बिजनेस स्टैंडर्ड - बैंकों के एनपीए पर होगा ध्यान
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बैंकों के एनपीए पर होगा ध्यान

सोमेश झा /  January 18, 2019

केंद्रीय बजट 2019-10 के पहले वित्त मंत्रालय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने जा रहा है। इस बैठक में गैर निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) को कम करने और खासकर कर्ज लेने वाले की संपत्ति की बोली लगाकर खराब कर्ज की वसूली में तेजी लाने पर जोर होगा।
वित्तीय मामलों के सचिव राजीव कुमार इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जो 28 जनवरी को होने वाली है। यह बैठक पहले 22 जनवरी को होने वाली थी। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इस बैठक में एनपीए पर ध्यान होगा। हम उन कदमों पर बैंकों के साथ चर्चा करेंगे, जिससे एनपीए कम किया जा सकता है और खराब कर्ज की वसूली हो सकती है।'
उन्होंने कहा कि एनपीए और वसूली की स्थिति पर चर्चा इस बैठक के एजेंडे में सबसे ऊपर है।  जिन कर्जदारों का कर्ज एनपीए में बदल चुका है, मंत्रालय उनकी संपत्तियों की पारदर्शी तरीके से नीलामी के मसले पर चर्चा करेगा। मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि वित्तीय संपत्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण और प्रतिभूति के ब्याज का प्रवर्तन अधिनियम के तहत बैंक नीलामी के मामले में सुस्ती से काम कर रहे हैं।
मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, 'बैंकों द्वारा सर्फेसी ऐक्ट के तहत 50 संपत्तियों की नीलामी किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने अब तक सिर्फ 10 नीलामी की है। हम बैंकों से जानने की कोशिश करेंगे कि देरी क्यों हो रही है और इसमें तेजी लाने का सुझाव देंगे क्योंकि खराब कर्ज की वसूली जल्द हो सकेगी।' संपत्तियों की ई नीलामी के लिए एक कॉमन पोर्टल लाने पर भी सरकारी बैंकों के साथ चर्चा होगी, जिस पर संपत्तियों का सभी विस्तृत ब्योरा होगा।
मंत्रालय बैंकों पर दबाव डालेगा कि वह कर्ज वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) के पास और आवेदन भेजे, जिससे कर्ज की वसूली आसान हो सके। पिछले साल सरकार ने डीआरटी में आवेदन दाखिल करने के लिए बैंकों के लिए वित्तीय सीमा दोगुना कर 20 लाख रुपये करने का फैसला किया था। वसूली में तेजी लाने के लिए 6 नए डीआरटी भी बनाए गए हैं।
सरकार बैंकों के प्रमुखों के साथ कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने सहित 'संस्थागत सुधार'  पर भी चर्चा करेगी। पिछले साल जनवरी में सरकार ने सार्वजनिक बैंकों से सुधार एजेंडे का पालन करने को कहा था, जिसे ईएएसई (एनहैंस्ड एक्सेस ऐंंड सर्विस एक्सिलेंस) के रूप में जाना जाता है। यह सरकारी बैंकों की कार्यप्रणाली बेहतर बनाने के कार्यों में से एक है। समीक्षा बैठक में मंत्रालय सरकारी बैंकों की प्रगति पर चर्चा और बोर्ड निदेशकों के प्रदर्शन का मूल्यांकन भी किया जा सकता है।
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में सरकारी बैंकों ने 60,713 करोड़ रुपये के खराब कर्ज की वसूली की है। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में दोगुना है। सरकारी बैंकों का सकल एनपीए मार्च 2018 में बढ़कर सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था, जिसमें 26,789 करोड़ रुपये की कमी आई है।
Keyword: bank, PSB, CEO, NPA, loan, debt management,
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