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बजट प्रावधान से बुलंद होगी किफायती मकान की बुनियाद

बीएस संवाददाता /  February 01, 2019

पांच लाख रुपये तक की सालाना आय पर कर छूट देने की घोषणा से संकट से जूझ रहे 200 अरब डॉलर के भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र को उबारने में बड़ी मदद मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबको घर देने की पहल को भी इस कदम से बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 1.52 करोड़ मकानों का निर्माण किया गया है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट भाषा में कहा, '2014-18 के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुल 1.53 करोड़ मकान बनाए गए हैं।' इस योजना के लिए बजट में 25,853 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो 2018 के 26,405 करोड़ रुपये था यानी इस मद में करीब दो फीसदी कम आवंटन किया गया है। शहरी विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठï अधिकारी ने कहा, 'आवंटन में कमी मुख्य रूप से इसलिए की गई है क्योंकि अब इस योजना के तहत ज्यादातर मकान निजी क्षेत्रों के किफायती आवास के तहत बनाए जा रहे हैं। हालांकि सरकार को अपनी पहल पर आगे बढऩे के लिए पर्याप्त आवंटन किया गया है।'

 
उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों के पास खर्च करने के लिए अधिक पैसे होने से किफायती मकानों की मांग बढ़ सकती है, जिससे खासतौर पर उत्तर भारत में रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा। उनके अनुसार अगर कोई व्यक्ति 6.5 लाख रुपये सालाना कमाई करता है तो वह सालाना 2 लाख रुपये तक दस साल के लिए ऋण लेने का पात्र होगा। नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, 'प्रत्यक्ष कर में बदलाव से खासतौर पर मध्य आय वर्ग के पास खर्च करने के लिए अतिरिक्त पैसे होंगे। इसके अलावा मानक कटौती में बढ़ोतरी से भी मकान खरीदना असान हो सकता है, जिससे इस क्षेत्र में मांग बढ़ सकती है।'
 
एनरॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के अनुसार किफायती कीमत खंड वाले आवासीय इकाइयों की मांग हाल के समय में बढ़ी है और इस खंड में नई परियोजनाएं भी आ रही हैं। इस खंड में 5 लाख रुपये से 40 लाख रुपये कीमत के मकान आते हैं। उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक साल में 150 किफायती आवासीय परियोजनाएं शुरू हो सकती हैं। वर्तमान में करीब 100 किफायती आवासीय परियोजनाएं पूरा होने के विभिन्न चरणों में हैं। इसके साथ ही डेवलपर नई परियोजनाएं शुरू करने की तैयारी भी कर रहे हैं। टाटा रियल्टी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी संजय दत्त ने कहा, 'इससे किफायती आवासीय क्षेत्र में नई परियोजनाएं शुरू करने का रास्ता साफ होगा।'
 
किराये पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) को बढ़ाने के प्रस्ताव के बारे में विशेषज्ञों का कहना है हि इससे छोटे करदाताओं को राहत मिलेगी। किराये पर टीडीएस को बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.4 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे भ्ज्ञी किफायती आवासों को बढ़ावा मिलेगा। एनरॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, 'अब 2.4 लाख रुपये तक मकान किराये पर कर नहीं लगेगा। पहले यह सीमा 1.8 लाख रुपये थी। इससे निवेशक किराये की आय के लिए दूसरा मकान खरीदने की ओर आकर्षित होंगे। इसके साथ ही मकान की बिक्री से होने वाली पूंजीगत लाभ कर को दो मकान तक कर दिया है, इससे निवेशक नई संपत्ति खरीदने के लिए आगे आएंगे।'
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