बिजनेस स्टैंडर्ड - म्युचुअल फंडों और ज़ी में करार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, February 20, 2019 03:06 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

म्युचुअल फंडों और ज़ी में करार

श्रीमी चौधरी और समी मोडक / नई दिल्ली/मुंबई 02 04, 2019

एमएफ नहीं करेंगे गिरवी शेयरों की बिक्री

चंद्रा देंगे निजी गारंटी और ज्यादा अधिकार

बिजनेस स्टैंडर्ड म्युचुअल फंडों और ज़ी में करारसंकट से जूझ रहे जी समूह के कर्जदाताओं ने समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा के साथ कड़ी सौदेबाजी की है और उनसे भुगतान देनदारी के लिए निजी गारंटी देने को कहा है। ये गारंटी अपरिवर्तनीय और बिना शर्त होगी। इस बारे में जी और कर्जदाताओं की समिति के बीच औपचारिक समझौता हुआ जिसमें कर्जदाताओं को ज्यादा अधिकार और नियंत्रण मिलेगा। 

जी समूह पर कर्जदाताओं का 13,500 करोड़ रुपये बकाया है। यह राशि जी एंटरटेनमेंट और डिश टीवी समेत सूचीबद्घ कंपनियों के इक्विटी शेयरों को जमानत के रूप में रखकर हासिल की गई है। जी और ऋणदाताओं ने यह समझौता करने का फैसला किया कि जनवरी के अंत तक शेयरों में तेज गिरावट के बीच ऋणदाता गिरवी शेयरों की बिकवाली नहीं करेंगे। सप्ताहांत में अंतिम रूप दिए गए इस समझौते के मसौदे को बिज़नेस स्टैंडर्ड ने देखा है। समाचार लिखे जाने तक इस बारे में जी समूह की तरफ से कोई जवाब नहीं आया था।

समझौते की शर्तों के तहत ऋणदाताओं को ज्यादा अधिकार मिलेंगे, प्रस्तावित रणनीतिक बिक्री से होने वाले लाभ में ज्यादा हिस्सा मिलेगा और निजी गारंटी भी मिलेगी। इस बारे में बाजार नियामक सेबी को म्युचुअल फंडों की संस्था एम्फी ने जानकारी दी है। समझौते में शरीक ऋणदाताओं में आदित्य बिड़ला सनलाइफ, एचडीएफसी म्युचुअल फंड, फ्रैंकलिन टेम्पलटन और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड शामिल हैं।

सूत्रों ने कहा कि म्युचुअल फंडों ने इस समझौते के बारे में सेबी को बताया है और कहा है कि चुनौतीपूर्ण हालात को देखते हुए यूनिटधारकों के हितों के मद्देनजर यह फैसला किया गया है। 25 जनवरी को जी समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट के कारण म्युचुअल फंड सकते में आ गए थे।

म्युचुअल फंड उद्योग के एक अधिकारी ने कहा, 'गिरवी शेयरों को बेचे जाने से आगे शेयर भाव में और गिरावट आ सकती है। हालांकि समस्या यह भी है कि शेयरों को बनाए रखने से डिफॉल्ट होने का जोखिम बढ़ सकता है। ज़ी के साथ औपचारिक समझौते से हमें ज्यादा नियंत्रण हासिल होगा। हम आशा करते हैं कि वे उचित मूल्य पर रणनीतिक बिक्री करने में सक्षम होंगे।' समझौते के तहत ज़ी ने 31 जुलाई से पहले बिक्री का प्रस्ताव करने का निश्चित करार किया है और यह सुनिश्चित किया है कि सौदा 30 सितंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही ज़ी लेनदेन के लिए संयुक्त खाता खोलेगा जिसकी निगरानी ऋणदाताओं द्वारा की जाएगी ताकि बिक्री से प्राप्त रकम का समुचित तरीके से उपयोग करना सुनिश्चित हो सके।

सेबी ने म्युचुअल फंडों, ऋणदाताओं और एस्सेल समूह के बीच हुए समझौते को देखते हुए यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि शेयरधारकों के हित प्रभावित न हो। इस बीच ज़ी साप्ताहिक आधार पर बैठक करेगा और हर महीने बिक्री प्रक्रिया के बारे में ऋणदाताओं को अद्यतन जानकारी देगा। ज़ी समूह ने प्रवर्तकों के पास मौजूद सभी इक्विटी शेयरों को अलग डीमैट खाते में हस्तांतरित करने पर सहमति जताई है। 150 से अधिक डेट म्युचुअल फंड योजनाओं का एस्सेल समूह के बॉन्ड और डिबेंचर में पैसा लगा हुआ है।

Keyword: Zee group, Subhash Chandra, listed company, Equity, Fund, Mutual Fund, lender, SEBI, AMFI, Aditya Birla Sunlife, HDFC Mutual Fund, franklin templeton, ICICI Prudential,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

मूल्य निर्धारण दबाव के बीच हिंद जिंक का शानदार प्रदर्शन

Investmentsहिंदुस्तान जिंक ने दिसंबर 2018 की तिमाही में अपने वित्तीय प्रदर्शन में सुधार

एसबीआई लाइफ कई मानकों पर प्रतिस्पर्धियों से आगे

मजबूत बिक्री से एशियन पेंट्स की बढ़ी चमक

तेल विपणन कंपनियों पर विश्लेषक सतर्क

मिड-कैप के लिए आय परिदृश्य मजबूत बना हुआ है

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.