बिजनेस स्टैंडर्ड - तकनीकी कपड़े के लिए अलग एचएसएन कोड जारी
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, February 18, 2019 04:07 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम निवेश खबर

तकनीकी कपड़े के लिए अलग एचएसएन कोड जारी

सुशील मिश्र / मुंबई January 29, 2019

कपड़ा उद्योग की मांग पर केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति इरानी ने आज तकनीकी कपड़े के लिए अलग एचएसएन कोड जारी किया। माना जा रहा है कि यह वर्ष 2020 से 2021 तक दो लाख करोड़ रुपये का बाजार हासिल करने में एक महत्त्वपूर्ण कदम होगा। उद्योग जगत काफी समय से तकनीकी कपड़े तथा परंपरागत कपड़े में अंतर करने की मांग कर रहा था जिससे कर अदायगी में अंतर स्पष्ट किया जा सके। इस मांग को कपड़ा मंत्रालय ने पूरा कर दिया है। तकनीकी कपड़े पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए इरानी ने कहा कि तकनीकी कपड़े के लिए एचएसएन कोड से देश के किसानों को फायदा होगा। इस कदम से तकनीकी कपड़ा (पहनने के अलावा अन्य उपयोग में आने वाले) क्षेत्र का कारोबार दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। सरकार ने अब 207 एचएसएन कोड को तकनीकी कपड़े के रूप में अधिसूचित कर दिया है। 
 
कपड़ा उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है जिसमें तकनीकी कपड़ा क्षेत्र काफी तेजी से विकास कर रहा है। तकनीकी कपड़ा क्षेत्र इस समय 60-70 फीसदी से दर से बढ़ रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने में तकनीकी कपड़ा प्रमुख साबित हो रहा है। यह क्षेत्र रोजगार के लिए भी सबसे अहम साबित हो रहा है। इस क्षेत्र में प्रति एक करोड़ रुपये के निवेश में 70 लोगों को रोजगार मिल रहा है। इरानी ने कहा कि निवेशकों को इस क्षेत्र में आने की मदद के लिए मंत्रालय ने फोकस इनक्यूबेशन सेंटर (एफआईसी) स्थापित किए हैं। इरानी ने कहा कि हम इनक्यूबेशन केंद्रों पर ध्यान दे रहे हैं और देश में ऐसे 11 केंद्र स्थापित किए गए हैं। कपड़ा मंत्रालय के तहत हमने 40 भू-कपड़ा परियोजनाएं शुरू की हैं। साथ ही हमने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे किसान 54 एग्रो टेक प्रदर्शन केंद्रों में एग्रो टेक के बारे में समझ सकें। हमने उन्हें किट भी बांटी है। 
 
इरानी ने बताया कि पिछले चार साल के दौरान कपड़ा मंत्रालय के तहत 530 प्रोटोटाइप परिसर पहले ही विकसित किए जा चुके हैं। साथ ही आठ विशिष्ट केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। इन पर 140 करोड़ रुपये की लागत आई है।  रिलायंस इंडस्ट्री के कार्यकारी निदेशक निखिल मेसवानी ने कहा कि कपड़ा उद्योग तेजी से बढऩे वाले क्षेत्रों में से एक है। तकनीकी कपड़े के साथ पॉलिएस्टर की मांग भी बढ़ी है। यह करीबन 6 फीसदी सालाना की दर से बढ़ा है। अगले पांच वर्षों में इसका बाजार 3,400 करोड़ डॉलर हो जाएगा। 
Keyword: textiles, code, export, कपड़ा परिधान,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या निजी बैंकों के सीईओ के मुआवजे पर बंदिश उचित कदम है?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.