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म्युचुअल फंडों का निजी बैंकों में निवेश पर जोर

जश कृपलानी / मुंबई January 18, 2019

निजी क्षेत्र के कॉरपोरेट ऋणदाताओं को म्युचुअल फंड (एमएफ) से प्रवाह में तेजी दिख सकती है क्योंकि फंड मैनेजर कम प्रावधान और अधिक मुनाफे के सकारात्मक चक्र के लिए परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। दिसंबर में फंड हाउसों ने आईसीआईसीआई बैंक और ऐक्सिस बैंक में 2,532 करोड़ रुपये का निवेश किया जो इससे पिछले महीने के मुकाबले 22 फीसदी अधिक है।
प्रभुदास लीलाधर द्वारा किए गए आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, म्युचुअल फंडों द्वारा आईसीआईसीआई बैंक और ऐक्सिस बैंक में किए गए निवेश लार्ज कैप में किए गए कुल निवेश का 40 फीसदी से अधिक है। इन दोनों शेयरों के लिए 'बाय' दर्जा को लेकर भी फंड हाउसों में जबरदस्त आम सहमति भी दिख रही है।
बोकिंग हाउस की मासिक गतिविधि रिपोर्ट से पता चलता है कि आईसीआईसीआई बैंक में 25 म्युचुअल फंडों ने निवेश बढ़ाया जबकि ऐक्सिस बैंक में 25 म्युचुअल फंडों का निवेश बढ़ा। दिसंबर के के अंत तक आईसीआईसीआई बैंक में 39 म्युचुअल फंडों और ऐक्सिस बैंक में 38 म्युचुअल फंडों का निवेश दिखा।
हालांकि फंड मैनेजर सरकारी बैंक में बढ़ते निवेश को लेकर सतर्क दिख रहे हैं जबकि ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) के तहत जारी समाधान प्रक्रिया से उनकी परिसंपत्ति गुणवत्ता को फायदा हो सकता है। एक फंड मैनेजर ने अपनी पहचान जाहिर न करने की शर्त पर कहा, 'सरकारी बैंकों का प्रावधान पूर्व परिचालन मुनाफा से मुनाफे में रूपांतरण का चक्र कम है।
इसलिए प्रावधान में होने वाली किसी भी कटौती से सीधे तौर पर उन्हें प्रावधान पूर्व मुनाफा होता है।' उनके अनुसार, प्रतिफल न मिलने के साथ ही उन्हें उनके ट्रेजरी बुक से सबसे अधिक फायदा होगा। हालांकि कृषि ऋण माफी अथवा एमएसएमई को मुद्रा ऋण जैसे सरकारी हस्तक्षेप से इन बैंकों की वित्तीय सेहत प्रभावित हो सकती है। जबकि विश्लेषकों को आईसीआईसीआई बैंक के लिए नए सिरे से रेटिंग दिख रही है।
एडलवाइस के विश्लेषकों ने एक नोट में कहा है, 'हमारा मानना है कि आईसीआईसीआई बैंक परिसंपत्ति गुणवत्ता वृद्धि में सुधार, जबरदस्त सीएएसए फ्रैंचाइजी, कुशलता लाभ और शुद्ध ब्याज मार्जिन में सुधार (सख्त नकदी प्रवाह की स्थिति में प्रतिस्पर्धा कम होने कारण मूल्य निर्धारण की ताकत बढऩे के बावजूद) के साथ अगले चक्र के लिए पूरी तरह तैयार है।'
हालांकि बैंक को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि ऋण अनुपात में बदलाव के कारण खुदरा उत्पादों से प्रतिफल घटने और ऋण एवं जमा के लिए नए सिरे से मूल्य निर्धारण में समय लगने के कारण निकट भविष्य में मार्जिन पर दबाव दिख सकता है।
विश्लेषकों ने ऐक्सिस बैंक के लिए भी सकारात्मम अनुमान जाहिर किया है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने कहा, 'लघु अवधि में फंसे कर्ज में वृद्धि बराकर रहने के बावजूद हम उम्मीद करते हैं कि दीर्घावधि में परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार होगा।
Keyword: Mutual fund, investment, money flow, private sector, ICICI bank, Axis bank,
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