बिजनेस स्टैंडर्ड - चंदा कोछड़ के खिलाफ प्राथमिकी
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चंदा कोछड़ के खिलाफ प्राथमिकी

श्रीमी चौधरी और अनूप रॉय / नई दिल्ली/मुंबई 01 24, 2019

जांच का बढ़ता दायरा...
सीबीआई ने दर्ज की प्राथमिकी
आईसीआईसीआई बैंक के कई मौजूदा और पूर्व अधिकारी जांच दायरे में

बिजनेस स्टैंडर्ड चंदा कोछड़ के खिलाफ प्राथमिकीआईसीआईसीआई-वीडियोकॉन से जुड़े 3,250 करोड़ रुपये के कर्ज मामले में सीबीआई ने इस बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी चंदा कोछड़, उनके पति दीपक कोछड़ के साथ ही उनकी फर्म को बतौर आरोपी नामजद किया है। सीबीआई ने आज इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।  सीबीआई के मुताबिक इन आरोपियों के साथ ही वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज और इसके चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक वेणुगोपाल धूत ने निजी कंपनियों को ऋण स्वीकृति में आपराधिक षड्यंत्र रचा और निजी क्षेत्र के बैंक के साथ 1,730 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। 

सीबीआई ने वीडियोकॉन के मुंबई मुख्यालय तथा औरंगाबाद कार्यालय में छापे मारे, वहीं कोछड़ के न्यूपावर रीन्यूएबल्स तथा सुप्रीम एनर्जी के कार्यालयों की भी तलाशी ली गई।  सीबीआई की जांच की आंच आईसीआईसीआई बैंक के मौजूदा और पूर्व वरिष्ठतम अधिकारियों तक भी पहुंची है। इनमें केवी कामत, संदीप बख्शी, एनएस कन्नन, जरीन दारूवाला, राजीव सभरवाल, संजय चटर्जी और होमी खुसरोखान शामिल हैं। सीबीआई के अनुसार ये लोग विभिन्न क्रेडिट समितियों का हिस्सा रहे हैं और वीडियोकॉन समूह को ऋण स्वीकृत करने में बैंक की उधारी नीति का उल्लंघन किया गया है।

सीबीआई ने कहा, 'इन समितियों द्वारा अलग-अलग तारीख को 1,575 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया और इन समितियों में आईसीआईसीआई बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।' सीबीआई के अनुसार यह कर्ज गैर-निष्पादित आस्तियों में बदल किया और आईसीआईसीआई बैंक को नुकसान हुआ जबकि कर्ज लेने वालों तथा आरोपियों को बेजा लाभ हुआ। सीबीआई ने कहा कि इस कर्ज को वीडियोकॉन समूह की कंपनियों जैसे मिलेनियम अप्लाइंसेज (175 करोड़ रुपये), स्काई अप्लाइंसेज (240 करोड़ रु), टेक्नो इलेक्ट्रॉनिक्स (110 करोड़ रु), एप्लीकॉप इंडिया (300 करोड़ रु) और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज (750 करोड़ रु) को आवंटित किए गए।

बिजनेस स्टैंडर्ड चंदा कोछड़ के खिलाफ प्राथमिकीजांच एजेंसी ने कहा कि वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज से इन कंपनियों द्वारा लिए गए असुरक्षित ऋण चुकाने में आवंटित कर्ज की इस राशि का भुगतान किया गया। इसके साथ ही वीडियोकॉन समूह को 750 करोड़ रुपये का कर्ज कंपनी के मौजूदा ऋण के पुनर्वित्त के लिए स्वीकृत किया गया। सीबीआई से जुड़े सूत्रों ने कहा कि जांच एजेंसी प्राथमिकी में नामजद सभी लोगों को समन भेजेगी और उनसे पूछताछ करेगी। धूत और कोछड़ के बीच कथित सांठगांठ मामले में प्रारंभिक जांच शुरू करने के करीब 10 महीने बाद सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की है। 

ऐसे हुआ गबन

सीबीआई ने कहा कि आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन से ताल्लुक रखने वाली कंपनियों जैसे ट्रेंड इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंचुरी अप्लाइंसेज और अन्य दूसरी कंपनियों को 3,250 करोड़ रुपये की ऋण सुविधाएं दीं। जांच एजेंसी ने कहा कि यह भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के बैंक नियम अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन था। सीबीआई ने कहा कि उसने उस मामले की जांच की, जिसमें धूत ने सुप्रीम एनर्जी (एसईपीएल) के माध्यम से दीपक कोछड़ की न्यूपावर रीन्यूएबल्स में 64 करोड़ रुपये निवेश किए। सीबीआई ने कहा कि धूत ने यह रकम कोछड़ प्रबंधित पिनाकल एनर्जी को अवैध तरीके से 2010 और 2012 के बीच स्थानांतरित किए। 

जांच के दौरान पाया गया कि 2009 और 2011 के बीच आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को छह बड़े ऋण मंजूर किए थे। अगस्त, 2009 में 300 करोड़ रुपये का टर्म लोन वीडियोकॉन इंटरनैशनल इलेक्ट्रॉनिक्स को दिया गया था, जो बैंक की मंजूरी समिति के नियम एवं शर्तों के खिलाफ था। 

सीबीआई ने कहा कि चंदा कोछड़ उस ऋण मंजूरी समिति का हिस्सा थीं और उन्होंने अपने ओहदे का गलत इस्तेमाल कर वीआईईएल के पक्ष में ऋण मंजूर कराया। सीबीआई की जांच में धन शोधन का भी खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि यह ऋण वीआईईएल को 7 सितंबर, 2009 को आवंटित हुआ था और अगले दिन धूत ने 64 करोड़ रुपये कोछड़ की कंपनी न्यूपावर को अपनी कंपनी एसईपीएल के जरिये  स्थानांतरित कर दी। यह पहली रकम थी, जिसके जरिये पावर ने पहला बिजली संयंत्र खरीदा था। इस लेनदेन से पता चला कि चंदा कोछड़ ने अपने पति की कंपनी के जरिये अवैध लाभ उठाया। न्यूपावर दिसंबर 2008 में दीपक कोछड़, वेणुगोपाल और सौरभ धूत में लाया गया था। बाद में धूत बंधुओं एक महीने के भीतर ही कंपनी से इस्तीफा दे दिया। 

हालांकि इस्तीफा देने से पहले वेणुगोपाल धूत ने 1 रुपये के शुरुआती भुगतान पर दीपक कोछड़ को 10 प्रतिशत की दर से 19,97,500 वारंट आवंटित कर दिए थे। जून, 2009 में धूत और दीपक कोछड़ की पैसिफिक कैपिटल सर्विसेस के नियंत्रण वाले शेयर एसईपीएल को स्थानांतरित कर दिए गए। इस तरह, एसईपीएल के पास न्यूपावर की 95 प्रतिशत हिस्सेदारी आ गई।
Keyword: ICICI, bank, CBI, Chanda Kochhar, FIR, आईसीआईसीआई बैंक,
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