बिजनेस स्टैंडर्ड - 80,000 करोड़ रुपये होगा विनिवेश लक्ष्य
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, April 20, 2019 12:12 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

80,000 करोड़ रुपये होगा विनिवेश लक्ष्य

अरूप रायचौधरी / नई दिल्ली January 18, 2019

वित्त वर्ष 2019-20 में सरकार का विनिवेश लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के बराबर करीब 80,000 करोड़ रुपये हो सकता है। बिजनेस स्टैंडर्ड को मिली जानकारी के मुताबिक निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) को उम्मीद है कि सरकारी विमान कंपनी एयर इंडिया का सफलतापूर्वक निजीकरण हो जाएगा। उसे यह भी उम्मीद है कि आईटीडीसी होटल की ज्यादातर संपत्तियों का विनिवेश हो जाएगा, जिसमें दिल्ली के आलीशान इलाके में स्थित होटल अशोक भी शामिल है।
इसके साथ ही सरकार आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की संख्या, ऑफर फॉर सेल और अपने दो एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों के आगे के हिस्सों पर भी विचार कर रही है। वितत्त मंत्री ने तीन गैर सूचीबद्ध सरकारी बीमा कंपनियों नैशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के विलय और विलय के बाद बनी कंपनी को सूचीबद्ध कराने पर काम करना शुरू कर दिया है। उम्मीद की जा रही है कि यह प्रक्रिया अगले साल तक पूरी कर ली जाएगी।
इसके अलावा जब 2019-20 का अंतरिम बजट पेश किया जाएगा, वित्त मंत्री अरुण जेटली अन्य सरकारी कंपनियों को की रणनीतिक बिक्री या निजीकरण का विस्तृत खाका पेश कर सकते हैं, जिसकी पहल लडख़ड़ा गई है।
एक अधिकारी ने कहा, 'इस अगले साल का लक्ष्य इस साल से ज्यादा रहने की संभावना कम है। किसी भी चक्र में अगर आप ज्यादा विनिवेश करते हैं तो अगले चक्र के लिए आपके पास कम रहता है।' उन्होंने कहा, '2019-20 में हम जिन दो प्रमुख मसलों का समाधान कर लेना चाहते हैं, वह एयर इंडिया और होटल अशोक हैं।'
चालू वित्त वर्ष में एयर इंडिया और इसकी सहायक इकाइयों की अपेक्षित बिक्री के लिए एक भी बोली नहीं मिल सकी। दीपम और नागरिक उड्डयन मंत्रालय चाहते हैं कि इसे अगले वित्त वर्ष में ले जाया जाए, क्योंकि लोकसभा चुनावों के बाद राजनीतिक स्तिति साफ हो जाएगी और नए सिरे से कवायद करने का मौका मिलेगा।
सरकार नई दिल्ली में स्थित प्रमुख हॉस्पिटलिटी प्रॉपर्टी होटल अशोक के लिए दिसंबर के अंत तक संभावित ऑपरेटर पाने की कवायद में लगी है। दीपम और पर्यटन मंत्रालय सौदे के ढांचे पर काम कर रहे हैं, जिसे अगले वित्त वर्ष में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति के समक्ष रखा जा सकता है। इसके साथ ही खुले तरीके से पट्टे का ढांचा तैयार किया जाएगा, जिसमें इस होटल का परिचालन करने वाली इकाई को पट्टे की अवधि खत्म होने के बाद संपत्ति को खरीद लेने का विकल्प होगा।
अगले साल आईपीओ की कतार में लगी कुछ इकाइयों में टेलीकॉम कंसल्टेंट्स इंडिया (टीसीआईएल) रेलटेल कॉर्पोरेशन इंडिया (आरसीआईएल), नैशनल सीड्स कॉर्पोरेशन (एनएससी), टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (टीएचडीसीएल), वाटर ऐंंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज (डब्ल्यूएपीसीओएस), एफसीआई अरावली जिप्सम ऐंड मिनरल्स (एफएजीएम) और कुद्रेमुख आयरन ओर कंपनी (केआईओसी), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स, आईआरएफसी और आईआरसीटीसी के अलावा अन्य कंपनियां शामिल हैं।
एयर इंडिया के अलावा करीब 20 कंपनियां हैं, जिन्हें सरकार ने रणनीतिक बिक्री या निजीकरण के लिए चिह्नित किया है। दीपम की योजना है कि पवन हंस, सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स, एयर इंडिया की ग्राउंड हैंडलिंग सब्सिडियरी और स्कूटर इंडिया का इस साल ही विनिवेश किया जाए, लेकिन इनमें से कुछ का विनिवेश अगले साल के लिए टाला जा सकता है।
रणनीतिक बिक्री की कतार में लगी अन्य सरकारी कंपनियों में प्रोजेक्ट ऐंड डेवलपमेंट इंडिया लिमिटेड, भारत पंप्स कंप्रेसर्स लिमिटेड, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड, हिंदुस्तान न्यूजप्रिंट लिमिटेड, फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड, हिंदुस्तान फ्लुओरोकार्बन लिमिटेड, सीमेंट कॉर्पोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड, इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड, एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड, इंडियन मेडिसिंस ऐंड फार्मास्यूटिकल कॉर्प और कर्नाटक एंटीबायोटिक्स ऐंड फॉर्मा के अलावा अन्य शामिल हैं।
देश भर में आईटीडीसी की कई संपत्तियां, एनएमडीसी की नागरनार स्टील प्लांट, और सेल की भद्रावती, सालेम और डूंगरपुर इकाइयां भी हैं।
एक अन्य अधिकारी ने कहा, 'रणनीतिक बिक्री आसान नहीं है। इन 5 वर्षों में बुनियादी काम करने में समय लगाना पड़ा। इसमें पीएसयू को चिह्नित करना, जिनकी बिक्री की जा सकती है, शामिल है। अब यह काम फल देगा। अगर उस समय राजनीतिक नेतृत्व अनुमति देगा तो अगले कुछ वर्षों में हम इन पीएसयू की रणनीतिक बिक्री कर सकते हैं।'
Keyword: disinvestment, Air india, government, IPO, विनिवेश ,, एयर इंडिया, आईपीओ,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या भर्र्तियों में आएगा तेजी का दौर?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.