टील के साथ पक्षपात का भी आरोप लगाया कि उसे छह बार समाधान योजना को संशोधित करने की अनुमति दी गई। जेएसडब्ल्यू स्टील ने अपनी पेशकश 11,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 18,000 करोड़ रुपये की थी और बाद में 19,600 करोड़ रुपये। वहीं टाटा स्टील की आखिरी पेशकश 17,000 करोड़ रुपये की थी जब इसने संशोधित बोली स्वीकार करने से इनकार किया था।

भूषण पावर 12 बड़े एनपीए खातों में से एक है जिसे आरबीआई ने कर्ज समाधान के लिए एनसीएलटी ले जाने का निर्देश बैंकों को दिया था। कंनपी के ऊपर लेनदारों का करीब 45,000 करोड़ रुपये बकाया है। टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील और लिबर्टी हाउस ने भूषण पावर ऐंड स्टील के लिए बोली लगाई थी क्योंकि कंपनी दिवालिया संहिता के तहत कॉरपोरेट दिवालिया समाधान के दायरे में है।

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