बिजनेस स्टैंडर्ड - भारत में सुस्त रहेगी एमेजॉन की निवेश रफ्तार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, February 21, 2019 12:25 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

भारत में सुस्त रहेगी एमेजॉन की निवेश रफ्तार

करण चौधरी / नई दिल्ली January 16, 2019

जेफ बेजोस के नेतृत्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन अपने भारतीय कारोबार के लिए निवेश योजनाओं को लोक सभा चुनाव संपन्न होने और नई सरकार के गठन होने तक टाल सकती है। सूत्रों का कहना है कि एमेजॉन इंडिया फिलहाल नियामकीय बाधाओं से जूझ रही है जिससे करीब 1 अरब डॉलर निवेश योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। एक सूत्र ने कहा, 'कम से कम साल की दूसरी छमाही तक कोई नया निवेश नहीं होगा।' एमेजॉन इंडिया प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) दिशानिर्देश के कुछ पहलुओं पर सरकार से स्पष्टïीकरण का इंतजार कर रही है। हालांकि अब तक मिले संकेतों से पता चलता है कि आम चुनाव नजदीक होने के कारण नीतिगत दिशानिर्देशों में कोई खास बदलाव नहीं होने जा रहा है।
 
हालांकि अमेरिका की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी इन दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए औद्योगिक नीति एवं संवद्र्धन विभाग (डीआईपीपी) द्वारा निर्धारित 1 फरवरी की समय-सीमा में विस्तार की उम्मीद कर रही है। एक अन्य सूत्र ने बताया कि अनिश्चित नीतिगत माहौल में कंपनी ताजा निवेश के जरिये अपने कारोबार का विस्तार फिलहाल रोक सकती है। एमेजॉन ने अपने भारतीय कारोबार में 5.5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई थी और 2019 के लिए 1 अरब डॉलर का निवेश उसी का हिस्सा है। पिछले पांच वर्षों के दौरान भारत में कंपनी ने 3.5 से 4 अरब डॉलर का निवेश किया है। पिछले साल एमेजॉन ने देश में 95 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश किया था।
 
एमेजॉन इंडिया ने अधिकांश निवेश श्रमबल, गोदाम, बुनियादी ढांचा विकास के साथ-साथ देश में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर किया है। कंपनी अब करीब 100 फीसदी पिन कोड के दायरे में डिलिवरी करती है और देश में उसके पास करीब 70 गोदाम मौजूद हैं। एमेजॉन इंडिया के (प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष) कर्मचारियों की संख्या करीब 45 हजार है। कंपनी के एक करीबी सूत्र ने कहा, 'हर साल कंपनी जरूरत के हिसाब से विभिन्न चरणों में निवेश करती है। लेकिन इस साल उसकी रणनीति अलग हो सकती है। 
 
फिलहाल कंपनी मुख्य तौर पर डीआईपीपी से समय-सीमा में विस्तार हासिल करना चाहती है और उसके बाद दिशानिर्देशों में सभी बदलाव पर स्पष्टïीकरण। उसके बाद ही कंपनी भारत में कोई ताजा पूंजी निवेश कर सकती है।' यदि एमेजॉन इंडिया और वॉलमार्ट द्वारा अधिग्रहीत फ्लिपकार्ट 1 फरवरी की निर्धारित समय-सीमा में विस्तार हासिल करने में विफल रहती हैं तो वे अपने कुछ कारोबार को रोक सकती है। निजी लेबल की बिक्री से लेकर विक्रेता कंपनियों में हिस्सेदारी, फ्लैश सेल से लेकर भारी छूट की पेशकश तक नए दिशानिर्देश भारत में ई-कॉमर्स कंपनियों की राह बदल देंगे।
 
क्लाउडटेल इंडिया और एपैरियो रिटेल में एमेजॉन की अप्रत्यक्ष तौर पर स्वामित्व है जो उसके प्लेटफॉर्म पर संभवत: सबसे बड़े वेंडर हैं। रिटेलनेट और ओमनीटेक रिटेल के साथ फ्लिपकार्ट में भी यही स्थिति है। कंपनी के एक करीबी सूत्र ने कहा, 'फिलहाल ये दिशानिर्देश स्पष्टï नहीं हैं। यदि 1 फरवरी से उसे लागू किया जाता है तो एमेजॉन और वॉलमार्ट को अपने निजी लेबल का परिचालन बंद करना होगा। एमेजॉन को उन खुदरा कंपनियों के उत्पादों की बिक्री पर भी रोक लगानी पड़ेगी जिसमें उसकी अल्पांश हिस्सेदारी है जैसे शॉपर्स स्टॉप और मोर। इसके अलावा उसे अपनी फूड-वनली रिटेल फर्म एमेजॉन रिटेल प्राइवेट लिमिटेड (एआरआईपीएल) का परिचालन भी बंद करना पड़ सकता है।' 
 
सूत्रों के अनुसार, एमेजॉन और वॉलमार्ट के सार्वजनिक नीति टीम राहत पाने के लिए डीआईपीपी के अधिकारियों से संपर्क में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डीआईपीपी ने कुछ दिन पहले निजी लेबल पर स्पष्टïीकरण जारी किया था लेकिन यह अभी भी स्पष्टï नहीं हो पाया है कि उन्हें इन लेबलों की अनुमति है अथवा नहीं। एक सूत्र ने कहा, 'स्पष्टïीकरण में केवल इतना कहा गया है कि सरकार निजी लेबल के खिलाफ नहीं है। लेकिन यह स्पष्टï नहीं हो पाया है कि निवेश वाली फर्म पर यह किस प्रकार लागू होगा।'
Keyword: e commerce, amazon, sale,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

मूल्य निर्धारण दबाव के बीच हिंद जिंक का शानदार प्रदर्शन

Investmentsहिंदुस्तान जिंक ने दिसंबर 2018 की तिमाही में अपने वित्तीय प्रदर्शन में सुधार

एसबीआई लाइफ कई मानकों पर प्रतिस्पर्धियों से आगे

मजबूत बिक्री से एशियन पेंट्स की बढ़ी चमक

तेल विपणन कंपनियों पर विश्लेषक सतर्क

मिड-कैप के लिए आय परिदृश्य मजबूत बना हुआ है

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.