बिजनेस स्टैंडर्ड - बैंक प्रमुखों से मिलेंगे गोयल
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बैंक प्रमुखों से मिलेंगे गोयल

अरूप रायचौधरी / नई दिल्ली January 24, 2019

पिछले 8 महीने में दूसरी बार वित्त एवं कंपनी मामलो का अतिरिक्त कार्यभार संभालने वाले कोयला एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल सोमवार को सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। दूसरी बार कार्यभार संभालने के बाद 1 फरवरी को 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करने के पहले यह उनका पहला बड़ा काम होगा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के प्रमुखों के साथ बैठक मूल रूप से 22 जनवरी को होने वाली थी। उम्मीद की जा रही है कि 28 जनवरी को हो रही बैठक में गोयल 2019-20 के लिए बैंकों के लक्ष्यों के साथ प्राथमिक ता वाले क्षेत्र की उधारी, गैर निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) की वसूली और जिन कंपनियों को बैंकों ने धन दिया है, उनकी दिवाला कार्रवाई की प्रगति पर चर्चा करेंगे। 
 
उम्मीद की जा रही है कि गोयल सरकार की ओर से बजट पेश किए जाने के बाद का भी काम संभालेंगे, जिसमें वित्त विधेयक पारित किया जाना और लोकसभा में बजट पर होने वाली बहस का लोकसभा और राज्य सभा में जवाब दिया जाना शामिल है।  बुधवार को गोयल को वित्त एवं कंपनी मामलों के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। पिछले 8 महीने में यह दूसरा मौका है, जब उन्हें वित्त मंत्रालय संभालना पड़ रहा है। अरुण जेटली अब बगैर विभाग के मंत्री होंगे, जिनकी सर्जरी अमेरिका में मंगलवार को हुई है। चिकित्सकों ने उन्हें कम से कम 2 हफ्ते आराम करने की सलाह दी है। 
 
अपने पहले के कार्यकाल की तरह गोयल उन भवनों में काम करेंगे, जहां कोयला, रेलवे और वित्त मंत्रालय स्थित हैं। वित्त और कंपनी मामलों के 6 सचिवों से उन्होंने पहले ही जानकारियां लेनी शुरू कर दी है। वह नॉर्थ ब्लॉक दोपहर बाद जाएंगे, जहां वित्त मंत्रालय स्थित है।  परंपरागत हलवा समारोह के बाद बजट दस्तावेजों की छपाई सोमवार को शुरू हो गई। अधिकारियों ने कहा कि गोयल का ज्यादा ध्यान बजट भाषण देने पर होगा। अंतरिम बजट का भाषण मोदी सरकार की आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र की उपलब्धियोंं पर केंद्रित हो सकता है। गोयल भाषण में मामूली बदलाव कर सकते हैं, लेकिन सभी बड़ी घोषणाओं, 2018-19 का पुनरीक्षित अनुमान, 2019-20 के अनुमान और अन्य आंकड़ों के बारे में पहले ही फैसला किया जा चुका है। 
 
बहरहाल केंद्र सरकार की ओर से 'नियमित बजट' के रूप में पूर्ण बजट पेश किए जाने की खबरों के बीच कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि यह स्थापित संसदीय परंपरा के मानकों के खिलाफ होगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार की ऐसा करने की नीयत सवालों के घेरे में है और इस कदम के पीछे 'भारी भरकम घोषणाएं करने और लोगों की आंख में धूल झोंकने' की  'जानबूझकर की गई कवायद' हो सकती है।  न्यूयॉर्क से टेलीकॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में सार्वजनिक रूप से आखिरी बार सामने आए जेटली ने कहा था कि सरकार 'स्थापित परंपरा के मानकों के मुताबिक' काम करेगी और अंतरिम बजट देश की अर्थव्यवस्था के व्यापक हित में होगा। 
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