बिजनेस स्टैंडर्ड - उद्योग जगत.. थोड़ी खुशी, ज्यादा की आस
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उद्योग जगत.. थोड़ी खुशी, ज्यादा की आस

बीएस संवाददाता /  February 01, 2019

निर्माताओं और सेवा प्रदाताओं के लिए किसी प्रत्यक्ष लाभ की अनुपस्थिति में खपत में सिर्फ संभावित तेजी का वादा ही भारतीय उद्योग जगत के लिए काम की बात है। उनका कहना है कि पीयूष गोयल द्वारा पेश किया गया अंतरिम बजट एक चुनाव-पूर्व और मतदाताओं को लुभाने वाला बजट है।  कई कॉरपोरेट दिग्गज सुबह 11 बजे से लगभग आधा घंटा पहले ही दिल्ली के ली मैरीडियन होटल में एकत्रित हो गए थे। वे बजट का सीधा प्रसारण देखने के लिए बड़े स्क्रीन के सामने बैठे हुए थे। इस अवसर पर उद्योग संस्था भारतीय उद्योग संघ के बैनर तले वहां कई वरिष्ठï अधिकारी और मीडियाकर्मी भी मौजूद थे। कई कॉरपोरेट दिग्गज उदास दिख रहे थे। हीरो एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील कांत मुंजाल से लेकर आईटीसी होटल्स के मुख्य कार्याधिकारी दीपक हक्सर भी शांतचित्त रह कर गोयल का पूरा भाषण सुनते रहे। लगभग दो घंटे बाद वित्त मंत्री का बजट भाषण समाप्त हो गया, लेकिन इन लोगों के मूड में खास बदलाव नहीं आया। 

 
गरीब किसानों को आय सहायता से लेकर नौकरीशुदा लोगों के लिए कर राहत जैसी पेशकशें मतदाताओं को लुभाने के लिए की गई हैं। किसानों को आय सहायता से जहां 12 करोड़ किसानों को फायदा होने की बात कही गई है वहीं कर राहत से सालाना पांच लाख रुपये तक कमाने वाले वेतनभोगी लोगों को कर चुकाने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि वित्त मंत्री ने देश के सबसे बड़े करदाता वर्ग कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए कोई अच्छी खबर सुनाने से परहेज किया। हालांकि इससे बड़ी कंपनियों को आश्चर्य नहीं हुआ है। उनके अनुसार, वे बजट में कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए किसी बड़े फायदे की उम्मीद नहीं कर रही थीं और अधिक कमाई वाली कंपनियों के लिए बजट में कोई विपरीत कर नहीं लगाया गया है।
 
एक प्रमुख निर्माण कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा, 'हालांकि यह चुनाव-पूर्व बजट है और आम आदमी को लुभाने के लिहाज से अच्छा है।' सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजित बनर्जी ने कहा कि प्रस्तावित रियायतों से खपत बढ़ेगी जिससे अर्थव्यवस्था और उद्योग को मदद मिलेगी। वहीं फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) में जमा हुए कॉरपोरेट दिग्गजों की भी अलग राय नहीं है। कॉरपोरेट कर में वृद्घि नहीं किया जाना उनके लिए राहत की सांस है। भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राजन भारती मित्तल ने कहा, '500,000 रुपये तक कमाने वाले लोगों के लिए कर छूट की वजह से वस्तुओं और डï्यूरेबल्स की खपत में तेजी आएगी।' उन्हें इससे भी राहत मिली है कि सभी कर आकलन कर अधिकारी के साथ किसी डायरेक्ट इंटरफेस के बजाय ऑनलाइन के जरिये होगा। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सभी कर का आकलन रिटर्न फाइलिंग के 24 घंटे के अंदर किया जाएगा और यह प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
 
एचएसबीसी इंडिया की मुख्य कार्याधिकारी एवं कंट्री हेड नैना लाल किदवई ने कहा कि गैर-बिकी संपत्ति पर कल्पित आय के लिए कर छूट का लाभ मौजूदा एक वर्ष की अवधि से बढ़ाकर दो वर्ष के लिए लागू किया गया है जिससे डेवलपरों को राहत मिलेगी। 
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