बिजनेस स्टैंडर्ड - एक दिन में मिल जाएगा कर रिफंड
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एक दिन में मिल जाएगा कर रिफंड

अभिषेक वाघमारे / नई दिल्ली 01 16, 2019

रिटर्न एवं रिफंड प्रक्रिया में आएगी तेजी

सरकार ने 2020 तक रिटर्न एवं रिफंड प्रक्रिया को तेज बनाने की परियोजना को दी मंजूरी
4,241 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना को इन्फोसिस करेगी विकसित
नई व्यवस्था के तहत रिफंड का समय मौजूदा 63 दिन से घटकर एक दिन रह जाएगा

बिजनेस स्टैंडर्ड एक दिन में मिल जाएगा कर रिफंडआयकर भरने वालों को राहत देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आयकर ई-फाइलिंग और केंद्रीकृत प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) के एकीकरण को आज मंजूरी दे दी। इस कदम से आयकर रिटर्न प्रोसेसिंग का समय मौजूदा 63 दिन से घटकर महज एक दिन रह जाएगा। इससे रिफंड एक दिन में ही सुनिश्चित हो सकेगा। हालांकि इन बदलावों के लिए करीब 18 महीने का इंतजार करना होगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा, 'अभी करदाताओं को रिफंड प्रक्रिया में देरी के कारण परेशानी होती है और सीबीडीटी को लंबित रिफंड पर ब्याज भुगतान के लिए हर साल काफी पैसा खर्च करना पड़ता है लेकिन अब यह बीते दिनों की बात हो जाएगी।'

पिछले महीने सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा था कि जल्द ही रिटर्न की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा और इसके तहत विभाग करदाताओं की स्व-घोषणा को प्रोसेस करेगा। नए पोर्टल में इन बदलावों को शामिल किया जाएगा। अभी ई-फाइलिंग पोर्टल और सीपीसी अलग-अलग काम करता है। ई-फाइलिंग को 2006 से धीरे-धीरे विकसित किया गया है, वहीं बेंगलूरु के सीपीसी ने अगस्त 2013 से रिटर्न प्रसंस्करण की प्रमुख एजेंसी के तौर पर काम करना शुरू किया था।

गोयल ने कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा अगली पीढ़ी की प्रणाली विकसित करने के लिए जारी निविदा में इन्फोसिस सबसे कम शुल्क पर बोली लगाने वाली कंपनी के तौर पर सामने आई। कंपनी आईटीआर-सीपीसी 2.8 परियोजना को 18 महीने में विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि नई पोर्टल का मकसद जांच-पड़ताल के दायरे को बढ़ाना नहीं है। अभी कुल भरे गए आयकर रिटर्न का महज 0.3 फीसदी की जांच-पड़ताल की जाती है। गोयल के मुताबिक इस प्रणाली से करदाताओं की शिकायतें दूर होंगी और साथ ही साथ सीबीडीटी के कार मांग में भी तेजी आएगी।

गोयल ने कहा कि 2.0 परियोजना की लागत 4,241 करोड़ रुपये आएगी। सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है, 'इस निर्णय से सभी श्रेणी के करदाताओं के रिटर्न का प्रसंस्करण एकसमान, नियमानुसार और चिह्निïत किए बगैर सुनिश्चित होगी। इससे कर प्रणाली में पारदर्शिता आगएी।'मौजूदा आईटीआर-सीपीसी 1.0 प्रणाली में करीब 23 करोड़ आयकर रिटर्न का प्रसंस्करण किया जाता है और सितंबर 2018 तक 2.62 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए। इनमें से 1.83 लाख करोड़ रुपये के रिफंड 2018-19 में जारी किए गए।

Keyword: income tax, CBDT, आयकर विभाग कराधान,
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