बिजनेस स्टैंडर्ड - बेरोजगारी के मुद्दे पर घिरी सरकार
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बेरोजगारी के मुद्दे पर घिरी सरकार

अर्चिस मोहन / नई दिल्ली January 31, 2019

विपक्षी दलों ने गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार से देश में रोजगार की स्थिति पर राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। एनएसएएसओ के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017-18 में देश में बेरोजगारी की दर 6.1 प्रतिशत रही, जो पिछले 45 वर्षों का सबसे उच्चतम स्तर है।  कांग्रेस के प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण में निहित बातों से सरकार की विफलताओं का पता चलता है। मोदी सरकार ने 10 करोड़ नौकरियां सृजित करने की बात कही थी, लेकिन अभिभाषण में केवल 1 करोड़ कौशल प्रशिक्षण दिए जाने का जिक्र है। उन्होंने यह भी कहा कि मुद्रा ऋणों पर सरकार के दावे पर सवाल उठाए जा सकते हैं। शर्मा ने कहा कि औसत ऋण आवंटन मात्र 23,000 रुपये है, जो कोई भी कारोबार शुरू करने के लिए काफी छोटी रकम है। शर्मा ने कहा, 'राष्ट्रपति के अभिभाषण में सभी आंकड़े बढ़ा-चढ़ा कर पेश किए गए हैं। इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है कि 2014 से 2018 के बीच देश में कितना रोजगार सृजन हुआ है।'
 
शर्मा ने कहा कि रिपोर्ट में जो आंकड़े आए हैं, वे कांगे्रस के उस रुख को सही साबित करते हैं कि नोटबंदी के बाद देश के अनौपचारिक क्षेत्र में रोजगार पर जबरदस्त चोट पड़ी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार देश के किसी भी संस्थान पर चोट करने से पीछे नहीं रही है। विपक्षी दल माकपा ने कहा कि रोजगार पर छपी खबर से यह साफ हो जाता है कि सरकार की नीतियों से लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।  रोजगार के आंकड़े पर पैदा हुए विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस आपस में भिड़ गईं। भाजपा ने ट्वीटर पर कहा कि रोजगार पर छपी रिपोर्ट तथ्य से दूर है। दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के लिए फ्यूरर (हिटलर) शब्द का इस्तेमाल किया। भाजपा ने इस पर पलटवार किया और कांग्रेस अध्यक्ष की तुलना मुसोलिनी से की और कहा कि उन्हें इस इतालवी तानाशाह की भांति ही मुद्दों की बस मामूली समझ है। गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'नौकरियां नहीं हैं। मोदी ने हर साल 2 करोड़ नौकरियों का वादा किया था। मीडिया में रोजगार पर छपी रिपोर्ट राष्ट्रीय त्रासदी के रूप में सामने आई है। उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी की दर 45 वर्षों के उच्चतम स्तर पर है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 2017-18 में 6.5 करोड़ युवा बेरोजगार थे। उन्होंने कहा कि मोदी के जाने का समय आ गया है। इस पर भाजपा ने कहा, 'राहुल के बयान से स्पष्ट है कि उन्हें मुद्दों की समझ नहीं है। ईपीएफओ का वास्तविक आंकड़ा रोजगार में बहुत अधिक वृद्धि दर्शा रहा है और यह महज पिछले 15 महीनों में पैदा हुए रोजगार हैं। केवल जिस व्यक्ति के पास कभी कोई काम नहीं हो और पूरी तरह बेरोजगार हो, वही ऐसी फर्जी खबरें फैला सकता है।' 
 
माकपा प्रमुख सीताराम येचुरी ने बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्वीट किया, 'युवा बेरोजगारी 13-27 प्रतिशत के खतरनाक स्तर पर है। मोदी सरकार में जीवन और जीविका दोनों को नुकसान पहुंचा है और इतना ही नहीं, हमारे देश के भविष्य युवाओं को मुसीबत में डाल दिया गया है। इससे भारत के भविष्य पर सीधा असर पड़ेगा।' येचुरी ने कहा कि मोदी की नीतियों से केवल अमीर लोगों को लाभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि बाकी लोगों के हाथ केवल जुमले लगे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की नेता और लोकसभा सदस्य सुप्रिया सूले ने सवाल किया कि क्या सरकार रोजगार पर जवाब देगी या चुप्पी साधे रहेगी। 
 
अंतिम नहीं है एनएसएसओ रिपोर्ट : सरकार
 
केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि 2017-18 में बेरोजगारी दर के 6.1 प्रतिशत पर पहुंचने से संबंधित एराष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) रिपोर्ट को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। बिज़नेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट में एनएसएसओ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि देश में वर्ष 2017-18 के दौरान बेरोजगारी दर 6.1 प्रतिशत पर रही जो पिछले 45 सालों में सबसे अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया कि इससे पहले केवल 1972-73 में बेरोजगारी दर वर्तमान दर से अधिक थी। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने प्रेस वार्ता में कहा कि बिज़नेस स्टैंडर्ड द्वारा जिस रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है वह अभी मसौदा प्रारुप में है और वह अंतिम रिपोर्ट नहीं है। समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी करने से मना करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार तिमाही आंकड़े इक_ा करके मार्च में रोजगार संबंधित रिपोर्ट जारी करेगी। उन्होंने नौकरियों के बिना विकास के दावों को भी खारिज किया और कहा कि रोजगार के नए अवसर दिए बिना कोई देश कैसे 7 प्रतिशत की वृद्धि दर से आगे बढ़ सकता है। प्रेस कांफ्रेंस में शामिल नीति आयोग के मुख्य कार्याधिकारी अमिताभ कांत ने कहा कि भारत में नए युवाओं के लिए पर्याप्त संख्या में नौकरियों का सृजन किया है हालांकि शायद हम उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियों का सृजन नहीं कर रहे हैं।
 
एजेंसियां
Keyword: employment, BJP, narendra modi, NSSO,,
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