बिजनेस स्टैंडर्ड - ऐपल को उभरते बाजारों से झटका
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ऐपल को उभरते बाजारों से झटका

युवराज मलिक / बेंगलूरु 01 30, 2019

घट रही बिक्री

भारत में ऐपल को चीन की कंपनियां श्याओमी और ओप्पो के अलावा उसके करीबी प्रतिस्पर्धी सैमसंग से जबरदस्त प्रतिस्पर्धा मिल रही है  

दिसंबर तिमाही के दौरान आईफोन से प्राप्त राजस्व पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 15 फीसदी घटकर 52 अरब डॉलर रह गया

बिजनेस स्टैंडर्ड ऐपल को उभरते बाजारों से झटकास्मार्टफोन बनाने वाली वैश्विक कंपनी ऐपल को भारतीय बाजार में अब चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण है कि दिसंबर में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी के वैश्विक राजस्व में 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और इसकी मुख्य वजह भारत और चीन जैसे प्रमुख उभरते बाजारों में कमजोर बिक्री रही। भारत में ऐपल को चीन की कंपनियां श्याओमी और ओप्पो के अलावा उसके करीबी प्रतिस्पर्धी सैमसंग से जबरदस्त प्रतिस्पर्धा मिल रही है। इन कंपनियों द्वारा बाजार में उतारे जा रहे नए मॉडलों से आईफोन की बिक्री प्रभावित हुई है। इसके अलावा उपयोगकर्ताओं के बीच लंबी अवधि के बाद आईफोन को अपग्रेड करने का भी चलन दिख रहा है। यही कारण है कि दिसंबर तिमाही के दौरान ऐपल की प्रमुख डिवाइस आईफोन से प्राप्त राजस्व पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 15 फीसदी घटकर 52 अरब डॉलर रह गया।

ऐपल के मुख्य कार्याधिकारी टिम कुक ने वित्तीय नतीजे जारी करने के बाद विश्लेषकों से बातचीत में कहा, 'कुछ उभरते बाजारों में वृहत आर्थिक परिदृश्य कमजोर रहा और खासकर ग्रेटर चाइना में स्थिति हमारी उम्मीद से कहीं अधिक गंभीर थी। आईफोन के तिमाही उन्नयन से उस चुनौती को कहीं अधिक बल मिला।'

काउंटरपॉइंट रिसर्च के सहायक निदेशक तरुण पाठक के अनुसार, आईफोन के कुछ उपयोगकर्ता अपग्रेड करने के बजाय वनप्लस जैसे अन्य ब्रांड की ओर रुख करने लगे हैं। पाठक ने कहा, 'ऐपल के लिए भारत काफी महत्त्वपूर्ण है लेकिन 2018 में यहां जो कुछ भी घटित हुआ उससे वनप्लस को उभरने में काफी मदद मिली और पुरानी पीढ़ी के आईफोन को झटका लगा। लोग यह सोचने लगे कि पुराने मॉडल के आईफोन लेने से बेहतर अन्य ब्रांड की ओर रुख करना होगा।'

काउंटरपॉइंट के आंकड़ों के अनुसार, 2018 के दौरान भारत के लिए आईफोन का शिपमेंट घटकर 17 लाख स्मार्टफोन रह गया जो एक साल पहले 32 लाख रहा था। हालांकि ऐपल ने कहा कि 2018 के अंत तक आईफोन के सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या 90 करोड़ थी। यह पहला मौका है जब ऐपल ने अपने किसी खास उत्पाद का बिक्री आंकड़ा जारी किया है। कंपनी इसे बढ़ाने के लिए योजना बना रही है। ऐपल के आईओएस डिवाइस (ऐपल के मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले गैजेट) की संख्या 2018 के अंत तक 14 अरब हो गई। 

आईफोन की प्रति इकाई बिक्री भी कम रही। हालांकि ऐपल आईफोन की अधिक कीमत के कारण राजस्व में हुए नुकसान की आंशिक भरपाई करने में समर्थ रही। पिछले साल सितंबर में लॉन्च किया गया आईफोन एक्सएस की कीमत 999 डॉलर थी। लेकिन इस महीने के आरंभ में ऐपल ने अपने बिक्री अनुमान को घटा दिया था और इसलिए उसकी आय काफी हद तक बाजार के अनुमानों के अनुरूप रही। नतीजे की घोषणा के बाद नैसडैक पर ऐपल का शेयर मंगलवार को 4 फीसदी चढ़ गया।

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